एक कमरे में चल रही थी कई कक्षाएं, अब बनेगा नया स्कूल भवन,सरसेनी प्राथमिक शाला के लिए डीएमएफ से 12 लाख मंजूर, कलेक्टर के निर्देश पर हुई कार्रवाई..

बिलासपुर। तखतपुर विकासखंड के सरसेनी प्राथमिक शाला में लंबे समय से एक कमरे में कई कक्षाओं का संचालन किया जा रहा था। विद्यालय का मूल भवन जर्जर होने के कारण उसका उपयोग बंद कर दिया गया था। मामले की जानकारी मिलने के बाद जिला प्रशासन ने निरीक्षण कराया। निरीक्षण के बाद जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) से नए विद्यालय भवन के निर्माण के लिए 12 लाख रुपए मंजूर किए गए हैं। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने निर्माण एजेंसी को जल्द काम शुरू करने के निर्देश दिए हैं।

जिला प्रशासन के अनुसार प्राथमिक शाला सरसेनी के भवन की स्थिति काफी खराब हो चुकी थी। भवन सुरक्षित नहीं होने के कारण उसमें बच्चों को बैठाना संभव नहीं था। ऐसे में स्कूल के अतिरिक्त कक्ष में कई कक्षाओं की पढ़ाई एक साथ कराई जा रही थी। कुछ बच्चों की पढ़ाई आंगनबाड़ी भवन में भी चल रही थी।

मामले की जानकारी मिलने के बाद कलेक्टर संजय अग्रवाल ने विकासखंड शिक्षा अधिकारी को तत्काल विद्यालय का निरीक्षण करने के निर्देश दिए। इसके बाद बीईओ दीपक गुप्ता ने सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी और ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों के साथ स्कूल पहुंचकर व्यवस्था का जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने विद्यालय भवन, परिसर और बच्चों के बैठने की व्यवस्था देखी। जांच में पाया गया कि मूल भवन उपयोग के योग्य नहीं है। इसी कारण अतिरिक्त कक्ष में एक साथ कई कक्षाओं का संचालन किया जा रहा है। बालवाड़ी और पहली कक्षा के बच्चों को पास के आंगनबाड़ी भवन में बैठाकर पढ़ाई कराई जा रही है।

जिला प्रशासन ने बताया कि विद्यालय परिसर अहातायुक्त है और यहां कुल 41 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। भवन की कमी के कारण शिक्षकों को सीमित जगह में पढ़ाई करानी पड़ रही थी। इससे पढ़ाई की व्यवस्था प्रभावित हो रही थी।

निरीक्षण के बाद नए भवन के निर्माण का प्रस्ताव आगे बढ़ाया गया। जिला खनिज न्यास से 12 लाख रुपए की स्वीकृति मिलने के बाद निर्माण की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। कलेक्टर ने संबंधित निर्माण एजेंसी को जल्द निर्माण कार्य शुरू करने के निर्देश दिए हैं ताकि नए सत्र के दौरान बच्चों को बेहतर सुविधा मिल सके।

जिला प्रशासन का कहना है कि नया भवन बनने के बाद बच्चों को सुरक्षित माहौल में पढ़ाई की सुविधा मिलेगी। अलग-अलग कक्षाओं के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध होने से एक साथ कई कक्षाओं के संचालन की स्थिति भी समाप्त होगी।

प्रशासन ने यह भी कहा है कि जिले के जिन स्कूलों में भवन या अन्य मूलभूत सुविधाओं की जरूरत है, वहां भी चरणबद्ध तरीके से व्यवस्था बेहतर करने का काम किया जा रहा है। बच्चों की पढ़ाई और उनकी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है।