बिलासपुर में 1 मई से होगी मकानों की गिनती : कलेक्टर ने गांवों में जाकर जांची तैयारी; 23 मार्च से फील्ड स्टाफ की ट्रेनिंग..

बिलासपुर। जिले में जनगणना 2026-27 को लेकर प्रशासन ने कमर कस ली है। पहले चरण में 1 मई से मकानों की सूची बनाने (हाउस लिस्टिंग) का काम शुरू होगा। इसकी तैयारियों को देखने के लिए कलेक्टर संजय अग्रवाल खुद फील्ड पर उतरे। उन्होंने गुरुवार को सकरी, नेवसा, रतनपुर और रानीगांव क्षेत्रों का दौरा किया और अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए।

कलेक्टर ने साफ कर दिया कि जनगणना जैसे महत्वपूर्ण काम में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सारा डेटा डिजिटल माध्यम से जुटाया जाना है, इसलिए तकनीकी संसाधनों और कर्मचारियों की ट्रेनिंग में कोई कमी न रहे।

1 मई से 30 मई तक चलेगा पहला चरण..

जिले में जनगणना दो चरणों में पूरी होगी :

पहला चरण : 1 मई से 30 मई 2026 तक मकानों की लिस्टिंग और उनके उपयोग की जानकारी जुटाई जाएगी।

दूसरा चरण : सितंबर 2026 से मार्च 2027 तक असल जनसंख्या की गणना का काम चलेगा।

कलेक्टर ने बताया कि जिला स्तर के अधिकारियों और तहसीलदारों की ट्रेनिंग पूरी हो चुकी है। अब मैदानी स्तर पर काम करने वाले कर्मचारियों की ट्रेनिंग 23 मार्च से शुरू की जाएगी।

गोपनीय रहेगी जानकारी, कलेक्टर ने की सहयोग की अपील..

दौरे के दौरान कलेक्टर ने स्थानीय लोगों से भी बातचीत की। उन्होंने समझाया कि जनगणना देश के विकास के लिए क्यों जरूरी है। उन्होंने कहा, “आप जो जानकारी देंगे, उसी के आधार पर भविष्य की योजनाएं और सरकारी नीतियां बनेंगी।” कलेक्टर ने लोगों को भरोसा दिलाया कि उनकी निजी जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और इसका इस्तेमाल केवल आंकड़ों के लिए होगा।

अफसरों को दी डेडलाइन..

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने फील्ड में तैनात होने वाले कर्मचारियों की सूची और उनके पास उपलब्ध मोबाइल-टैबलेट जैसे तकनीकी सामानों की जानकारी ली। उन्होंने एडीएम और सहायक कलेक्टर को निर्देश दिया कि निगरानी व्यवस्था मजबूत रखें ताकि डेटा संकलन में कोई गलती न हो। इस दौरान सहायक कलेक्टर अरविंथ कुमारन, एडीएम शिव कुमार बनर्जी सहित तहसील स्तर के अधिकारी मौजूद रहे।