
छत्तीसगढ़ रेंजर्स एसोसिएशन ने पीसीसीएफ एवं वन बल प्रमुख को सौंपा मांग पत्र, विभागीय व्यवस्था में पारदर्शिता और प्रशासनिक नियंत्रण मजबूत करने की पहल..

रायपुर। छत्तीसगढ़ वन विभाग की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और प्रशासनिक नियंत्रण को लेकर छत्तीसगढ़ फॉरेस्ट रेंजर्स एसोसिएशन ने दो प्रमुख मांगें उठाई हैं। एसोसिएशन ने प्रदेश के सभी वन परिक्षेत्रों में निर्माण कार्य टेंडर अथवा निविदा प्रक्रिया के माध्यम से कराए जाने की मांग की है। इसके साथ ही वनक्षेत्रपालों को अपने अधीनस्थ कर्मचारियों के गोपनीय प्रतिवेदन पर मतांकन करने का अधिकार देने की मांग भी की गई है। एसोसिएशन का मानना है कि इन व्यवस्थाओं से निर्माण कार्यों में पारदर्शिता बढ़ाने और परिक्षेत्र स्तर पर प्रशासनिक नियंत्रण को प्रभावी बनाने में मदद मिल सकती है।

एसोसिएशन ने इस संबंध में प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख, छत्तीसगढ़, रायपुर को मांग पत्र सौंपा है। यह मांग पत्र 20 सितंबर 2026 को आयोजित एसोसिएशन की बैठक में पारित प्रस्ताव के आधार पर तैयार किया गया है। पत्र में विभागीय व्यवस्था से जुड़े दोनों विषयों पर विचार कर आवश्यक आदेश जारी करने का अनुरोध किया गया है।
सभी परिक्षेत्रों में निर्माण कार्य निविदा से कराने की मांग..
एसोसिएशन की पहली प्रमुख मांग प्रदेश के समस्त वन परिक्षेत्रों में होने वाले निर्माण कार्यों को टेंडर अथवा निविदा प्रक्रिया के माध्यम से कराने से संबंधित है। संगठन ने कहा है कि निर्माण कार्यों के लिए निविदा प्रक्रिया अपनाने की व्यवस्था लागू की जानी चाहिए।
इस मांग के जरिए एसोसिएशन ने वन विभाग में निर्माण कार्यों की प्रक्रिया को एक निर्धारित व्यवस्था के तहत संचालित करने पर जोर दिया है। संगठन चाहता है कि प्रदेश के सभी वन परिक्षेत्रों में निर्माण कार्यों के लिए निविदा प्रक्रिया अपनाने के संबंध में आवश्यक निर्देश जारी किए जाएं।
अधीनस्थ कर्मचारियों के गोपनीय प्रतिवेदन पर अधिकार देने की मांग..
एसोसिएशन ने दूसरी मांग वनक्षेत्रपालों के प्रशासनिक अधिकारों से जुड़ी उठाई है। संगठन का कहना है कि वनक्षेत्रपाल के अधीन कार्य करने वाले वनरक्षक, वनपाल और उपवनक्षेत्रपाल के गोपनीय प्रतिवेदन पर म लतांकन करने का अधिकार वनक्षेत्रपाल को दिया जाना चाहिए।
एसोसिएशन के अनुसार, वन परिक्षेत्र में इन कर्मचारियों के कार्यों की निगरानी और उनके कामकाज पर नियंत्रण की जिम्मेदारी वनक्षेत्रपाल के स्तर पर भी प्रभावी ढंग से निभाई जाती है। ऐसे में अधीनस्थ कर्मचारियों के गोपनीय प्रतिवेदन पर मतांकन का अधिकार मिलने से परिक्षेत्र स्तर पर प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने में सहायता मिल सकती है।
संगठन ने इस विषय पर विभागीय स्तर पर विचार कर आवश्यक निर्णय लेने का आग्रह किया है।
बैठक में प्रस्ताव पारित कर विभाग को भेजा मांग पत्र..
छत्तीसगढ़ फॉरेस्ट रेंजर्स एसोसिएशन की ओर से 20 सितंबर को आयोजित बैठक में इन मांगों पर प्रस्ताव पारित किया गया था। इसके बाद संगठन ने 23 सितंबर को प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख को पत्र भेजकर दोनों मांगों पर कार्रवाई का अनुरोध किया।

एसोसिएशन ने विभागीय प्रमुख से मांगों पर विचार करते हुए आवश्यक आदेश जारी करने का आग्रह किया है। अब इन मांगों पर वन विभाग के स्तर पर क्या निर्णय लिया जाता है, इस पर नजर रहेगी।

इन मांगों के केंद्र में निर्माण कार्यों की प्रक्रिया और परिक्षेत्र स्तर पर प्रशासनिक अधिकारों का सवाल है। एसोसिएशन ने दोनों विषयों को विभागीय व्यवस्था से जोड़ते हुए निर्णय लेने की मांग की है।







