
रेमेडी सेलून एवं वेलनेस सेंटर में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स और खम्हारडीह पुलिस की संयुक्त दबिश ; 14.73 ग्राम एमडीएमए जब्त, कीमत करीब 1.47 लाख रुपये, ड्रग्स सप्लाई करने वालो और खरीदारों तक पहुंचने की कोशिश में पुलिस..

रायपुर। राजधानी में स्पा सेंटर और वेलनेस सेंटरों की गतिविधियों की जांच के बीच खम्हारडीह थाना क्षेत्र में एमडीएमए ड्रग्स मिलने का मामला सामने आया है। पुलिस ने शंकर नगर के पास स्थित रेमेडी सेलून एवं वेलनेस सेंटर में छापेमारी कर दो युवतियों और एक ट्रांसजेंडर व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, तीनों के कब्जे से कुल 14.73 ग्राम एमडीएमए ड्रग्स जब्त किया गया है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 1 लाख 47 हजार 300 रुपये बताई गई है। मामले में एनडीपीएस एक्ट की धारा 21(सी) के तहत अपराध दर्ज किया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि कथित तौर पर ड्रग्स कहां से लाया गया था और इसकी आपूर्ति किन लोगो तक की जानी थी।
मुखबिर की सूचना पर हुई कार्रवाई..
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 8 अक्टूबर को एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स को सूचना मिली थी कि खम्हारडीह थाना क्षेत्र में शंकर नगर के पास स्थित रेमेडी सेलून एवं वेलनेस सेंटर में एमडीएमए ड्रग्स की बिक्री की जा रही है। सूचना के आधार पर डीसीपी क्राइम स्मृतिक राजनाला और डीसीपी उत्तर क्षेत्र दीपमाला कश्यप के निर्देश पर कार्रवाई की योजना बनाई गई।
इसके बाद एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स और खम्हारडीह पुलिस की संयुक्त टीम ने बताए गए स्थान पर दबिश दी। पुलिस के अनुसार, मौके पर दो युवतियां और एक ट्रांसजेंडर व्यक्ति मिले। तलाशी के दौरान उनके कब्जे से एमडीएमए बरामद होने की बात कही गई है। इसके बाद तीनों को गिरफ्तार कर जब्त पदार्थ को नियमानुसार कार्रवाई के लिए लिया गया।
तीनों आरोपियो के खिलाफ मामला दर्ज..

पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आशा नायक (27), निवासी सुपेला दुर्ग, कृष्णा तिवारी (29), निवासी मोवा, रायपुर और हेमंत थापा (36), निवासी अवंति विहार, खम्हारडीह, रायपुर के रूप में बताई है। तीनों के खिलाफ खम्हारडीह थाने में एनडीपीएस एक्ट की धारा 21(सी) के तहत अपराध दर्ज किया गया है।

पुलिस के अनुसार, जब्त एमडीएमए की मात्रा 14.73 ग्राम है और इसकी अनुमानित कीमत 1,47,300 रुपये आंकी गई है। हालांकि, मामले में आरोपियो की भूमिका, कथित बिक्री से जुड़े साक्ष्य और ड्रग्स की आपूर्ति के स्रोत की पुष्टि जांच के दौरान जुटाए जाने वाले तथ्यों पर निर्भर करेगी। गिरफ्तारी और अपराध दर्ज होने के आधार पर ही आरोपो को अंतिम रूप से सिद्ध नहीं माना जा सकता।
ड्रग्स कहां से आया, किसे होनी थी सप्लाई?
इस मामले में पुलिस की जांच अब केवल जब्त ड्रग्स तक सीमित नहीं है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों से पूछताछ कर ड्रग्स की खरीद, आपूर्ति और संभावित वितरण से जुड़े संपर्कों का पता लगाया जा रहा है। जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि एमडीएमए किस व्यक्ति या नेटवर्क से प्राप्त किया गया था और इससे जुड़े अन्य लोग कौन हैं।
पुलिस इसे बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज के आधार पर आगे बढ़ा रही है। बैकवर्ड लिंकेज के तहत ड्रग्स के स्रोत और सप्लायरो की जानकारी जुटाई जाती है, जबकि फॉरवर्ड लिंकेज में संभावित खरीदारों, वितरणकर्ताओं और आगे की आपूर्ति से जुड़े संपर्कों की जांच की जाती है। यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता के साक्ष्य मिलते हैं, तो उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
स्पा सेंटर की आड़ में कारोबार के आरोप की जांच जरूरी..
इस कार्रवाई के बाद स्पा सेंटर में कथित तौर पर ड्रग्स की बिक्री होने के आरोप ने भी ध्यान खींचा है। हालांकि, किसी एक प्रतिष्ठान में मादक पदार्थ मिलने के आधार पर पूरे स्पा या वेलनेस सेंटर कारोबार को संदेह के दायरे में रखना उचित नही होगा। जांच का मुख्य सवाल यह है कि परिसर में प्रतिबंधित पदार्थ किस परिस्थिति में मिला, आरोपियो की वास्तविक भूमिका क्या थी और क्या इस गतिविधि से जुड़े अन्य लोगो के खिलाफ भी कोई साक्ष्य सामने आते हैं।
यदि जांच में यह प्रमाणित होता है कि परिसर का इस्तेमाल मादक पदार्थों की बिक्री या वितरण के लिए किया जा रहा था, तो संबंधित तथ्यो के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल पुलिस की ओर से दी गई जानकारी और दर्ज मामले के आधार पर जांच जारी है।
जांच के नतीजों पर टिकी नजर..
राजधानी में मादक पदार्थों की आपूर्ति और बिक्री पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस की कार्रवाई के बीच यह मामला सामने आया है। अब जांच के जरिए ड्रग्स के स्रोत, संभावित खरीदारों और आपूर्ति नेटवर्क के बारे में कितनी जानकारी सामने आती है, यह महत्वपूर्ण होगा। फिलहाल तीनों आरोपी पुलिस की कार्रवाई के दायरे में हैं और उनके खिलाफ दर्ज आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के तहत साक्ष्यो के आधार पर होगी।







