छत्तीसगढ़ विधानसभा का आखिरी दिन : पेपर लीक रोकने के लिए आएगा कड़ा कानून ; विपक्ष उठाएगा उद्योगों और घोटालों का मुद्दा..

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र का आज यानी शुक्रवार को आखिरी दिन है। सत्र का समापन हंगामेदार होने के आसार हैं। आज सदन में साय सरकार तीन महत्वपूर्ण विधेयक (बिल) पास कराने की तैयारी में है, वहीं विपक्ष ने सरकार को घेरने के लिए 71 ध्यानाकर्षण प्रस्तावों की झड़ी लगा दी है।

सत्र के अंतिम दिन सबका ध्यान उन विधेयकों पर रहेगा जो प्रदेश में भर्ती परीक्षाओं और सरकारी नौकरियों से जुड़े हैं।

भर्ती परीक्षाओं में धांधली रोकने के लिए नया बिल..

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज सदन में ‘छत्तीसगढ़ सार्वजनिक भर्ती विधेयक 2026’ पेश करेंगे। इस कानून का मकसद प्रतियोगी परीक्षाओं में होने वाली गड़बड़ी और पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकना है। इसके अलावा प्रदेश में भर्ती प्रक्रिया को पटरी पर लाने के लिए ‘छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल विधेयक 2026’ भी लाया जा रहा है। वाणिज्यिक कर मंत्री ओ.पी. चौधरी भी उपकर (संशोधन) विधेयक पेश करेंगे।

इन मुद्दों पर सरकार को घेरेगा विपक्ष..

प्रश्नकाल के दौरान विपक्ष ने कई बड़े मुद्दे उठाने की तैयारी की है :

प्रसाद योजना में गड़बड़ी : विधायक हर्षिता स्वामी बघेल डोंगरगढ़ में बन रहे ‘श्री यंत्र भवन’ के निर्माण में हुई अनियमितताओं का मामला उठाएंगी।

इंडस्ट्रियल कचरा : नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत प्रदेश के उद्योगों से निकलने वाले खतरनाक कचरे (वेस्ट) का मुद्दा उठाकर सरकार से जवाब मांगेंगे।

OPS और NPS का विकल्प : सीनियर विधायक पुन्नूलाल मोहले सरकारी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन और नई पेंशन योजना के चुनाव से जुड़ी समस्याओं को सदन में रखेंगे।

मैनपाट रिसॉर्ट : विधायक रामकुमार टोप्पो कर्मा एथनिक रिसॉर्ट के रखरखाव में हो रही लापरवाही का मुद्दा उठाएंगे।

सिटी बस और आबकारी विभाग पर भी सवाल..

आज सदन में कुल 71 ध्यानाकर्षण प्रस्ताव लगाए गए हैं। रायपुर शहर में नई सड़कों पर सिटी बस सेवा शुरू न होने को लेकर विधायक सुनील सोनी उपमुख्यमंत्री अरुण साव का ध्यान खींचेंगे। वहीं, रायपुर संभाग में आबकारी विभाग (Excise) के अफसरों की मनमानी और गड़बड़ियों पर विधायक तुलेश्वर मरकाम सरकार को घेरेंगे।