‘कागजों पर नहीं, जमीन पर दिखे योजनाओं का असर’, प्रभारी सचिव पिंगुआ ने अफसरों को दिया सुशासन का मंत्र..

बिलासपुर में विभागवार योजनाओं की समीक्षा, बायोमेट्रिक और ई-ऑफिस अनिवार्य करने के निर्देश ; 11 हजार सीएम हेल्पलाइन आवेदनों में 80 फीसदी का निराकरण..

बिलासपुर, 19 अगस्त 2026। सरकारी योजनाओं का उद्देश्य सिर्फ लक्ष्य पूरा करना या आंकड़े बढ़ाना नहीं, बल्कि जरूरतमंद लोगों के जीवन में वास्तविक बदलाव लाना है। योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने पर ही शासन की सफलता मानी जाएगी। यह बात वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव एवं बिलासपुर जिले के प्रभारी सचिव मनोज कुमार पिंगुआ ने बुधवार को जिला प्रशासन के अधिकारियों की बैठक में कही।

उन्होंने विभागवार योजनाओं और विकास कार्यों की विस्तार से समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सुशासन को सरकारी कामकाज का सबसे महत्वपूर्ण आधार बनाया जाए। उन्होंने कहा कि अधिकारी केवल विभागीय लक्ष्य हासिल करने तक सीमित न रहें, बल्कि हितग्राहियों से सीधे संवाद कर यह भी पता करें कि योजनाओं का लाभ वास्तव में उन्हें मिल रहा है या नहीं।

बैठक में कलेक्टर संजय अग्रवाल, एसएसपी रजनेश सिंह, नगर निगम आयुक्त प्रकाश सर्वे सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

योजना पूरी होना ही सफलता नहीं..

प्रभारी सचिव मनोज कुमार पिंगुआ ने कहा कि सरकारी योजनाओं की समीक्षा के दौरान अक्सर भौतिक और वित्तीय उपलब्धियों पर ज्यादा ध्यान दिया जाता है। लेकिन किसी योजना का असली मूल्यांकन इस बात से होना चाहिए कि उससे आम नागरिक को कितनी सुविधा मिली और उसके जीवन में कितना सकारात्मक बदलाव आया।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे योजनाओं के क्रियान्वयन के दौरान लोगों से संवाद करें और उनकी समस्याओं को समझें। सीएम हेल्पलाइन से मिलने वाले फीडबैक को भी उन्होंने शासन की कार्यप्रणाली सुधारने का महत्वपूर्ण माध्यम बताया। उन्होंने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को अपने काम का नियमित स्व-मूल्यांकन करने तथा आम लोगों के साथ विनम्र व्यवहार रखने की हिदायत दी।

समय पर दफ्तर पहुंचें अफसर-कर्मचारी, ई-ऑफिस से हो पत्राचार..

बैठक में सरकारी कार्यालयों की कार्यप्रणाली को लेकर भी प्रभारी सचिव ने सख्ती दिखाई। उन्होंने बायोमेट्रिक अटेंडेंस का अनिवार्य रूप से पालन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी-कर्मचारी समय पर कार्यालय पहुंचकर निर्धारित समय में अपना काम पूरा करें। इससे कार्यक्षमता बढ़ेगी और देर रात तक कार्यालयों में बैठने की जरूरत भी कम होगी। उन्होंने सभी शासकीय पत्राचार को ई-ऑफिस प्रणाली के माध्यम से करने के निर्देश दिए, ताकि कामकाज में पारदर्शिता और तेजी लाई जा सके।

जैविक खेती को बढ़ावा, बीज उत्पादन में आत्मनिर्भर बने जिला..

कृषि विभाग की समीक्षा के दौरान उन्होंने जिले में जैविक खेती को बढ़ावा देने पर जोर दिया। अधिकारियों ने बताया कि जिले में खाद और बीज की पर्याप्त उपलब्धता है तथा किसान नैनो डीएपी और नैनो यूरिया का उपयोग भी कर रहे हैं।

प्रभारी सचिव ने कहा कि जिले को बीज उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने धान के साथ-साथ दलहन और तिलहन फसलों को बढ़ावा देने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की भी जानकारी ली।

14 गौ धाम मंजूर, हितग्राहियों के जीवन में दिखे बदलाव..

पशु चिकित्सा विभाग की समीक्षा में बताया गया कि जिले में अब तक 14 गौ धामों को मंजूरी मिल चुकी है। प्रत्येक गौ धाम में करीब 200 पशुओं को रखने की क्षमता होगी। हितग्राहीमूलक योजनाओं की समीक्षा करते हुए मनोज कुमार पिंगुआ ने कहा कि केवल मुफ्त सामग्री या आर्थिक सहायता बांट देना योजना की सफलता नहीं है। सरकार की योजनाओं से गरीब और जरूरतमंद परिवारों के जीवन स्तर में स्थायी और दिखाई देने वाला बदलाव आना चाहिए।

मलेरिया के 61 मरीज, तीन का इलाज जारी..

स्वास्थ्य विभाग ने जिले में मलेरिया की स्थिति की जानकारी दी। अधिकारियों के अनुसार इस वर्ष अब तक 61 मरीज मलेरिया पॉजिटिव पाए गए हैं। इनमें तीन मरीजों का उपचार जारी है, जबकि बाकी मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। मौसमी बीमारियों से निपटने के लिए मितानिनों के पास आवश्यक दवाइयां उपलब्ध कराने की जानकारी भी बैठक में दी गई। प्रभारी सचिव ने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की नियमित निगरानी के निर्देश दिए।

भू-जल बचाने 275 इंजेक्शन वेल तैयार..

ग्रामीण क्षेत्रों में भू-जल संरक्षण की समीक्षा करते हुए मनोज कुमार पिंगुआ ने सभी गांवों में इंजेक्शन वेल निर्माण को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने बताया कि जिले में अब तक 275 इंजेक्शन वेल संरचनाओं का निर्माण किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि इन संरचनाओं का वास्तविक असर अगले गर्मी के मौसम में दिखाई देना चाहिए और भू-जल स्तर को बनाए रखने में इनका उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

स्कूलों में किताब और गणवेश बंटे, मिड-डे मील की 67% उपलब्धि पर नाराजगी..

स्कूल शिक्षा विभाग ने बताया कि जिले के सभी बच्चों को पाठ्य पुस्तक और गणवेश वितरित किए जा चुके हैं। वहीं मध्यान्ह भोजन योजना की 67 प्रतिशत उपलब्धि को प्रभारी सचिव ने अपर्याप्त माना और इसमें सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने स्कूलों में योजनाओं की नियमित निगरानी, भोजन की गुणवत्ता और बच्चों तक योजनाओं का पूरा लाभ पहुंचाने पर विशेष ध्यान देने को कहा।

अरपा के जीर्णोद्धार और शहर के ट्रैफिक पर भी मंथन..

बैठक में बिलासपुर की अरपा नदी के जीर्णोद्धार एवं पुनरुद्धार के लिए चल रही योजनाओं की भी समीक्षा की गई। इसके अलावा शहर में बढ़ते यातायात दबाव और जाम की समस्या पर भी चर्चा हुई। प्रभारी सचिव ने अधिकारियों से तत्कालिक उपायों के साथ-साथ दीर्घकालिक और प्रभावी ट्रैफिक समाधान तैयार करने पर जोर दिया, ताकि आने वाले समय में शहर की यातायात व्यवस्था बेहतर हो सके।

11 हजार सीएम हेल्पलाइन आवेदन, 80 फीसदी का निराकरण..

सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा में बताया गया कि जिले में अब तक करीब 11 हजार आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें लगभग 80 प्रतिशत शिकायतों का निराकरण किया जा चुका है। सबसे ज्यादा शिकायतें बिजली, राजस्व और नगर निगम से संबंधित बताई गईं। प्रभारी सचिव ने अधिकारियों को लंबित मामलों का समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिकायत बंद करने के बजाय समस्या का वास्तविक समाधान होना चाहिए।

450 से ज्यादा गांवों में 900 से अधिक कार्य स्वीकृत..

ग्रामीण विकास के लिए वीबी रामजी योजना के बेहतर उपयोग पर भी बैठक में जोर दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि जिले के साढ़े चार सौ से अधिक गांवों में 900 से ज्यादा कार्य स्वीकृत किए जा चुके हैं।

प्रभारी सचिव ने स्वीकृत कार्यों की गुणवत्ता और समय पर पूर्णता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों का लाभ ग्रामीणों को समय पर मिलना चाहिए।

120 करोड़ के नालंदा परिसर की प्रगति की समीक्षा..

प्रभारी सचिव ने बिलासपुर में करीब 13 एकड़ क्षेत्र में 120 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन नालंदा परिसर की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने इसे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का ड्रीम प्रोजेक्ट बताते हुए निर्माण कार्य को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए।

बैठक के अंत में कलेक्टर संजय अग्रवाल ने प्रभारी सचिव मनोज कुमार पिंगुआ द्वारा दिए गए सभी निर्देशों का जिले में पूरी गंभीरता और प्राथमिकता के साथ पालन सुनिश्चित करने का भरोसा दिलाया।

बैठक का मुख्य संदेश साफ रहा – सरकारी योजनाओं की सफलता फाइलों और आंकड़ों में नहीं, बल्कि आम लोगों की जिंदगी में दिखाई देने वाले बदलाव में है।