KTU में 19 मई से परीक्षाएं, छात्रों का फूटा गुस्सा ; बोले – ‘जब पूरे साल प्रोफेसर ही नहीं मिले और सिलेबस अधूरा है, तो बिना पढ़े कैसे दें एग्जाम?’

रायपुर । प्रदेश के कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय (KTUJM) की शैक्षणिक व्यवस्था इन दिनों गंभीर सवालों के घेरे में आ गई है। विश्वविद्यालय प्रबंधन ने 19 मई से परीक्षाओं का टाइम-टेबल जारी कर दिया है, जिससे छात्रों में भारी असमंजस और रोष है। विद्यार्थियों का सीधा आरोप है कि पूरे शैक्षणिक सत्र में उन्हें पढ़ाने के लिए न तो पर्याप्त नियमित प्रोफेसर मिले और न ही उनका सिलेबस पूरा हो सका है। अब बिना मुकम्मल पढ़ाई और अकादमिक मार्गदर्शन के उन पर परीक्षाएं थोपी जा रही हैं।

प्रमुख बातें :

19 मई से परीक्षाएं, लेकिन कई विभागों का सिलेबस अब तक अधूरा है।

तकनीकी विषयों के लिए नहीं हैं विशेषज्ञ शिक्षक, थ्योरी के भरोसे चल रहा प्रैक्टिकल।

छात्रों की मांग – पहले एक्स्ट्रा क्लास लगाकर कोर्स पूरा कराएं, फिर परीक्षा लें।

75% अटेंडेंस का नियम, लेकिन कक्षाएं ही नहीं लगीं..

विश्वविद्यालय में पूरे साल शिक्षकों की भारी कमी का संकट बना रहा। छात्रों का कहना है कि सत्र की शुरुआत से ही विभागों में नियमित प्रोफेसर नदारद रहे। बीच-बीच में अतिथि शिक्षकों (गेस्ट फैकल्टी) की नियुक्ति को लेकर कागजी चर्चाएं जरूर हुईं, लेकिन धरातल पर कोई स्थायी व्यवस्था नहीं बन पाई। सबसे बड़ी विडंबना यह है कि प्रशासन परीक्षा में बैठने के लिए 75 प्रतिशत उपस्थिति (अटेंडेंस) को अनिवार्य बताता है। इस नियम पर छात्रों का तीखा तर्क है कि जब विभाग में नियमित कक्षाएं ही नहीं लगीं, तो वे अपनी उपस्थिति दर्ज कराने आखिर कहां जाते?

इलेक्ट्रॉनिक मीडिया विभाग : बिना प्रैक्टिकल कैसे दें परीक्षा?

सबसे ज्यादा खराब स्थिति तकनीकी पाठ्यक्रमों की है, खासकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया विभाग की। इस विभाग में मल्टीमीडिया, एनीमेशन और फिल्म स्टडीज जैसे पूरी तरह से प्रायोगिक (प्रैक्टिकल) पाठ्यक्रम संचालित होते हैं। लेकिन, छात्रों का आरोप है कि इन विषयों को पढ़ाने के लिए कोई भी विशेषज्ञ शिक्षक (एक्सपर्ट) उपलब्ध नहीं है।

प्रायोगिक विषयों की पढ़ाई भी सिर्फ थ्योरी पढ़ाने वाले शिक्षकों के भरोसे राम भरोसे चल रही है। ऐसे में बिना प्रैक्टिकल और स्टूडियो ज्ञान के छात्र परीक्षा कैसे देंगे, यह उनके भविष्य पर एक बड़ा सवाल है।

क्या चाहते हैं छात्र?

विद्यार्थियों का कहना है कि उन्होंने प्रशासन से कई बार शिक्षकों की नियुक्ति और अतिरिक्त कक्षाओं की गुहार लगाई, लेकिन सत्र समाप्त होने तक उनकी किसी ने नहीं सुनी। छात्रों की मांग है कि या तो तत्काल शिक्षकों की व्यवस्था कर एक्स्ट्रा क्लासेस लगाई जाएं, या फिर जब तक कोर्स पूरा नहीं होता, 19 मई से होने वाली परीक्षा तिथि को आगे बढ़ाया जाए।

कुलपति बोले – कोई शिकायत नहीं मिली..

“हमारे पास अब तक किसी भी विद्यार्थी या छात्र संगठन द्वारा ऐसी कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। यदि छात्रों की ओर से पढ़ाई या शिक्षकों को लेकर कोई शिकायत हमारे संज्ञान में आती है, तो निश्चित तौर पर विद्यार्थियों की समस्या का प्राथमिकता से समाधान किया जाएगा।”

प्रो. मनोज दयाल, कुलपति, के.टी.यू.जे.एम.