गरबा की आड़ में प्रचार का विवाद : सिगरेट और पिस्टलनुमा वस्तु के साथ वीडियो वायरल, 9 गिरफ्तार.. देखें वीडियो..

इंस्टाग्राम और फेसबुक पर प्रसारित वीडियो को लेकर शिकायत के बाद सिविल लाइन पुलिस की कार्रवाई; सभी आरोपियों पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई भी, सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाली सामग्री से बचने की चेतावनी..

बिलासपुर।सोशल मीडिया पर लाइक, व्यूज और प्रचार पाने की होड़ में धार्मिक परंपराओं और सांस्कृतिक प्रतीकों का इस्तेमाल किस तरह विवाद का कारण बन सकता है, इसका एक मामला बिलासपुर में सामने आया है। गरबा की वेशभूषा में सिगरेट पीते और हाथ में पिस्टल जैसी वस्तु लेकर बनाए गए एक वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने कार्रवाई की है। शिकायत और उपलब्ध वीडियो के आधार पर सिविल लाइन थाना पुलिस ने नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ अलग से प्रतिबंधात्मक कार्रवाई भी की है। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।

देखें वीडियो वीडियो..

पुलिस के अनुसार, सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे इस वीडियो को लेकर एक शिकायतकर्ता ने सिविल लाइन थाने में लिखित शिकायत दी थी। शिकायत में बताया गया कि एक महिला और उसके महिला एवं पुरुष सहयोगियों ने गरबा नृत्य की वेशभूषा में सिगरेट पीते हुए और पिस्टल जैसी वस्तु हाथ में लेकर वीडियो बनाया। बताया गया कि इस वीडियो का इस्तेमाल गरबा टिकट और मेकअप के प्रचार-प्रसार के लिए किया गया तथा इसे इंस्टाग्राम और फेसबुक पर प्रसारित किया गया।

शिकायतकर्ता ने वीडियो में दिखाई गई गतिविधियों को भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं के विपरीत और अशोभनीय बताते हुए युवाओं पर इसके गलत प्रभाव पड़ने की आशंका जताई। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने उपलब्ध वीडियो के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

नौ आरोपियों पर कार्रवाई, प्रतिबंधात्मक कदम भी..

पुलिस ने इस मामले में अपराध क्रमांक 1390/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 196, 299 और 3(5) में अपराध पंजीबद्ध किया है। इसके बाद नौ आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। पुलिस के मुताबिक, सभी आरोपियों के खिलाफ अलग से प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करते हुए बाउंड ओवर की प्रक्रिया भी की जा रही है, ताकि भविष्य में कानून-व्यवस्था से जुड़ी स्थिति पैदा होने से रोका जा सके।

देखें वीडियो..

पुलिस की कार्रवाई के बाद यह मामला सोशल मीडिया पर प्रचार के लिए बनाए जाने वाले वीडियो और उनमें धार्मिक-सांस्कृतिक प्रतीकों के इस्तेमाल को लेकर चर्चा का विषय बन गया है। हालांकि, मामले में आरोपों की अंतिम कानूनी स्थिति जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगी।

प्रचार की होड़ में परंपराओं के इस्तेमाल पर सवाल..

गरबा केवल नृत्य या मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं से भी जुड़ा आयोजन है। ऐसे आयोजनों की वेशभूषा और प्रतीकों का इस्तेमाल व्यावसायिक प्रचार के लिए किया जाता है, तो उसके तरीके को लेकर सवाल उठ सकते हैं। सोशल मीडिया पर तेजी से ध्यान खींचने के लिए बनाए जाने वाले वीडियो में यदि सिगरेट या हथियार जैसी दिखने वाली वस्तुओं का प्रदर्शन हो, तो वह विवाद की वजह बन सकता है।

इस मामले में भी पुलिस को मिली शिकायत में वीडियो को सांस्कृतिक मर्यादाओं के विपरीत बताया गया है। हालांकि, किसी वीडियो को लेकर उठी आपत्ति और कानून के तहत अपराध साबित होने के बीच अंतर है। इसलिए मामले में आरोपों और पुलिस की कार्रवाई का आकलन जांच के निष्कर्षों तथा कानूनी प्रक्रिया के आधार पर किया जाना जरूरी है।

बिलासपुर पुलिस की सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं को चेतावनी..

बिलासपुर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि धार्मिक आस्था, परंपरा और सांस्कृतिक प्रतीकों का इस्तेमाल प्रचार या मनोरंजन के नाम पर इस तरह नहीं किया जाना चाहिए, जिससे किसी वर्ग की भावनाएं आहत होने या कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका पैदा हो।

पुलिस ने चेतावनी दी है कि सोशल मीडिया पर लाइक, व्यूज या प्रचार हासिल करने के लिए आपत्तिजनक सामग्री अथवा हथियारनुमा वस्तुओं का प्रदर्शन करने और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली आपत्तिजनक और भ्रामक सामग्री पर निगरानी रखी जा रही है। आम लोगों से भी अपील की गई है कि वे सोशल मीडिया का जिम्मेदारी से इस्तेमाल करें और किसी भी आपत्तिजनक सामग्री को बिना सत्यापन आगे साझा करने से बचें।

सवाल सिर्फ एक वीडियो का नहीं, बल्कि सोशल मीडिया पर प्रचार पाने के लिए अपनाए जाने वाले तरीकों का भी है। लोकप्रियता की होड़ में किसी धार्मिक या सांस्कृतिक आयोजन की पहचान और मर्यादा को विवाद का विषय बनाने से बचना जरूरी है।