वन विभाग के संरक्षण प्रयासों से मनेन्द्रगढ़ का गोंडवाना मरीन फॉसिल पार्क बन रहा राष्ट्रीय शैक्षणिक केंद्र..अब तक 18 हजार टूरिस्ट पहुंचे..

मनेन्द्रगढ़ (एमसीबी)।छत्तीसगढ़ शासन के मार्गदर्शन एवं वन विभाग के सतत संरक्षण प्रयासों के परिणामस्वरूप मनेन्द्रगढ़ स्थित गोंडवाना मरीन फॉसिल पार्क आज शैक्षणिक, शोध एवं वैज्ञानिक पर्यटन के क्षेत्र में विशेष पहचान स्थापित कर रहा है। इसी क्रम में दिनांक 1/02/2026 को डॉ. हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय, सागर (मध्यप्रदेश) के एप्लाइड जियोलॉजी विभाग की एक शैक्षणिक टीम ने पार्क का अध्ययन भ्रमण किया।

इकोनॉमी एवं पेट्रोलॉजी एक्सकर्शन टूर के अंतर्गत आए एम.टेक द्वितीय वर्ष (चतुर्थ सेमेस्टर) के 27 विद्यार्थियों के साथ विभाग के प्रोफेसर डॉ. के.के. प्रजापति एवं डॉ. एस. सेल्व कुमार ने गोंडवाना मरीन फॉसिल पार्क में उपलब्ध दुर्लभ समुद्री जीवाश्मों एवं भूगर्भीय संरचनाओं का अवलोकन किया।

वन विभाग द्वारा किया गया समुचित संरक्षण एवं विकास..

जिले के वनमण्डलाधिकारी (DFO) मनीष कश्यप के नेतृत्व में वन विभाग द्वारा इस भूगर्भीय धरोहर के संरक्षण, सुरक्षा एवं सुव्यवस्थित विकास हेतु उल्लेखनीय कार्य किए गए हैं। पार्क क्षेत्र में संरक्षित सीमांकन, सूचना प्रदर्शक बोर्ड, नियंत्रित भ्रमण व्यवस्था तथा पर्यावरणीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए आवश्यक प्रबंधन कार्य सुनिश्चित किए गए हैं। इसके परिणामस्वरूप यह स्थल शोधार्थियों, विद्यार्थियों एवं पर्यटकों के लिए सुरक्षित और ज्ञानवर्धक केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है।

शासन की योजनाओं की दी गई जानकारी..

अध्ययन भ्रमण के दौरान एमसीबी जिले के पुरातत्व एवं पर्यटन नोडल अधिकारी डॉ. विनोद पांडेय द्वारा उपस्थित छात्रों एवं शिक्षकों को छत्तीसगढ़ शासन द्वारा गोंडवाना मरीन फॉसिल पार्क के संरक्षण, विकास एवं भावी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि शासन का उद्देश्य इस स्थल को वैज्ञानिक अध्ययन, जनजागरूकता एवं पर्यटन के समन्वित मॉडल के रूप में विकसित करना है।

स्थानीय सहभागिता से सुदृढ़ हुआ संरक्षण मॉडल..

भ्रमण के दौरान स्थानीय स्तर पर भूगर्भ विज्ञान के प्रति जागरूक नागरिकों द्वारा भी छात्रों के साथ अपने अनुभव साझा किए गए, जिससे यह स्पष्ट होता है कि वन विभाग की पहल को जब स्थानीय सहयोग प्राप्त होता है, तो संरक्षण प्रयास और अधिक प्रभावी बनते हैं।

वन विभाग की पहल को मिला शैक्षणिक मान्यता..

प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय की शैक्षणिक टीम का यह भ्रमण इस बात का प्रमाण है कि वन विभाग द्वारा किए गए संरक्षण एवं विकास कार्यों से गोंडवाना मरीन फॉसिल पार्क राष्ट्रीय शैक्षणिक मानचित्र पर अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज करा रहा है।

वन विभाग भविष्य में भी इस महत्वपूर्ण भूगर्भीय धरोहर के संरक्षण, संवर्धन एवं प्रचार-प्रसार हेतु निरंतर प्रयासरत रहेगा, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए यह अमूल्य प्राकृतिक विरासत सुरक्षित रह सके।

इस अवसर पर मनेंद्रगढ़ जिला के वनमण्डलाधिकारी (DFO) मनीष कश्यप ने कहा कि मनेन्द्रगढ़ का मरीन गोंडवाना फॉसिल पार्क छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि देश की एक अत्यंत महत्वपूर्ण भूगर्भीय धरोहर है। वन विभाग का निरंतर प्रयास रहा है कि इस दुर्लभ विरासत को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से संरक्षित करते हुए शोधार्थियों, विद्यार्थियों एवं पर्यटकों के लिए सुरक्षित और सुलभ बनाया जाए। डॉ. हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय जैसे प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान का यहां अध्ययन भ्रमण यह प्रमाणित करता है कि हमारे संरक्षण प्रयास सही दिशा में हैं।अप्रैल 2025 में उद्घाटन के बाद से अब तक यहाँ 18 हज़ार टूरिस्ट पहुँच चुके है। इसमें मध्य प्रदेश से भी बड़ी तादाद में टूरिस्ट्स आए है।