

बिलासपुर।बिलासपुर से एक ऐसी भावुक तस्वीर सामने आई है, जिसने समाज को नई सोच और बेटियों की शक्ति का संदेश दिया है। यहां 14 साल की एक बेटी ने अपने पिता को मुखाग्नि देकर अंतिम संस्कार की रस्म पूरी की। इस मार्मिक दृश्य को देखकर मुक्तिधाम में मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं। बेटी के साहस, संस्कार और जिम्मेदारी की पूरे शहर में चर्चा हो रही है।

जानकारी के अनुसार तेलीपारा निवासी पिंटू कछवाहा का निधन हो गया। पिता के निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। परिवार में बेटा नहीं होने के कारण अंतिम संस्कार को लेकर चिंता की स्थिति बन गई थी। ऐसे कठिन समय में उनकी 14 वर्षीय बेटी कृपा ने हिम्मत दिखाई और पिता का अंतिम संस्कार स्वयं करने का निर्णय लिया।

भारी मन और नम आंखों के साथ कृपा मुक्तिधाम पहुंची। वहां उसने पूरे विधि-विधान और धार्मिक परंपराओं के अनुसार अपने पिता को मुखाग्नि दी। इस दौरान मौजूद लोगों ने बेटी के साहस को नमन किया। कई लोग इस भावुक पल को देखकर खुद को संभाल नहीं पाए।
कछवाहा समाज के लोगों ने बताया कि समाज में यह पहला अवसर है, जब किसी बेटी ने पिता का अंतिम संस्कार किया है। लोगों का कहना है कि कृपा ने यह साबित कर दिया कि बेटियां किसी भी जिम्मेदारी को निभाने में पीछे नहीं हैं। वह हर परिस्थिति में परिवार का सहारा बन सकती हैं।

इस घटना ने समाज में बेटियों को लेकर सकारात्मक संदेश दिया है। जहां एक ओर परिवार गहरे दुख में डूबा था, वहीं दूसरी ओर बेटी के इस साहसिक कदम ने लोगों के दिलों को छू लिया। शहरभर में कृपा की हिम्मत, संस्कार और अपने पिता के प्रति कर्तव्य भावना की सराहना की जा रही है।



