

बिलासपुर। जिले में जाति बदलकर अनुसूचित जनजाति का प्रमाण पत्र हासिल करने का गंभीर मामला सामने आया है। इस संबंध में कलेक्टर बिलासपुर के जनदर्शन में शिकायत प्रस्तुत कर जांच एवं आपराधिक कार्रवाई की मांग की गई है। शिकायतकर्ता पूजा कुशवाहा ने आरोपों की पुष्टि के लिए कमला सिंह के स्कूली दस्तावेज भी प्रस्तुत किए हैं।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कमला सिंह पिता तिरथराम, निवासी नवांगांव, तहसील कोटा, जिला बिलासपुर द्वारा वर्ष 2008 में कथित रूप से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर अनुसूचित जनजाति गोड़ जाति का स्थायी प्रमाण पत्र प्राप्त किया गया। शिकायत के अनुसार अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, कोटा द्वारा दिनांक 5 फरवरी 2008 को जारी जाति प्रमाण पत्र संदेहास्पद है और इसकी विस्तृत जांच आवश्यक है।
शिकायतकर्ता का कहना है कि उपलब्ध शैक्षणिक अभिलेखों में कमला सिंह की जाति सतनामी दर्ज है, जिससे जाति परिवर्तन कर अनुसूचित जनजाति का प्रमाण पत्र लेने की आशंका मजबूत होती है।
प्राथमिक शाला के रिकॉर्ड में सतनामी जाति दर्ज..
शिकायत में संलग्न दस्तावेजों के अनुसार कमला बाई पिता तिरथराम की प्राथमिक शिक्षा शासकीय कन्या प्राथमिक शाला मोगरा, तहसील कटघोरा में सत्र 1979-80 में हुई थी। विद्यालय के दाखिल-खारिज प्रमाण पत्र में जन्म तिथि 1 जुलाई 1972 तथा जाति सतनामी दर्ज बताई गई है। संबंधित दस्तावेज का क्रमांक 337 दिनांक 5 जुलाई 1979 बताया गया है।
मिडिल स्कूल और हाईस्कूल रिकॉर्ड में भी सतनामी..
शासकीय कन्या मिडिल स्कूल मोगरा में कक्षा 8वीं के अभिलेखों में भी जाति सतनामी अंकित होने का दावा किया गया है। इसके बाद कक्षा 9वीं में प्रवेश के लिए सरस्वती उच्चतर माध्यमिक शाला बाकीमोगरा में प्रस्तुत आवेदन पत्र में पिता तिरथराम के हस्ताक्षर के साथ जाति सतनामी एवं वर्ग हरिजन दर्ज बताया गया है।
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि स्थानांतरण प्रमाण पत्र, दाखिल-खारिज रिकॉर्ड तथा हाईस्कूल परीक्षा वर्ष 1989 की अंकसूची में भी उक्त विवरण दर्ज है। हाईस्कूल परीक्षा का रोल नंबर 814280 तथा अंकसूची क्रमांक 198336 बताया गया है।
हायर सेकेंडरी में नाम और जाति में बदलाव का आरोप..
शिकायत के अनुसार कक्षा 12वीं की पढ़ाई देवकीनंदन कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बिलासपुर से वर्ष 1993 में हुई, जहां अंकसूची में कमला बाई के स्थान पर कमला पटेल तथा पिता का नाम तिरथराम पटेल अंकित बताया गया है। इससे दस्तावेजों में नाम और जाति बदलने की आशंका जताई गई है।
2008 में गोड़ जाति का प्रमाण पत्र जारी..
शिकायत के अनुसार वर्ष 2007-08 में राजस्व प्रकरण क्रमांक 218/बी-121/2007-08 के तहत 5 फरवरी 2008 को अनुसूचित जनजाति गोड़ जाति का स्थायी प्रमाण पत्र जारी किया गया, जिसमें मूल निवास नवांगांव तहसील कोटा दर्ज है। शिकायतकर्ता ने इसे फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जारी किया गया प्रमाण पत्र बताया है।
जांच और एफआईआर की मांग..
शिकायत में मांग की गई है कि कमला सिंह द्वारा प्रस्तुत सभी दस्तावेजों की निष्पक्ष जांच कर जाति प्रमाण पत्र तत्काल निरस्त किया जाए। साथ ही आरोप सिद्ध होने पर धोखाधड़ी एवं कूटरचना के तहत आपराधिक प्रकरण दर्ज करने की मांग भी की गई है।
प्रशासन में मचा हड़कंप..
मामला जनदर्शन में पहुंचने के बाद प्रशासनिक महकमे में हलचल मच गई है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह मामला फर्जी जाति प्रमाण पत्र के साथ-साथ सरकारी सुविधाओं के दुरुपयोग का भी बड़ा मामला बन सकता है। अब जिला प्रशासन की जांच रिपोर्ट पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।



