तिरंगा यात्रा में राष्ट्रभक्ति, सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता का दिया संदेश – मातृशक्ति, युवाओं और कार्यकर्ताओं ने लिया देश की एकता-अखंडता की रक्षा का संकल्प..

बिलासपुर। स्वतंत्रता दिवस के पूर्व भारतीय जनता पार्टी के आह्वान पर आयोजित तिरंगा यात्रा ने शहर में राष्ट्रभक्ति का माहौल बना दिया। हाथों में तिरंगा लेकर निकले भाजपा कार्यकर्ताओं, मातृशक्ति और युवाओं ने भारत माता की जय, वंदे मातरम् और जय हिंद के नारों के साथ देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता की रक्षा का संकल्प लिया। यात्रा के दौरान पूरा वातावरण देशभक्ति के नारों और तिरंगे की शान से सराबोर नजर आया।
तिरंगा यात्रा का उद्देश्य केवल स्वतंत्रता दिवस के उत्सव तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसके माध्यम से समाज के हर वर्ग को राष्ट्र के प्रति अपने दायित्व और जिम्मेदारी का स्मरण कराया गया। यात्रा में बड़ी संख्या में लोगों की सहभागिता ने यह संदेश दिया कि जब देश की आन-बान-शान तिरंगे के सम्मान की बात आती है, तो समाज का हर वर्ग एकजुट होकर राष्ट्र के साथ खड़ा होता है।
भाजपा नेता मनीष अग्रवाल ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल उत्सव मनाने का अवसर नहीं है, बल्कि यह उन महान स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग, तपस्या और बलिदान को याद करने का दिन है, जिनके संघर्ष के कारण आज हम स्वतंत्र भारत में सांस ले रहे हैं। तिरंगा हमारे लिए केवल एक ध्वज नहीं, बल्कि भारत की अस्मिता, गौरव, त्याग, शौर्य और एकता का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि तिरंगा यात्रा के माध्यम से नई पीढ़ी में राष्ट्रप्रेम और देश के प्रति सम्मान की भावना को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है। यात्रा में युवाओं और मातृशक्ति की भागीदारी विशेष रूप से प्रेरणादायक रही। ऐसे आयोजन भावी पीढ़ी को देश के इतिहास, स्वतंत्रता संग्राम और राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों से जोड़ने का काम करते हैं।
मनीष अग्रवाल ने कहा कि देशभक्ति की भावना केवल 15 अगस्त या 26 जनवरी तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। प्रत्येक नागरिक के दैनिक जीवन में राष्ट्र के प्रति सम्मान, जिम्मेदारी और समर्पण की भावना होनी चाहिए। सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता ही मजबूत राष्ट्र की आधारशिला है।
उन्होंने कहा कि ‘हर घर तिरंगा’ और ‘घर-घर तिरंगा’ जैसे अभियान लोगों को राष्ट्रीय ध्वज से भावनात्मक रूप से जोड़ते हैं। जब तिरंगे के सम्मान में पूरा समाज एक साथ खड़ा होता है, तब राष्ट्र की एकता और शक्ति और अधिक मजबूत होती है। तिरंगा यात्रा इसी राष्ट्रीय भावना को जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम है।
तिरंगा यात्रा के दौरान कार्यकर्ताओं और नागरिकों में उत्साह देखने को मिला। हाथों में लहराते तिरंगे और देशभक्ति के नारों ने स्वतंत्रता दिवस के पहले ही शहर में राष्ट्रभक्ति का वातावरण तैयार कर दिया। यात्रा ने एकता, समरसता और राष्ट्र के प्रति समर्पण का सशक्त संदेश दिया।
जय हिंद। वंदे मातरम्।







