
मंजूरपहरी में दो आरोपी गिरफ्तार, घर से चीतल का मांस बरामद; वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज..

बिलासपुर। वन्यप्राणी संरक्षण को लेकर चल रही कार्रवाई के बीच बिलासपुर वन विभाग की टीम ने वन्यप्राणी के अवैध शिकार के मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर वन परिक्षेत्र बिलासपुर और उड़नदस्ता की संयुक्त टीम ने मंजूरपहरी गांव के दहाइतपारा स्थित एक घर में दबिश देकर चीतल का मांस बरामद किया। मामले में दो आरोपियों को हिरासत में लेकर वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई शुरू की गई है।
वन विभाग के अनुसार, मुखबिर से सूचना मिली थी कि मंजूरपहरी गांव में वन्यप्राणी के अवैध शिकार से संबंधित गतिविधि हुई है। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम ने बिना देरी किए कार्रवाई की। वन परिक्षेत्र बिलासपुर और उड़नदस्ता की संयुक्त टीम ने आरोपी चैनसिंह (40) और राजकुमार (40), निवासी दहाइतपारा, ग्राम मंजूरपहरी, थाना सीपत के घर दबिश दी।
घर से मांस बरामद, पूछताछ में शिकार की बात सामने आने का दावा..
वन विभाग की टीम को तलाशी के दौरान घर से चीतल का मांस बरामद होने की जानकारी दी गई है। विभाग के मुताबिक पूछताछ में दोनों आरोपियों ने चीतल का अवैध शिकार करने और उसके मांस को पकाकर खाने की तैयारी किए जाने की बात स्वीकार की है। हालांकि, मामले में शिकार से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच वन विभाग द्वारा की जा रही है।
बरामद मांस को वन विभाग ने जब्ती में लेकर आवश्यक जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी है। विभाग यह भी पता लगाने में जुटा है कि शिकार की घटना कब और किस स्थान पर हुई तथा इसमें कोई अन्य व्यक्ति शामिल था या नहीं।
वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज..
वन विभाग ने दोनों आरोपियों के खिलाफ वन अपराध प्रकरण क्रमांक 17769/11, दिनांक 6 अक्टूबर 2026 दर्ज किया है। प्रकरण में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इसके बाद दोनों को न्यायालयीन प्रक्रिया के लिए प्रस्तुत किए जाने की कार्रवाई की जा रही है।
वन अधिकारियों के अनुसार, वन्यजीवों के अवैध शिकार और उनके मांस के उपयोग के मामलों में विभाग द्वारा लगातार निगरानी की जा रही है। मुखबिर तंत्र से मिलने वाली सूचनाओं के आधार पर संवेदनशील क्षेत्रों में कार्रवाई भी की जा रही है।
अधिकारियों के निर्देश पर संयुक्त टीम की कार्रवाई..
यह कार्रवाई मुख्य वन संरक्षक बिलासपुर मनोज पांडेय और वनमंडलाधिकारी नीरज के निर्देश पर, उपवनमंडलाधिकारी टी.आर. मरई के मार्गदर्शन तथा वन परिक्षेत्र अधिकारी यशपाल वर्मा के नेतृत्व में की गई।
संयुक्त टीम में उड़नदस्ता प्रभारी ऋतु साहू, वनक्षेत्रपाल शिव कुमार नाग, डिप्टी रेंजर संगीता तिर्की, वनपाल लोकमणी त्रिपाठी, जॉन केनेडी और सुनील कुमार जायसवाल शामिल रहे। वन परिक्षेत्र बिलासपुर से सीपत के प्रभारी लक्ष्मीकांत गढ़ेवाल, मंजूरपहरी के परिसर रक्षक राजकुमार चेलकर और कारीछापर के परिसर रक्षक राजा बघेल की भी कार्रवाई में महत्वपूर्ण भूमिका रही।
वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि वन्यप्राणियों के शिकार पर रोक लगाने के लिए लगातार गश्त और मुखबिर तंत्र को सक्रिय रखा गया है। अधिकारियों का कहना है कि जंगल और उसके आसपास वन्यजीवों के शिकार की किसी भी सूचना पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।







