करंट का जाल बिछाकर हाथी की जान लेने का आरोप, 18 घंटे में वन विभाग ने पकड़े 6 आरोपी.. देखें वीडियो..

जंगली सूअर के शिकार के लिए करीब डेढ़ किलोमीटर तक बिछाया था तार, हाथी की मौत के बाद जंगल में छिपा दिया था तार..

जशपुर। जशपुर वनमंडल के दुलदुला वन परिक्षेत्र में अवैध विद्युत तार के जरिए वन्यजीवों के शिकार के प्रयास के दौरान एक जंगली हाथी की मौत के मामले में वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। घटना की सूचना मिलने के करीब 18 घंटे के भीतर विभाग ने जांच करते हुए अब तक 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों को चिकित्सकीय परीक्षण और अन्य वैधानिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद न्यायालय में पेश करने की कार्रवाई की जा रही है। मामले में अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है।

घटना 24 सितंबर की सुबह करीब 8.30 बजे ग्राम ढोढीआरा के समीप जंगल क्षेत्र में सामने आई। ग्रामीणों ने जंगल में एक हाथी को मृत अवस्था में देखा, जिसके बाद वन विभाग को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही वन विभाग का मैदानी अमला और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। घटनास्थल पर ग्रामीणों की भीड़ जमा होने के कारण अधिकारियों ने उन्हें समझाइश देकर हटाया और पूरे क्षेत्र को सुरक्षित कर साक्ष्यों को संरक्षित करते हुए जांच शुरू की।

डेढ़ किलोमीटर तक बिछे तार के निशान मिले..

घटना की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग ने जांच के लिए गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान और पुलिस विभाग के डॉग स्क्वायड की मदद ली। घटनास्थल और आसपास के जंगल में व्यापक तलाशी अभियान चलाया गया। इस दौरान जंगल और खेतों की सीमा के आसपास करीब डेढ़ किलोमीटर तक विद्युत तार बिछाए जाने के निशान मिले।

जांच में यह भी सामने आया कि हाथी की मौत के बाद तार को घटनास्थल से हटा दिया गया था। प्रारंभिक जांच के अनुसार, खेतों में आने वाले जंगली सूअर अथवा अन्य वन्यजीवों के शिकार के उद्देश्य से अवैध रूप से तार बिछाकर उसमें बिजली प्रवाहित की गई थी। इसी तार की चपेट में हाथी के आने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि हाथी की मृत्यु के वास्तविक कारण की अंतिम पुष्टि फोरेंसिक जांच और संबंधित रिपोर्ट मिलने के बाद होगी।

तीन मकानों की तलाशी, तार और शिकार का सामान बरामद..

जांच के दौरान संदिग्ध लोगों से अलग-अलग पूछताछ की गई। पूछताछ से मिली जानकारी के आधार पर वन विभाग की टीम ने तीन मकानों की विधिवत तलाशी ली। यहां से विद्युत करंट लगाने में इस्तेमाल किए जाने वाले तार और अन्य सामग्री बरामद हुई। एक मकान से मोर पंख और वन्यजीवों के शिकार में इस्तेमाल होने वाला फंदा भी मिला है।

देखें वीडियो..

एक आरोपी की निशानदेही पर जंगल के अंदर करीब एक किलोमीटर दूर नाले के पास छिपाकर रखा गया विद्युत तार भी बरामद किया गया। तार बिछाने के मार्ग, घटनास्थल और बरामदगी की पूरी कार्रवाई की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी कराई गई है।

पूछताछ में करीब 11 लोगों के समूह की जानकारी..

प्रारंभिक पूछताछ में घटना में करीब 11 लोगों के समूह की संभावित संलिप्तता की जानकारी सामने आने की बात वन विभाग ने कही है। जांच के अनुसार तार बिछाने के बाद समूह के कुछ सदस्य गांव में एक व्यक्ति के घर पर रुके और वहां भोजन किया। इसके बाद रात या तड़के हाथी के विद्युत तार की चपेट में आने की आशंका है।

हाथी की मौत की जानकारी सामने आने के बाद तार को घटनास्थल से हटाकर जंगल में छिपाए जाने की बात भी जांच में सामने आई है। वन विभाग अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर अन्य संदिग्धों की भूमिका की जांच कर रहा है। साथ ही इनके पूर्व में किए गए संभावित वन्यजीव अपराधों से संबंध की भी पड़ताल की जा रही है।

पोस्टमार्टम के बाद हाथी को दफनाया गया..

मृत हाथी का निर्धारित प्रक्रिया के तहत सरगुजा से पहुंचे पशु चिकित्सक डॉ. अजीत पाण्डेय और स्थानीय पशु चिकित्सकों की टीम ने पोस्टमार्टम किया। पोस्टमार्टम के दौरान आवश्यक नमूने सुरक्षित किए गए हैं। हाथी की मौत का अंतिम कारण फोरेंसिक जांच और संबंधित रिपोर्ट मिलने के बाद स्पष्ट होगा। पोस्टमार्टम और आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद वन्यजीव एवं शासन के निर्धारित नियमों के अनुसार मृत हाथी को विधिवत दफनाया गया।

बिजली विभाग से भी मांगी जा रही जानकारी..

वन विभाग ने मामले की जांच को आगे बढ़ाते हुए विद्युत विभाग से तकनीकी परीक्षण और बिजली आपूर्ति से संबंधित आवश्यक अभिलेख भी मांगे हैं। इससे यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि जिस स्थान पर तार बिछाया गया था, वहां बिजली की आपूर्ति किस तरह की गई और घटना में विद्युत कनेक्शन का किस प्रकार इस्तेमाल हुआ।

वन विभाग का कहना है कि जांच अभी जारी है। उपलब्ध साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर मामले में अन्य लोगों की भूमिका सामने आने पर उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

वन्यजीव अपराधों पर निगरानी बढ़ाई..

वन विभाग ने कहा है कि वन क्षेत्रों में विद्युत करंट के जरिए वन्यजीवों के शिकार की घटनाओं को रोकने के लिए लगातार निगरानी और कार्रवाई की जा रही है। विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि जंगल अथवा खेतों के आसपास संदिग्ध विद्युत तार, शिकार के फंदे या वन्यजीवों से जुड़ी कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई देने पर तत्काल वन विभाग या निकटतम पुलिस थाने को सूचना दें।

प्रकरण में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 सहित अन्य लागू कानूनों के तहत कार्रवाई की जा रही है।

बाइट – वनमण्डलाधिकारी जशपुर