

बिलासपुर। देवरीखुर्द के एक साधारण परिवार के लिए एक समय ऐसा आया जब उनके सामने उम्मीद की कोई किरण नजर नहीं आ रही थी। लेकिन मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना ने उनके जीवन में नई रोशनी भर दी। इस योजना के तहत 15 वर्षीय शिवांश रामटेके को 15 लाख रुपये की आर्थिक सहायता मिली, जिससे उसका गंभीर सिकल सेल रोग का इलाज संभव हो पाया।

शिवांश के पिता मनीष रामटेके, जो एक निजी कंपनी में कार्यरत हैं, बताते हैं कि बेटे की बीमारी की जानकारी मिलते ही उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। सिकल सेल जैसी गंभीर बीमारी का इलाज बेहद महंगा था, जिसे वह अपने सीमित साधनों से पूरा नहीं कर सकते थे। ऐसे मुश्किल समय में उन्हें मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के बारे में पता चला।
उन्होंने बिना देर किए इस योजना के लिए आवेदन किया। राहत की बात यह रही कि उनका आवेदन तेजी से स्वीकृत हो गया और इलाज के लिए 15 लाख रुपये की सहायता राशि मंजूर कर दी गई। यह उनके परिवार के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं था।
मनीष रामटेके भावुक होकर बताते हैं कि यह दिन उनके जीवन का सबसे खुशी भरा दिन था। उन्हें अपने बेटे के जीवन को बचाने की उम्मीद मिली। इस आर्थिक सहायता से शिवांश का इलाज सुचारू रूप से हुआ और अब वह स्वस्थ है तथा डॉक्टरों की निगरानी में है।
शिवांश के पिता ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति गहरा आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी संवेदनशील पहल ने उनके बेटे को नया जीवन दिया है। इस योजना ने न केवल एक बच्चे की जान बचाई, बल्कि पूरे परिवार को फिर से खुशियां लौटाई हैं।
यह कहानी इस बात का उदाहरण है कि सही समय पर मिली मदद किसी के जीवन में कितना बड़ा बदलाव ला सकती है।



