घरघोड़ा वन अमले की बड़ी कार्रवाई, वन्यजीव शिकार के दो आरोपी गिरफ्तार ; न्यायालय में पेश कर भेजा गया जेल..

रायगढ़। वन्यजीवों के अवैध शिकार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत घरघोड़ा वन परिक्षेत्र की टीम ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। वन विभाग ने ग्राम जरकट में जंगली सुअर का शिकार कर उसका मांस काट रहे दो आरोपियों को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के बाद आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार 20 जुलाई 2026 को घरघोड़ा वन परिक्षेत्र का अमला नियमित गश्त और वन भ्रमण पर निकला हुआ था। इसी दौरान ग्राम जरकट के समीप वन क्षेत्र से लगे एक खेत में कुछ संदिग्ध गतिविधियां दिखाई दीं। वनकर्मियों ने मौके पर पहुंचकर देखा कि दो व्यक्ति जंगली सुअर के मांस की कटाई कर रहे थे।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग की टीम ने तत्काल घेराबंदी की और दोनों व्यक्तियों को मौके पर ही पकड़ लिया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने जंगली सुअर के शिकार की बात स्वीकार कर ली। इसके बाद वन विभाग ने आवश्यक साक्ष्य एकत्रित कर कानूनी कार्रवाई शुरू की।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बुधराम यादव, पिता मंगलूराम यादव तथा अमर साय यादव, पिता रतन सिंह यादव, दोनों निवासी ग्राम जरकट, के रूप में हुई है। वन विभाग ने दोनों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 9 और 51 के तहत प्रकरण दर्ज किया है।
अधिकारियों के अनुसार जंगली सुअर सहित किसी भी संरक्षित वन्यजीव का शिकार करना कानूनन अपराध है। वन्यजीवों की अवैध हत्या न केवल जैव विविधता के लिए खतरा है, बल्कि पर्यावरणीय संतुलन को भी प्रभावित करती है। विभाग ऐसे मामलों में लगातार निगरानी बढ़ा रहा है और अवैध शिकार करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।
सभी वैधानिक प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद दोनों आरोपियों को माननीय न्यायालय घरघोड़ा के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां आगे की कानूनी कार्रवाई की गई।
पूरी कार्रवाई वनमंडल अधिकारी अरविंद पी. एम. के निर्देशन, उपवनमंडल अधिकारी आशुतोष मांडवा के मार्गदर्शन तथा वन परिक्षेत्र अधिकारी विक्रांत कुमार के नेतृत्व में संपन्न हुई। इस अभियान में घरघोड़ा वन परिक्षेत्र के अधिकारियों और कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
वन विभाग ने की जनता से अपील..
वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि यदि कहीं वन्यजीवों के शिकार, अवैध व्यापार या संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिले तो इसकी सूचना तत्काल विभाग को दें। अधिकारियों का कहना है कि जनसहयोग से ही वन्यजीवों की सुरक्षा और प्राकृतिक संपदा का संरक्षण प्रभावी ढंग से किया जा सकता है।







