कोयला डिपो में गड़बड़ी पर प्रशासन सख्त : मिलावट, चोरी और अवैध कारोबार पर होगी कड़ी कार्रवाई, कलेक्टर-एसपी ने संचालकों को दी चेतावनी..

बिलासपुर। जिले में संचालित कोयला डिपो में कोयले की गुणवत्ता से छेड़छाड़, अवैध मिलावट, चोरी और तस्करी जैसी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। सोमवार को जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित बैठक में कलेक्टर संजय अग्रवाल और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने जिले के कोल डिपो संचालकों को साफ शब्दों में चेतावनी दी कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में कलेक्टर ने कहा कि प्रदेश में बड़ी संख्या में स्पंज आयरन उद्योग संचालित हैं, जिन्हें एसईसीएल की खदानों से कोयला उपलब्ध कराया जाता है। ऐसे में कोयले की गुणवत्ता बनाए रखना बेहद जरूरी है। उन्होंने निर्देश दिए कि जिस गुणवत्ता का कोयला खदानों से प्राप्त हो, उसी गुणवत्ता में उद्योगों तक पहुंचना चाहिए। किसी भी तरह की मिलावट या घटिया कोयला मिलाकर सप्लाई करना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

कलेक्टर ने कहा कि प्रशासन को लगातार शिकायतें मिल रही हैं कि कुछ डिपो में उच्च गुणवत्ता वाले कोयले में निम्न गुणवत्ता का कोयला और शेल मिलाकर उद्योगों को सप्लाई किया जा रहा है। इससे उद्योगों के उत्पादन और उत्पाद की गुणवत्ता पर बुरा असर पड़ता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि गुणवत्तापूर्ण कोयला उपलब्ध कराना डिपो संचालकों की जिम्मेदारी है और इसमें लापरवाही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई होगी।

बैठक में डिपो संचालकों को निर्देश दिया गया कि कोयले के भंडारण, परिवहन और आपूर्ति से जुड़ा पूरा रिकॉर्ड पारदर्शी तरीके से रखा जाए। प्रशासन ने चेतावनी दी कि अवैध भंडारण, मिलावट या नियमों के उल्लंघन की स्थिति में संबंधित संचालकों के खिलाफ खनिज अधिनियम के तहत कार्रवाई के साथ आपराधिक प्रकरण भी दर्ज किए जाएंगे।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने कहा कि जिले में कोयला डिपो से जुड़े अवैध कारोबार, चोरी और तस्करी की गतिविधियों पर पुलिस लगातार नजर रख रही है। उन्होंने सभी डिपो में सीसीटीवी कैमरे लगाने, वाहनों की जीपीएस मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने और आवक-जावक का पूरा रिकॉर्ड रखने के निर्देश दिए। साथ ही डिपो में कार्यरत मैनेजर, मुंशी और कर्मचारियों की जानकारी पुलिस और प्रशासन को उपलब्ध कराने को भी कहा गया।

बैठक में यह भी तय किया गया कि खनिज विभाग समय-समय पर कोल डिपो की जांच करेगा। किसी भी डिपो में अनियमितता पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने साफ किया कि नियमों की अनदेखी करने वालों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।

पर्यावरण संरक्षण को लेकर भी बैठक में विशेष चर्चा हुई। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि कोयला भंडारण स्थलों पर अधिक से अधिक वृक्षारोपण किया जाए और बारिश के दौरान कोयले से निकलने वाला दूषित पानी नालों और जलस्रोतों में न पहुंचे, इसके लिए जरूरी इंतजाम किए जाएं। उन्होंने कहा कि औद्योगिक गतिविधियों के साथ पर्यावरण सुरक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।

बैठक में कोल डिपो एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने प्रशासन को भरोसा दिलाया कि सभी संचालक नियमों का पालन करेंगे और अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने में प्रशासन एवं पुलिस का पूरा सहयोग करेंगे।

बैठक में जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल, उप संचालक खनिज प्रशासन किशोर गोलघाटे, खनिज विभाग के अधिकारी तथा जिले के कोल डिपो संचालक मौजूद रहे।