सिम्स चौक स्थित श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर में शाम से सजेगी भजन संध्या, रात 12 बजे जन्मोत्सव और महाआरती के साथ होगा विशेष पूजन..

बिलासपुर। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का पर्व जन्माष्टमी आज शहर में श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। श्रीकृष्ण की 5253वीं जन्माष्टमी के अवसर पर मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना होगी। भगवान के जन्म की प्रतीक्षा में श्रद्धालु देर रात तक भजन-कीर्तन और धार्मिक आयोजनों में शामिल होंगे। आधी रात जैसे ही भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का शुभ समय होगा, मंदिरों में शंख-घंटियों की गूंज के बीच विशेष पूजा और महाआरती की जाएगी।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण भगवान विष्णु के आठवें अवतार माने जाते हैं। द्वापर युग में जब अत्याचार और अधर्म बढ़ गया था तथा मथुरा की प्रजा कंस के आतंक से परेशान थी, तब भगवान श्रीकृष्ण ने अवतार लेकर अधर्म के विरुद्ध संघर्ष किया। उन्होंने कंस के अत्याचार का अंत कर धर्म और सत्य की स्थापना का संदेश दिया। यही कारण है कि जन्माष्टमी केवल भगवान के जन्म का पर्व नहीं, बल्कि धर्म, सत्य, न्याय और सदाचार की विजय का उत्सव भी माना जाता है।
शाम 6 बजे से शुरू होगी भजन संध्या..
इसी धार्मिक भावना के साथ देवस्थान श्री लक्ष्मी नारायण सेवा संघ, श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर, सिम्स चौक, बिलासपुर में जन्माष्टमी महोत्सव का विशेष आयोजन किया जा रहा है। शुक्रवार 4 सितंबर को मंदिर परिसर में शाम 6 बजे से भजन संध्या का आयोजन होगा। भजनों और कृष्ण भक्ति के गीतों के बीच श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण की आराधना करेंगे। आयोजन देर रात तक चलेगा।

रात्रि 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के अवसर पर मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी। जन्मोत्सव के बाद भगवान की महाआरती होगी और श्रद्धालु भगवान के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त करेंगे। इस दौरान मंदिर परिसर में भक्तिमय वातावरण रहने की उम्मीद है।
कृष्ण जन्म के साथ मिलेगा धर्म और सदाचार का संदेश..
जन्माष्टमी के पर्व का धार्मिक महत्व भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और उनके उपदेशों से भी जुड़ा है। श्रीकृष्ण ने अपने जीवन के माध्यम से यह संदेश दिया कि परिस्थितियां कितनी भी कठिन क्यों न हों, सत्य और धर्म का मार्ग नहीं छोड़ना चाहिए। उनका जीवन कर्म, कर्तव्य और सत्य के प्रति समर्पण की प्रेरणा देता है।
आयोजकों का कहना है कि जन्माष्टमी का पर्व समाज में आपसी प्रेम, सद्भाव और भाईचारे की भावना को मजबूत करने का अवसर भी है। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के माध्यम से लोगों तक धर्म, सत्य और सदाचार का संदेश पहुंचाना आयोजन का प्रमुख उद्देश्य है।
सहपरिवार शामिल होने श्रद्धालुओं से अपील..
श्री लक्ष्मी नारायण सेवा संघ ने शहरवासियों और सभी श्रद्धालुओं से जन्माष्टमी महोत्सव में सहपरिवार शामिल होने की अपील की है। आयोजकों ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव में शामिल होकर श्रद्धालु भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव करें तथा भगवान के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लें।

जन्माष्टमी के अवसर पर शहर के विभिन्न मंदिरों में भी विशेष सजावट, पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और अन्य धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। ऐसे में शुक्रवार की रात बिलासपुर का माहौल कृष्ण भक्ति से सराबोर नजर आएगा।







