

बिलासपुर। गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय (जीजीवी) बिलासपुर में विश्व सामाजिक कार्य दिवस के अवसर पर वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक भव्य स्वास्थ्य एवं कल्याण शिविर का आयोजन किया गया। ‘स्वास्थ्य, सम्मान और स्नेह’ थीम पर आयोजित इस शिविर में शहर और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में बुजुर्ग पहुंचे और उन्होंने निःशुल्क स्वास्थ्य जांच कराकर विशेषज्ञ डॉक्टरों से परामर्श लिया।



इस शिविर का आयोजन समाज कार्य विभाग एवं जीजीवी श्रवण लाइन द्वारा भारतीय जैन संगठन (छत्तीसगढ़) के सहयोग से किया गया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय प्रशासन, चिकित्सकों, सामाजिक संगठनों और विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली, जिससे पूरा परिसर सेवा और संवेदनशीलता के वातावरण से भर गया।
कार्यक्रम की शुरुआत कुलपति प्रो. आलोक कुमार चक्रवाल द्वारा स्वास्थ्य शिविर के निरीक्षण से हुई। इस दौरान उन्होंने विभिन्न चिकित्सा काउंटरों का जायजा लिया और बुजुर्गों से बातचीत कर उनकी समस्याओं को जाना। अतिथियों का स्वागत पारंपरिक रूप से बैच, अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह देकर किया गया।
शिविर में स्वास्थ्य परीक्षण के साथ-साथ बुजुर्गों को उनकी दिनचर्या, खानपान, मानसिक स्वास्थ्य और बीमारियों से बचाव के संबंध में महत्वपूर्ण सलाह दी गई। विशेषज्ञ डॉक्टरों ने विशेष रूप से उम्र से जुड़ी समस्याओं जैसे ब्लड प्रेशर, शुगर, हड्डियों की कमजोरी और हृदय संबंधी बीमारियों पर जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया।
इस अवसर पर कुलपति प्रो. आलोक कुमार चक्रवाल ने कहा कि विश्वविद्यालय केवल शिक्षा देने का केंद्र नहीं है, बल्कि समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का भी माध्यम है। उन्होंने वरिष्ठ नागरिकों को समाज की अमूल्य धरोहर बताते हुए उनके स्वास्थ्य, सम्मान और सुरक्षा को प्राथमिकता देने की बात कही।

कुलसचिव प्रो. अश्विनी कुमार दीक्षित ने कहा कि इस तरह के आयोजन छात्रों में सामाजिक चेतना और जिम्मेदारी की भावना विकसित करते हैं। वहीं भारतीय जैन संगठन के राष्ट्रीय महासचिव पंकज चोपड़ा ने समाज सेवा को सामूहिक दायित्व बताते हुए सभी के सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया।


कार्यक्रम के दौरान एस. के. जैन, विमल चोपड़ा और अमरेश जैन सहित अन्य पदाधिकारियों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि संस्थाओं के संयुक्त प्रयास से ही समाज में सकारात्मक परिवर्तन संभव है। समाज कार्य विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. अर्चना यादव ने बताया कि इस शिविर का उद्देश्य केवल स्वास्थ्य जांच तक सीमित नहीं है, बल्कि बुजुर्गों को सम्मान, अपनापन और सामाजिक जुड़ाव का एहसास कराना भी है।


कार्यक्रम में छात्रों और सामाजिक संगठनों के बीच संवाद, पोस्टर प्रेजेंटेशन और रंगोली प्रतियोगिता जैसी गतिविधियां भी आयोजित की गईं, जिससे छात्रों में समाज सेवा के प्रति रुचि और समझ विकसित हुई। साथ ही विशेषज्ञों द्वारा छात्रों के लिए विशेष सत्र आयोजित कर उन्हें समाज कार्य के क्षेत्र में कार्य करने के तरीके और बुजुर्गों की देखभाल के महत्व के बारे में जानकारी दी गई।

इस अवसर पर ज्येष्ठ नागरिक संघ बिलासपुर की सचिव डॉ. सत्यभामा अवस्थी सहित कई सदस्य उपस्थित रहे। साथ ही हेल्प एज इंडिया के स्टेट हेड शुभांकर विश्वास, एडवोकेट दिव्या जायसवाल और डॉ. दिनानाथ यादव ने भी अपनी सक्रिय सहभागिता निभाई।
शिविर में पहुंचे वरिष्ठ नागरिकों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन उन्हें न केवल स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करते हैं, बल्कि समाज से जुड़ाव और सम्मान का अनुभव भी कराते हैं।
कुल मिलाकर, जीजीवी में आयोजित यह स्वास्थ्य शिविर सेवा, संवेदना और सामाजिक जिम्मेदारी का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर उभरा, जिसने समाज में बुजुर्गों के प्रति सम्मान और देखभाल की भावना को और मजबूत किया।



