

छत्तीसगढ़ समेत देशभर के किसानों को फायदा, दोषियों पर जेल और भारी जुर्माने की तैयारी..

नई दिल्ली/रायपुर। देशभर के किसानों को नकली बीज और कीटनाशकों से हो रहे नुकसान को देखते हुए केंद्र सरकार अब सख्त कदम उठाने की तैयारी में है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने संकेत दिए हैं कि मौजूदा कानून इस समस्या से निपटने के लिए पर्याप्त नहीं हैं, इसलिए जल्द ही सीड एक्ट और पेस्टिसाइड एक्ट में बड़े और कड़े संशोधन किए जाएंगे।

कृषि मंत्री ने साफ कहा कि अभी कई मामलों में दोषियों को मामूली जुर्माना लगाकर छोड़ दिया जाता है, जिससे नकली बीज और दवाओं का कारोबार करने वालों पर कोई असर नहीं पड़ता। नई व्यवस्था में ऐसे लोगों को जेल की सजा और भारी आर्थिक दंड देने का प्रावधान किया जाएगा, ताकि किसानों के साथ धोखाधड़ी पूरी तरह रोकी जा सके।
छत्तीसगढ़ में ज्यादा गंभीर है समस्या..
छत्तीसगढ़ जैसे कृषि प्रधान राज्य में नकली बीज का मुद्दा बेहद संवेदनशील है। यहां हर साल लगभग 60 से 65 लाख किसान परिवार खेती पर निर्भर हैं, जिनमें अधिकांश छोटे और सीमांत किसान हैं।
राज्य में करीब 30 लाख हेक्टेयर में धान की खेती होती है। बीज और कीटनाशकों पर हर साल हजारों करोड़ रुपये खर्च होते हैं। कई जिलों से नकली बीज और दवाओं की शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं।ऐसे में नया कानून प्रदेश के किसानों के लिए राहत भरा कदम साबित हो सकता है।
किसानों के हित में बड़ा फैसला..
भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश प्रवक्ता बी.पी. सिंह ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार लगातार किसानों के हित में काम कर रही है। उनका कहना है कि किसानों को कम नुकसान और ज्यादा आय मिले, यही सरकार का उद्देश्य है।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सरकार गांव, गरीब और किसान के लिए काम कर रही है। नकली बीज और कीटनाशक किसानों की मेहनत और भविष्य के साथ सीधा खिलवाड़ है। अब ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जरूरी है।
बी.पी. सिंह ने पूर्व सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि भूपेश बघेल के कार्यकाल में बीज और धान से जुड़े घोटालों की चर्चा आज भी लोग नहीं भूले हैं।
क्या होंगे नए कानून के मुख्य प्रावधान..
सूत्रों के मुताबिक प्रस्तावित कानून में शामिल हो सकते हैं :
नकली बीज और कीटनाशक बेचने पर कड़ी जेल की सजा।
लाखों से करोड़ों तक भारी जुर्माना।
लाइसेंस रद्द करने की सख्त प्रक्रिया।
कंपनियों की जवाबदेही तय।
किसानों को क्या मिलेगा फायदा..
फसल खराब होने का खतरा कम होगा।
गुणवत्तापूर्ण बीज और दवाएं मिलेंगी।
किसानों की आय में स्थिरता आएगी।
कृषि क्षेत्र में भरोसा बढ़ेगा।
नकली बीज और कीटनाशकों की समस्या लंबे समय से किसानों के लिए बड़ी चिंता रही है। केंद्र सरकार का यह प्रस्तावित सख्त कानून न सिर्फ देश बल्कि छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए भी राहत की उम्मीद लेकर आया है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि यह कानून कब तक लागू होता है और जमीन पर कितना असर दिखाता है।



