2047 के विकसित भारत की नींव रखेगा आज का युवा, कौशल और नवाचार से बदलेगी देश की तस्वीर..

अमर अग्रवाल ने युवा संवाद में मानसिक स्वास्थ्य, रोजगार, आत्मनिर्भरता और लोकतांत्रिक जिम्मेदारी पर दिया जोर; साइनेक्स मिलेनियम प्रदर्शनी में विद्यार्थियों के नवाचार को सराहा..

बिलासपुर। वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य तभी पूरा होगा, जब देश का युवा कौशल, नवाचार, आत्मविश्वास और सामाजिक जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ेगा। युवाओं की प्रतिभा और सकारात्मक सोच देश के विकास की सबसे बड़ी ताकत है। उन्हें केवल रोजगार पाने तक सीमित रहने के बजाय रोजगार के नए अवसर पैदा करने, तकनीक को अपनाने और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने की दिशा में भी प्रयास करना चाहिए। यह बात पूर्व मंत्री एवं नगर विधायक अमर अग्रवाल ने सीएमडी महाविद्यालय में आयोजित विकसित भारत यूथ कन्वेंशन के तहत युवा संवाद कार्यक्रम में कही।

अमर अग्रवाल ने युवाओं से संवाद करते हुए कहा कि भारत दुनिया के सबसे युवा देशों में शामिल है। ऐसे में युवाओं की ऊर्जा, रचनात्मकता और नई सोच देश की प्रगति को नई दिशा दे सकती है। वर्ष 2047 तक विकसित भारत का संकल्प केवल सरकार के प्रयासों से पूरा नहीं होगा, बल्कि इसके लिए युवाओं, परिवारों, शैक्षणिक संस्थानों और समाज को मिलकर काम करना होगा। युवा देश के भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भागीदार हैं। इसलिए उन्हें अपनी शिक्षा, कौशल और व्यक्तित्व के विकास के साथ सामाजिक एवं लोकतांत्रिक जिम्मेदारियों के प्रति भी जागरूक रहना चाहिए।

रोजगार की तैयारी के साथ आत्मनिर्भर बनने पर जोर..

युवा संवाद में कौशल विकास, रोजगार, तकनीकी शिक्षा और उद्यमिता को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। अमर अग्रवाल ने कहा कि बदलती अर्थव्यवस्था और तकनीकी विकास के दौर में युवाओं के लिए अवसरों के नए रास्ते खुल रहे हैं। ऐसे में केवल सरकारी नौकरी की प्रतीक्षा करने के बजाय उन्हें अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार स्वरोजगार, स्टार्टअप और उद्यमिता की संभावनाओं पर भी विचार करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि तकनीकी शिक्षा और व्यावहारिक कौशल युवाओं को रोजगार के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। युवाओं को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), कोडिंग, डिजिटल शिक्षा और आधुनिक तकनीक से जुड़कर अपनी क्षमताओं को विकसित करना चाहिए। इससे वे देश के भीतर ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाने के लिए भी तैयार हो सकेंगे।

उन्होंने स्थानीय संसाधनों पर आधारित उद्योगों और स्वरोजगार को बढ़ावा देने की जरूरत भी बताई। उनके अनुसार, युवाओं को रोजगार तलाशने वाले के साथ रोजगार उपलब्ध कराने वाला बनने की दिशा में भी आगे बढ़ना चाहिए। केंद्र और राज्य सरकार की कौशल विकास, रोजगार तथा स्वरोजगार से जुड़ी योजनाओं का लाभ पात्र युवाओं तक पहुंचाना भी जरूरी है।

पढ़ाई और करियर के दबाव के बीच मानसिक स्वास्थ्य भी जरूरी..

युवाओं के सामने बढ़ती प्रतिस्पर्धा, प्रतियोगी परीक्षाओं, करियर और रोजगार की अनिश्चितता से जुड़ी चुनौतियों का उल्लेख करते हुए अमर अग्रवाल ने मानसिक स्वास्थ्य और आत्मविश्वास को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि सफलता की दौड़ में कई बार युवा अनावश्यक तनाव का सामना करने लगते हैं। सोशल मीडिया पर दूसरों की उपलब्धियों से लगातार अपनी तुलना करना भी उनके आत्मविश्वास को प्रभावित कर सकता है।

उन्होंने युवाओं को सलाह दी कि वे भविष्य की चिंता में अपनी वर्तमान क्षमता और ऊर्जा को व्यर्थ न करें। अपनी खूबियों को पहचानें, लक्ष्य तय करें और निरंतर प्रयास करते रहें। प्रत्येक व्यक्ति की सफलता का रास्ता अलग होता है, इसलिए दूसरों से तुलना करने के बजाय अपनी प्रगति पर ध्यान देना चाहिए।

उन्होंने परिवार, मित्रों और समाज की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया। युवाओं की समस्याओं को समझने के लिए उनसे खुलकर बातचीत करना जरूरी है। परिवार का सहयोग, सकारात्मक मित्रता और प्रेरक वातावरण उन्हें कठिन परिस्थितियों से उबरने में मदद कर सकते हैं।

वित्तीय अनुशासन और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की सलाह..

अमर अग्रवाल ने युवाओं को आर्थिक आत्मनिर्भरता के लिए बचत, संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग और भविष्य की योजनाबद्ध तैयारी का महत्व समझाया। उन्होंने कहा कि युवाओं की शिक्षा, कौशल और स्वरोजगार के अवसर परिवारों की आर्थिक मजबूती में योगदान दे सकते हैं। आर्थिक अनुशासन अपनाकर युवा अपने भविष्य को अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित बना सकते हैं।

उन्होंने युवाओं से नशे, गलत संगति, दिखावे और अनावश्यक खर्च से दूर रहने की अपील की। योग, ध्यान और खेलकूद को दिनचर्या का हिस्सा बनाने पर जोर देते हुए कहा कि स्वस्थ शरीर और संतुलित मन बेहतर निर्णय लेने तथा लक्ष्य हासिल करने में सहायक होते हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि आधुनिक तकनीक और वैश्विक अवसरों को अपनाने के साथ युवाओं को अपनी मातृभूमि, लोक संस्कृति, परंपराओं और नैतिक मूल्यों से जुड़े रहना चाहिए। तकनीकी दक्षता के साथ मानवीय संवेदनाएं और सामाजिक जिम्मेदारी भी उतनी ही आवश्यक हैं।

लोकतंत्र में युवाओं की भागीदारी भी अहम..

युवा संवाद में लोकतांत्रिक मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारी पर भी चर्चा हुई। अमर अग्रवाल ने कहा कि युवा केवल मतदान करने वाले नागरिक नहीं, बल्कि देश की विकास दिशा तय करने वाले महत्वपूर्ण भागीदार हैं। मतदान के अधिकार का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करना और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के प्रति जागरूक रहना प्रत्येक युवा का कर्तव्य है।

उन्होंने युवाओं से समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्गों के प्रति संवेदनशील रहने तथा सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने के प्रयासों में सहयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे, मानसिक तनाव और भटकाव से बचाकर विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए परिवार, समाज, शैक्षणिक संस्थानों और शासन के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है।

उन्होंने कौशल विकास एवं उद्यमिता, वित्तीय अनुशासन, नशामुक्ति, योग एवं ध्यान, खेलकूद, नैतिक मूल्यों और सामाजिक संवेदनशीलता को युवाओं के जीवन के सात महत्वपूर्ण सूत्रों के रूप में अपनाने पर जोर दिया। उनके अनुसार, आत्मविश्वास, अनुशासन और ईमानदारी के साथ आगे बढ़ने वाला युवा अपने साथ समाज और देश के विकास में भी योगदान दे सकता है।

साइनेक्स मिलेनियम में विद्यार्थियों के नवाचार को प्रोत्साहन..

इसी क्रम में अमर अग्रवाल डीपी महाविद्यालय में आयोजित विश्वविद्यालय स्तरीय विज्ञान, वाणिज्य एवं कला प्रदर्शनी ‘साइनेक्स मिलेनियम’ के उद्घाटन कार्यक्रम में भी शामिल हुए। यहां उन्होंने विद्यार्थियों की रचनात्मकता, वैज्ञानिक सोच और नवाचार को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि ऐसी प्रदर्शनियां विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने और नए विचारों को व्यावहारिक रूप देने का अवसर प्रदान करती हैं।

उन्होंने कहा कि विज्ञान, वाणिज्य और कला जैसे अलग-अलग विषय विद्यार्थियों की कल्पनाशीलता, व्यावहारिक ज्ञान और समस्याओं का समाधान खोजने की क्षमता को विकसित करते हैं। इस तरह के आयोजन विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान से आगे बढ़कर वास्तविक जीवन की चुनौतियों को समझने और उनके समाधान तलाशने के लिए प्रेरित करते हैं।

अमर अग्रवाल ने कहा कि विद्यार्थियों में जिज्ञासा, प्रयोग करने की प्रवृत्ति और सीखने की ललक बनी रहनी चाहिए। नए विचारों पर काम करने और अपनी क्षमताओं पर विश्वास रखने से वे भविष्य में बेहतर अवसर हासिल कर सकते हैं। विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की वैज्ञानिक दृष्टि, रचनात्मकता और नवाचार की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।

कार्यक्रम में भाजपा जिला अध्यक्ष दीपक सिंह, संजय दुबे, महाविद्यालय के प्राचार्य, विद्यार्थी, क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि और युवा साथी उपस्थित थे।