भाजपा को कार्यकर्ताओं से आगे आमजन की पार्टी बनाने पर जोर..

प्रदेश महामंत्री संगठन पवन साय ने कहा – बूथ और शक्ति केंद्रों तक मजबूत हो सीधा संपर्क, नई पीढ़ी पुराने कार्यकर्ताओं के अनुभव से आगे बढ़े..

बिलासपुर, 24 अगस्त। भारतीय जनता पार्टी को केवल कार्यकर्ताओं और संगठन तक सीमित रखने के बजाय आम लोगों से जोड़ने की दिशा में लगातार काम करने की जरूरत है। पार्टी का संगठन तभी मजबूत होगा, जब पदाधिकारी और कार्यकर्ता समाज के हर वर्ग के बीच पहुंचकर उनके सुख-दुख में सहभागी बनेंगे। यह बात भाजपा के प्रदेश महामंत्री संगठन पवन साय ने बिलासपुर शहर जिला भाजपा के पदाधिकारियों की बैठक को संबोधित करते हुए कही।

बैठक में संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने, कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर समन्वय और बूथ स्तर तक नियमित संपर्क को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। पवन साय ने बैठक की शुरुआत में पदाधिकारियों से अपने विचार रखने को कहा और संगठन के कामकाज में संवाद व आपसी समन्वय को महत्वपूर्ण बताया।

संगठन की मजबूती का आधार समन्वय..

पवन साय ने कहा कि पार्टी का पदाधिकारी या कार्यकर्ता होने से पहले हर व्यक्ति एक इंसान है। हर व्यक्ति में कुछ अच्छाइयां और कुछ कमियां होना स्वाभाविक है। ऐसे में एक-दूसरे को समझते हुए साथ लेकर चलना ही समन्वय है। उन्होंने कहा कि संगठन में समन्वय केवल औपचारिक व्यवस्था नहीं, बल्कि एक-दूसरे की जरूरत और परिस्थितियों को समझकर सहयोग करने की भावना है।

उन्होंने पदाधिकारियों से कहा कि जिस तरह परिवार के सदस्यों के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाई जाती है, उसी भावना से पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ भी व्यवहार किया जाना चाहिए। जरूरतमंद और कमजोर कार्यकर्ताओं की आवश्यकताओं को समझकर उनके साथ खड़ा होना संगठन को मजबूत बनाता है। उन्होंने कहा कि इसके लिए व्यवहारिक दृष्टिकोण अपनाने की जरूरत है।

पद से ज्यादा जिम्मेदारी को महत्व देने की सीख..

प्रदेश महामंत्री संगठन ने पदाधिकारियों को उनके दायित्व और कर्तव्यों के प्रति पूरी निष्ठा के साथ काम करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि पार्टी को अपने परिवार की तरह समझकर उसे मजबूत और व्यवस्थित बनाने के लिए काम करना चाहिए। संगठन की जिम्मेदारी मिलने के बाद पदाधिकारी की भूमिका केवल बैठकों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उसका सीधा असर बूथ और आम कार्यकर्ता तक दिखाई देना चाहिए।

उन्होंने जिला और मंडल पदाधिकारियों से शक्ति केंद्रों तथा बूथ स्तर पर नियमित प्रवास करने और कार्यकर्ताओं से प्रत्यक्ष संपर्क बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं तक पहुंचने के लिए नियमित संवाद जरूरी है। इससे संगठन की वास्तविक स्थिति की जानकारी भी मिलती है और कार्यकर्ताओं की समस्याओं को समय पर समझा जा सकता है।

नई पीढ़ी को मिले पुराने कार्यकर्ताओं का अनुभव..

पवन साय ने संगठन में पीढ़ियों के बीच समन्वय को भी जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि पार्टी को मजबूत बनाने में पुरानी पीढ़ी के कार्यकर्ताओं के त्याग और तपस्या की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। नई पीढ़ी को उनके अनुभवों से सीख लेते हुए आगे बढ़ना चाहिए।

उन्होंने पदाधिकारियों से यह भी विचार करने को कहा कि वे आने वाली पीढ़ी के लिए संगठन में क्या छोड़कर जाना चाहते हैं। नई पीढ़ी के कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियां देकर उन्हें तैयार करना संगठन की निरंतरता के लिए जरूरी है। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति में क्षमता और योग्यता होती है, जरूरत केवल उसकी क्षमता को सही दिशा में उपयोग करने की है।

कृषि के साथ घरेलू उद्योगों की भूमिका पर भी चर्चा..

बैठक में देश की आत्मनिर्भरता के संदर्भ में कृषि और घरेलू उद्योगों की भूमिका पर भी चर्चा हुई। पवन साय ने कहा कि भारत कृषि प्रधान देश है, लेकिन लंबे समय से घरेलू और छोटे उद्योगों ने भी देश की अर्थव्यवस्था तथा आत्मनिर्भरता में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने स्थानीय स्तर पर लोगों की क्षमता और संसाधनों को पहचानकर उन्हें आगे बढ़ाने की आवश्यकता बताई।

संगठन को बूथ तक मजबूत करने की रणनीति..

बैठक का मुख्य फोकस संगठन को जमीनी स्तर पर और प्रभावी बनाने पर रहा। जिला और मंडल स्तर के पदाधिकारियों को शक्ति केंद्रों तथा बूथों तक नियमित पहुंच बनाने, कार्यकर्ताओं के साथ संवाद बढ़ाने और समाज के विभिन्न वर्गों से संपर्क मजबूत करने पर जोर दिया गया।

इस दौरान तखतपुर विधायक धरमजीत सिंह, बिलासपुर संभाग प्रभारी जगदीश रामू रोहरा, संभाग सह प्रभारी अभिषेक शुक्ला, भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक सिंह सहित जिला एवं मंडल स्तर के बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। बैठक में संगठनात्मक गतिविधियों को गति देने और आमजन के बीच पार्टी की पहुंच बढ़ाने को लेकर कार्यकर्ताओं ने भी अपने विचार साझा किए।