

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में बर्ड फ्लू (एवियन इन्फ्लूएंजा) के खतरे को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। कोनी स्थित शासकीय कुक्कुट प्रक्षेत्र में संक्रमण की पुष्टि होने के बाद एहतियातन बड़ा फैसला लेते हुए कानन पेण्डारी जूलॉजिकल गार्डन को 25 मार्च 2026 से आगामी 7 दिनों के लिए पर्यटकों के लिए अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है।


प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि यह कदम संक्रमण के संभावित फैलाव को रोकने और वन्यजीवों के साथ-साथ आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है। चिड़ियाघर में बड़ी संख्या में पक्षी मौजूद हैं, ऐसे में किसी भी प्रकार की लापरवाही गंभीर परिणाम ला सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए जू को अस्थायी रूप से पूरी तरह बंद रखने का निर्णय लिया गया है।

इस अवधि के दौरान चिड़ियाघर परिसर में सघन स्तर पर साफ-सफाई और सैनिटाइजेशन अभियान चलाया जा रहा है। नियमित रूप से कीटाणुनाशक दवाओं का छिड़काव किया जा रहा है, ताकि वायरस के संक्रमण को जड़ से खत्म किया जा सके। इसके साथ ही जू में मौजूद सभी पक्षियों और अन्य वन्यजीवों की लगातार स्वास्थ्य निगरानी की जा रही है।
अधिकारियों के अनुसार, केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण द्वारा जारी मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) का सख्ती से पालन किया जा रहा है। जू परिसर में बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश पर पूरी तरह नियंत्रण रखा गया है और केवल अधिकृत कर्मचारियों को ही निर्धारित सुरक्षा उपायों के साथ अंदर जाने की अनुमति दी जा रही है।
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि जैव सुरक्षा (बायो-सिक्योरिटी) के सभी नियमों को कड़ाई से लागू किया गया है, ताकि संक्रमण का कोई भी जोखिम न रहे। इसके तहत कर्मचारियों के लिए भी विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं और उन्हें सुरक्षा उपकरणों का उपयोग अनिवार्य रूप से करने को कहा गया है।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं, बल्कि सतर्क रहें और प्रशासन का सहयोग करें। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर आगे भी जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
गौरतलब है कि बर्ड फ्लू एक संक्रामक बीमारी है, जो मुख्य रूप से पक्षियों में फैलती है, लेकिन सावधानी नहीं बरती जाए तो यह मानव स्वास्थ्य के लिए भी खतरा बन सकती है। ऐसे में प्रशासन द्वारा उठाए गए एहतियाती कदमों को बेहद जरूरी और महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
फिलहाल सभी की नजर अगले 7 दिनों पर टिकी हुई है। यदि स्थिति सामान्य रहती है तो जू को दोबारा पर्यटकों के लिए खोला जाएगा, अन्यथा बंद अवधि को आगे बढ़ाया भी जा सकता है।



