

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। विश्व हिंदू परिषद की महिला इकाई दुर्गावाहिनी द्वारा आयोजित प्रांतीय शौर्य प्रशिक्षण वर्ग में भाग लेने के लिए गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले से 13 बहनों का दल शुक्रवार को न्यायधानी बिलासपुर के लिए रवाना हुआ। 16 मई से शुरू हो रहे इस विशेष प्रशिक्षण शिविर का उद्देश्य बेटियों में आत्मरक्षा, साहस, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता का विकास करना है।

रवाना होने से पहले सभी बहनों का तिलक लगाकर स्वागत किया गया तथा उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाओं के साथ उन्हें विदाई दी गई। इस दौरान परिवारजनों और संगठन के पदाधिकारियों में विशेष उत्साह देखने को मिला।
दुर्गावाहिनी के पदाधिकारियों ने बताया कि बिलासपुर में आयोजित इस प्रांतीय प्रशिक्षण वर्ग में बहनों को शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक रूप से सशक्त बनाने के लिए विभिन्न गतिविधियों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान लाठी संचालन, जूडो-कराटे एवं आत्मरक्षा के विशेष गुर सिखाए जाएंगे, ताकि बेटियां हर परिस्थिति में स्वयं की सुरक्षा करने में सक्षम बन सकें।
इसके साथ ही राष्ट्रभक्ति, भारतीय संस्कृति, इतिहास और सामाजिक दायित्वों से जुड़े विषयों पर वरिष्ठ वक्ताओं का मार्गदर्शन भी मिलेगा। शिविर में आपदा प्रबंधन और संकट की परिस्थितियों में समाज सेवा एवं सुरक्षा के व्यावहारिक प्रशिक्षण पर भी विशेष जोर दिया जाएगा।
पदाधिकारियों ने कहा कि वर्तमान समय में बेटियों का आत्मनिर्भर, जागरूक और साहसी होना अत्यंत आवश्यक है। ऐसे प्रशिक्षण शिविर युवतियों में आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ-साथ समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना भी विकसित करते हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रशिक्षण प्राप्त कर लौटने वाली ये बहनें जिले की अन्य बालिकाओं और महिलाओं को भी आत्मरक्षा के लिए प्रेरित करेंगी।
इस अवसर पर विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल एवं दुर्गावाहिनी के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। प्रशिक्षण वर्ग के लिए रवाना होने वाली बहनों में स्वेता पुरी, नंदिनी प्रधान, शालिनी, रुबीना, नीलम पुरी, देवकी, कौशल्या, रोशनी सिंदराम, सिद्धि उपाध्याय, संध्या रजक और शीलू रजक प्रमुख रूप से शामिल रहीं।



