

बिलासपुर। हनुमान जयंती के पावन अवसर पर वैशाली नगर स्थित उषा हाइट्स में भक्ति और आध्यात्म का अद्भुत माहौल देखने को मिला। इस अवसर पर सुंदरकांड पाठ और हनुमान चालीसा का सामूहिक आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। भक्ति रस में डूबे इस आयोजन के बाद उपस्थित जनसमूह को हिंदुत्व और उसके वैज्ञानिक पक्ष पर विस्तृत जानकारी दी गई।

कार्यक्रम में वक्ता के रूप में उपस्थित ललित अग्रवाल ने कहा कि आज के समय में हिंदू धर्म और हिंदुत्व को सही और वास्तविक परिप्रेक्ष्य में समझने की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि भारत को प्राचीन काल में ‘सिंधुस्थान’ कहा जाता था, क्योंकि यहां हिमालय से निकलने वाली बारहमासी नदियों की बहुलता थी। समय के साथ भाषा में परिवर्तन हुआ और ‘सिंधुस्थान’ अपभ्रंश होकर “हिंदुस्थान” बन गया, तथा यहां रहने वाले लोग ‘हिंदू’ कहलाए।
उन्होंने धर्म की व्याख्या करते हुए स्पष्ट किया कि धर्म का अर्थ किसी विशेष पूजा पद्धति से नहीं है, बल्कि यह जीवन के सही और गलत कार्यों का मापदंड है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि प्यासे को पानी पिलाना, गरीबों की सहायता करना, बीमार और असहाय लोगों की सेवा करना ही सच्चा मानव धर्म है। इस दृष्टिकोण से भारत में रहने वाला हर संवेदनशील और सहृदय व्यक्ति ‘ है, भले ही उसकी पूजा पद्धति अलग क्यों न हो।
ललित अग्रवाल ने हिंदुत्व को एक व्यापक जीवन दर्शन बताते हुए कहा कि यह सद्गुणों का समुच्चय है। नारी सम्मान, सहअस्तित्व में विश्वास, ‘ भवन्तु सुखिनः’ की भावना, ‘जियो और जीने दो’ का सिद्धांत, सभी को अपनी-अपनी आस्था के अनुसार पूजा करने की स्वतंत्रता देना, बड़ों का सम्मान करना और भारतीय संस्कृति व संस्कारों को बनाए रखना यही हिंदुत्व के मूल तत्व हैं।
कार्यक्रम का आयोजन शुभम विहार मानस मंडली द्वारा किया गया, जहां सुंदरकांड का यह 194वां पाठ संपन्न हुआ। इस अवसर पर शुभम विहार विकास समिति के अध्यक्ष अखिलानंद पांडेय सहित अखिलेश द्विवेदी, ए.के. स्वर्णकार, प्रमोद अवस्थी, विनोद अवस्थी, डी.के. सक्सेना, ईश्वर तिवारी, हेमा लांबा, पूजा मूंदड़ा, संगीता त्यागी, मंजू अग्रवाल, ममता केवल रामानी और जोनल कमिश्नर रंजना अग्रवाल सहित उषा हाइट्स के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में सभी ने मिलकर भगवान हनुमान से सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।



