किताबों से निकलकर वन्यजीवों की दुनिया से रूबरू हुए 107 विद्यार्थी.. देखें वीडियो..

वन्यप्राणी सप्ताह पर अमरकंटक के पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय के विद्यार्थियों ने किया कानन पेंडारी का शैक्षणिक भ्रमण..

बिलासपुर। वन्यजीवों के बारे में किताबों में पढ़ने वाले 107 विद्यार्थियों को जब उन्हें करीब से देखने और उनके रहन-सहन को समझने का मौका मिला तो वन्यजीव संरक्षण का पाठ और भी रोचक हो गया। वन्यप्राणी सप्ताह के अवसर पर मध्यप्रदेश के अनूपपुर जिले के अमरकंटक स्थित पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय के विद्यार्थियों ने कानन पेंडारी जूलॉजिकल गार्डन का शैक्षणिक भ्रमण किया।

भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को जूलॉजिकल गार्डन में संरक्षित विभिन्न वन्यप्राणियों के बारे में जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि वन्यजीव केवल जंगलों की शोभा नहीं, बल्कि पूरे पारिस्थितिक तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। विद्यार्थियों ने वन्यप्राणियों को देखकर उनके रहन-सहन, खान-पान और व्यवहार से जुड़ी जानकारियां हासिल कीं।

वन्यजीवों के साथ उनके घर यानी जंगल को समझा..

विद्यार्थियों को वन्यप्राणियों के संरक्षण और संवर्धन के साथ उनके प्राकृतिक आवास के बारे में भी बताया गया। विशेषज्ञों और कर्मचारियों ने समझाया कि जंगल, वन्यजीव और पर्यावरण एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। किसी एक हिस्से में बदलाव का असर पूरे पारिस्थितिक तंत्र पर पड़ सकता है।

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इस दौरान जैव विविधता और पर्यावरण संरक्षण में वन्यजीवों की भूमिका को भी सरल तरीके से समझाया गया। विद्यार्थियों को बताया गया कि वन्यजीवों की सुरक्षा केवल वन विभाग या किसी संस्था की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के हर व्यक्ति की भागीदारी जरूरी है।

जानवरों को देखकर बढ़ी जिज्ञासा..

कानन पेंडारी में वन्यप्राणियों को देखकर विद्यार्थियों में खासा उत्साह नजर आया। उन्होंने अलग-अलग वन्यजीवों के व्यवहार और जीवनशैली से जुड़े सवाल पूछे तथा उनके बारे में जानकारी हासिल की। विद्यार्थियों ने भ्रमण को ज्ञानवर्धक और रोचक बताया।

वन्यप्राणी सप्ताह के दौरान आयोजित इस भ्रमण का उद्देश्य विद्यार्थियों में वन्यजीवों के प्रति संवेदनशीलता विकसित करना और प्रकृति के संरक्षण के प्रति जागरूक करना रहा। विद्यार्थियों को यह संदेश भी दिया गया कि जंगल और वन्यजीवों का संरक्षण आने वाली पीढ़ियों के लिए भी जरूरी है।

बच्चों के जरिए घर-घर पहुंचेगा संरक्षण का संदेश..

कानन पेंडारी जूलॉजिकल गार्डन प्रबंधन ने विद्यार्थियों के शैक्षणिक भ्रमण को वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण जागरूकता की दिशा में उपयोगी पहल बताया। माना जा रहा है कि वन्यजीवों को करीब से देखने और उनके बारे में जानकारी हासिल करने के बाद विद्यार्थी इस संदेश को अपने परिवार और आसपास के लोगों तक भी पहुंचा सकेंगे।

वन्यप्राणी सप्ताह का यह आयोजन विद्यार्थियों के लिए केवल घूमने का अवसर नहीं रहा, बल्कि वन्यजीवों, जंगल और पर्यावरण के बीच संबंध को समझने का एक व्यावहारिक अनुभव भी बना।