वेतन वृद्धि के एरियर भुगतान के बदले मांगी थी रकम, किरारी स्कूल में ACB बिलासपुर की ट्रैप कार्रवाई ; लगातार दूसरे दिन शिक्षा विभाग के अधिकारी-कर्मचारी पर कार्रवाई..

जांजगीर-चांपा। शिक्षा विभाग में कर्मचारियों के लंबित काम और वेतन संबंधी भुगतान के लिए रिश्वत मांगने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। इसी कड़ी में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) बिलासपुर ने जांजगीर-चांपा जिले के किरारी स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला में बड़ी कार्रवाई करते हुए प्राचार्य अंजुला सोनी और सहायक ग्रेड-3 कर्मचारी विकास मसीह को 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। दोनों पर एक कर्मचारी के वेतन वृद्धि के एरियर भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के एवज में रिश्वत मांगने का आरोप है।
एरियर भुगतान के लिए मांगे थे 10 हजार रुपए..
जानकारी के अनुसार, किरारी स्कूल में पदस्थ सहायक ग्रेड-3 कर्मचारी के वेतन वृद्धि से संबंधित एरियर की राशि का भुगतान होना था। आरोप है कि इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने और भुगतान कराने के बदले प्राचार्य अंजुला सोनी और सहायक ग्रेड-3 कर्मचारी विकास मसीह ने 10 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी। रिश्वत की मांग से परेशान कर्मचारी ने इसकी शिकायत ACB बिलासपुर से की। शिकायत का सत्यापन करने के बाद ACB ने दोनों आरोपियों को रिश्वत लेते पकड़ने के लिए ट्रैप की योजना बनाई।
जाल बिछाकर पकड़े गए प्राचार्य और बाबू..
शिकायत के आधार पर ACB की टीम ने पूरी कार्रवाई की तैयारी की। तय योजना के अनुसार शिकायतकर्ता रिश्वत की रकम लेकर आरोपियों के पास पहुंचा। जैसे ही 10 हजार रुपए की रिश्वत का लेन-देन हुआ, ACB की टीम ने मौके पर कार्रवाई करते हुए प्राचार्य अंजुला सोनी और सहायक ग्रेड-3 कर्मचारी विकास मसीह को पकड़ लिया। टीम ने रिश्वत की रकम भी बरामद कर ली। कार्रवाई के बाद दोनों आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई..
ACB के अनुसार, मामले में दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 और 12 के तहत कार्रवाई की जा रही है। जांच में रिश्वत मांगने, रकम लेने और इस पूरे मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की भी पड़ताल की जा रही है।

ACB बिलासपुर की ओर से इस कार्रवाई को लगातार 56वीं ट्रैप कार्रवाई बताया गया है।
दो दिन में शिक्षा विभाग से जुड़े दो रिश्वत मामले..
इस कार्रवाई का एक बड़ा पहलू यह भी है कि शिक्षा विभाग से जुड़े रिश्वतखोरी के मामले में ACB ने लगातार दूसरे दिन कार्रवाई की है। इससे पहले सुकमा जिले के कोंटा में भी ACB ने BEO कार्यालय में कार्रवाई करते हुए एक अधिकारी को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था।उस मामले में शिक्षकों के एरियर की राशि तैयार करने के नाम पर 80 हजार रुपए रिश्वत मांगने का आरोप सामने आया था। शिकायत के बाद पहली किस्त के रूप में 10 हजार रुपए लेते अधिकारी को ACB ने रंगे हाथ पकड़ लिया था।

अब जांजगीर-चांपा के किरारी में प्राचार्य और बाबू की गिरफ्तारी ने शिक्षा विभाग में कर्मचारियों के वेतन और एरियर से जुड़े कामों में कथित रिश्वतखोरी पर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।
वेतन और एरियर के काम में भ्रष्टाचार पर सवाल..
शिक्षा विभाग में कर्मचारियों के वेतन निर्धारण, वेतन वृद्धि और एरियर भुगतान जैसे काम नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा हैं। ऐसे कामों के लिए रिश्वत मांगने के आरोप सामने आने से विभागीय व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, इस मामले में रिश्वत मांगने और लेने के आरोपों की पूरी तस्वीर ACB की जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
ACB की लगातार कार्रवाई से यह संकेत भी मिल रहा है कि सरकारी विभागों में रिश्वतखोरी की शिकायतों पर एजेंसी सक्रियता से कार्रवाई कर रही है। किरारी मामले में अब जांच के दौरान यह पता लगाया जाएगा कि रिश्वत की मांग केवल इसी प्रकरण तक सीमित थी या इसके पीछे कोई और तथ्य भी जुड़े हुए हैं।







