
भगोरा गांव में रायगढ़ वन परिक्षेत्र और उड़नदस्ता टीम की संयुक्त कार्रवाई; बिक्री के लिए लकड़ी तैयार करने की आशंका, भारतीय वन अधिनियम के तहत मामला दर्ज..

रायगढ़। जंगलों से बेशकीमती लकड़ी की अवैध कटाई और तस्करी पर रोक लगाने के लिए वन विभाग की कार्रवाई के बीच रायगढ़ वन परिक्षेत्र में साल की लकड़ी के अवैध भंडारण का मामला सामने आया है। वन परिक्षेत्र और उड़नदस्ता दल की संयुक्त टीम ने भगोरा गांव में एक घर पर दबिश देकर 23 नग साल का चिरान और लकड़ी काटने में इस्तेमाल होने वाला हाथ आरा जब्त किया है। वन विभाग ने इस मामले में एक व्यक्ति के खिलाफ भारतीय वन अधिनियम के तहत अपराध दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
वन विभाग को सूचना मिली थी कि भगोरा निवासी छोटूराम यादव (42) के घर में साल की लकड़ी का चिरान कर उसे रखा गया है। सूचना के आधार पर विभागीय अधिकारियों को अवगत कराया गया और संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। घर की जांच के दौरान अंदर और आंगन में साल के चिरान के 23 नग मिले। इसके साथ ही लकड़ी काटने में इस्तेमाल होने वाला हाथ आरा भी बरामद किया गया। वन अमले ने लकड़ी और औजार को जब्त कर लिया।
घर में लकड़ी का चिरान मिलने से शुरू हुई जांच..
वन विभाग के अनुसार, मौके पर मिली लकड़ी को लेकर आशंका है कि उसे बिक्री के उद्देश्य से चिरान कर रखा गया था। हालांकि, लकड़ी कहां से लाई गई थी, किस स्थान पर पेड़ काटे गए और इसमें अन्य लोगों की भूमिका है या नहीं, इन बिंदुओं की जांच की जा रही है। जंगल से अवैध रूप से लकड़ी काटकर लाने की आशंका की भी पड़ताल की जा रही है।
वन विभाग अब जब्त लकड़ी की मात्रा और कीमत का आकलन कर रहा है। इसके साथ ही यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि लकड़ी का चिरान कहां किया गया और क्या इसके परिवहन या भंडारण के संबंध में कोई वैध अनुमति अथवा दस्तावेज मौजूद हैं। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
साल की लकड़ी पर वन विभाग की नजर..
साल की लकड़ी का उपयोग विभिन्न निर्माण और अन्य कार्यों में किया जाता है। इसी वजह से इसकी अवैध कटाई, चिरान और बिक्री वन संपदा के संरक्षण के लिहाज से महत्वपूर्ण विषय हैं। वन विभाग का कहना है कि अवैध लकड़ी के भंडारण और कारोबार से जुड़ी सूचनाओं पर कार्रवाई की जा रही है।
भगोरा में हुई कार्रवाई के बाद अब जांच का महत्वपूर्ण पहलू लकड़ी का स्रोत पता लगाना है। यदि जांच में जंगल से अवैध कटाई या लकड़ी के अवैध परिवहन की पुष्टि होती है, तो संबंधित तथ्यों के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल, लकड़ी मिलने और उसे जब्त किए जाने के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
कीमत का आकलन और पूछताछ जारी..
रायगढ़ वन परिक्षेत्र के रेंजर संजय लकड़ा ने बताया कि वन अमले को सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंचकर जांच की गई थी। घर के अंदर और आंगन से साल का चिरान मिला है। जब्त लकड़ी की नापजोख कर उसकी कीमत का आकलन किया जा रहा है। मामले में संबंधित व्यक्ति से पूछताछ की जा रही है और आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।
संयुक्त टीम की कार्रवाई..
इस कार्रवाई में रायगढ़ वन परिक्षेत्र के रेंजर संजय लकड़ा, उड़नदस्ता दल के सहायक प्रभारी संदीप नामदेव, सोमेश टोप्पो, बोइरदादर परिसर रक्षक भूषण जांगड़े सहित अन्य वनकर्मी शामिल रहे।
जांच के प्रमुख बिंदु : वन विभाग के सामने अब लकड़ी के वास्तविक स्रोत का पता लगाने, चिरान के लिए पेड़ काटे जाने की स्थिति स्पष्ट करने, लकड़ी की अनुमानित कीमत निर्धारित करने और यह जांचने की चुनौती है कि इस मामले में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका भी है या नहीं। इन तथ्यों के सामने आने के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।







