बिलासपुर निगम अफसरों को सचिव आर. संगीता की दो टूक : दिसंबर तक वसूलें 15 करोड़ का बकाया, टेंडर के नाम पर लेटलतीफी नहीं चलेगी..

बिलासपुर। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की नवनियुक्त सचिव आर. संगीता ने अपने पहले बिलासपुर दौरे में ही नगर निगम के अधिकारियों के पेंच कस दिए हैं। ‘काम में तेजी और शहर में सफाई’ के स्पष्ट एजेंडे के साथ पहुंचीं सचिव ने गुरुवार को मैराथन दौरा किया। तीन घंटे कमांड एंड कंट्रोल सेंटर में फाइलों और प्रोजेक्ट्स की बारीकी से समीक्षा की, तो अगले तीन घंटे ग्राउंड जीरो पर उतरकर हकीकत परखी। उनका संदेश साफ था—राजस्व वसूली में कोताही बर्दाश्त नहीं होगी और निर्माण कार्य हर हाल में तय समय पर पूरे होने चाहिए।

राजस्व वसूली और वेतन पर सख्त हिदायत..

तारबाहर स्थित कंट्रोल सेंटर की बैठक में सचिव ने वित्तीय प्रबंधन को निकाय की रीढ़ बताया। उन्होंने पिछले वित्तीय वर्ष के 15 करोड़ रुपये के बकाया राजस्व की वसूली के लिए अफसरों को दिसंबर 2026तक की डेडलाइन थमा दी है। कर्मचारियों के वेतन के मुद्दे पर भी कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया कि नियमित हो या प्लेसमेंट, हर कर्मचारी के खाते में महीने के पहले सप्ताह में वेतन आ जाना चाहिए। टेंडर प्रक्रिया में होने वाली देरी पर उन्होंने अफसरों को आड़े हाथों लिया। हिदायत दी कि मियाद खत्म होते ही अनुबंध कर काम शुरू कराएं; लालफीताशाही के चलते प्रोजेक्ट्स नहीं लटकने चाहिए।

प्रोजेक्ट्स का अल्टीमेटम और फील्ड का रियलिटी चेक..

दोपहर बाद फील्ड पर निकलीं आर. संगीता ने सीधे कोनी स्थित निर्माणाधीन पीएम ई-सिटी बस चार्जिंग स्टेशन और डिपो का रुख किया, जिसे एक महीने के भीतर पूरा करने का अल्टीमेटम दिया गया है। मधुबन में बन रहे ‘नालंदा परिसर’ (एजुकेशन हब) की प्रगति पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि यह प्रोजेक्ट कई जिंदगियां संवारेगा, इसमें कोई देरी न हो। इसके अलावा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, कछार स्थित सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट और बिरकोना वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का भी निरीक्षण किया। आकांक्षीय शौचालय में मिली खामियों पर उन्होंने तत्काल सुधार के निर्देश दिए।

नारी शक्ति के जरिए ‘स्वच्छता क्रांति’ का आह्वान..

दौरे के अंतिम चरण में सचिव का फोकस ग्रासरूट वर्कर्स पर रहा। मोपका गौठान के एसआरएलएम सेंटर पहुंचकर उन्होंने स्वच्छता दीदियों से सीधा संवाद किया। आर. संगीता ने कहा कि मातृ शक्तियों में अद्भुत क्षमता होती है, वे ही शहर में ‘स्वच्छता क्रांति’ ला सकती हैं।

शत-प्रतिशत घरों से कचरा कलेक्शन और गीला-सूखा कचरा अलग करने पर जोर दिया गया। इसके पूर्व उन्होंने पीएम आवास के बीएलसी हितग्राहियों से भी बातचीत कर अधूरे आवासों का काम जल्द शुरू करने की अपील की।

इस मैराथन समीक्षा और निरीक्षण के दौरान कलेक्टर संजय अग्रवाल, निगम कमिश्नर प्रकाश कुमार सर्वे और सूडा सीईओ शशांक पाण्डेय समेत तमाम आला अधिकारी मौजूद रहे, जिन्हें अब सचिव के इन कड़े निर्देशों को जमीन पर उतारना है।