टाइगर रिजर्व में वन अपराधियों पर बड़ी कार्रवाई, सागौन तस्करी और शिकार के आरोप में 6 गिरफ्तार..

साहेबिनकछार में छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में सागौन, साल और बीजा की लकड़ी, शिकार के फंदे व वन्यजीव अवशेष बरामद..

गरियाबंद। उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में वन संपदा की तस्करी और वन्यजीव शिकार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत वन विभाग को बड़ी सफलता मिली है। दक्षिण उदंती वन परिक्षेत्र के ग्राम साहेबिनकछार में कार्रवाई करते हुए वन विभाग ने छह आरोपियों के घरों और बाड़ियों से भारी मात्रा में अवैध लकड़ी, वन्यजीव शिकार में उपयोग होने वाले उपकरण तथा वन्यजीवों के अवशेष बरामद किए हैं। मामले में छह आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई की गई है।

वन विभाग के अनुसार 9 जून को ग्राम साहेबिनकछार में 13 संदिग्ध व्यक्तियों के घरों और परिसरों की विधिवत तलाशी ली गई थी। तलाशी के दौरान छह लोगों के कब्जे से सागौन, साल और बीजा की अवैध लकड़ी के लट्ठे, स्लीपर और पल्ले बड़ी मात्रा में मिले। इसके अलावा वन्यजीवों के शिकार में प्रयुक्त फंदे, तीर-धनुष, गुलेल और अन्य उपकरण भी बरामद किए गए।

छापेमारी में मिला अवैध लकड़ी का बड़ा जखीरा..

कार्रवाई के दौरान सुमेर गोंड़, जुवराज गोंड़, उपेंद्र गोंड़, हरि नेताम, पुस्तम नेताम और चिमन नागेश के घरों से वन विभाग ने बड़ी मात्रा में सागौन और अन्य प्रजातियों की लकड़ी जब्त की। कुछ आरोपियों के पास से लकड़ी काटने के औजार, आरा मशीन, बसुला, रंदा और अन्य उपकरण भी बरामद हुए।

वन विभाग की जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों के पास वन्यजीवों के शिकार में उपयोग किए जाने वाले कई प्रकार के फंदे, तीर-धनुष, गुलेल तथा वन्यजीव अवशेष मौजूद थे। बरामद सामग्री में मोर के पंख, साही के पंख और अन्य वन्यजीवों से संबंधित अवशेष भी शामिल हैं।

वन्यजीव संरक्षण कानून के तहत दर्ज हुए मामले..

मामले की विवेचना के दौरान वन विभाग ने आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 तथा छत्तीसगढ़ काष्ठ चिरान (विनियमन) अधिनियम 1984 की विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया। जांच के बाद तीन आरोपियों सुमेर, जुवराज और उपेंद्र को 15 जून को गिरफ्तार कर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय गरियाबंद में पेश किया गया। न्यायालय के आदेश पर उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा गया।

इसके बाद शेष तीन आरोपी हरि नेताम, पुस्तम नेताम और चिमन नागेश को भी गिरफ्तार कर 23 जून को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां उनके खिलाफ भी वैधानिक कार्रवाई की गई।

टाइगर रिजर्व में बढ़ाई गई निगरानी..

उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि वन संपदा की तस्करी और वन्यजीव शिकार के मामलों में किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। संरक्षित क्षेत्र में अवैध गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और भविष्य में भी ऐसे अभियान जारी रहेंगे।

वन विभाग ने बताया कि इस पूरी कार्रवाई में टाइगर रिजर्व के अधिकारियों, कर्मचारियों, सुरक्षा श्रमिकों तथा डॉग स्क्वॉड की महत्वपूर्ण भूमिका रही। विभाग का कहना है कि जंगलों और वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए समुदाय आधारित निगरानी और सख्त कानूनी कार्रवाई दोनों पर समान रूप से जोर दिया जा रहा है।

वन्यजीव संरक्षण के लिए सख्त संदेश..

उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में हुई इस कार्रवाई को वन्यजीव संरक्षण और वन अपराधों पर अंकुश लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। वन विभाग का मानना है कि इस कार्रवाई से अवैध लकड़ी कटाई और शिकार में संलिप्त लोगों को स्पष्ट संदेश जाएगा कि संरक्षित क्षेत्रों में कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।