

बिलासपुर। नगर के प्राचीन श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर में पुरुषोत्तम मास (अधिक मास) के पावन अवसर पर एक माह तक चलने वाले दिव्य धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जा रहा है। मंदिर समिति द्वारा श्रद्धालुओं के लिए विशेष मनोरथी व्यवस्था की गई है, ताकि अधिक से अधिक भक्त इस पुण्य अवसर में सहभागी बनकर भगवान श्री लक्ष्मी नारायण की कृपा प्राप्त कर सकें।


मंदिर में प्रतिदिन प्रातःकाल भगवान श्री लक्ष्मी नारायण का दिव्य अभिषेक 108 श्रीसूक्त एवं पुरुषसूक्त के वैदिक मंत्रों के साथ किया जाएगा। वहीं सायंकाल भगवान का 1008 नामों से सहस्त्रार्चन होगा। इसके साथ ही भगवान को सहस्त्रछिद्रीय मालपुए का विशेष भोग अर्पित किया जाएगा, जिसे अत्यंत पुण्यदायी माना गया है।

मंदिर समिति ने बताया कि शास्त्रों में पुरुषोत्तम मास का विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता है कि जब पुरुषोत्तम मास ज्येष्ठ मास में आता है, तब भगवान श्रीहरि के अभिषेक और विशेष पूजन से मनोकामनाओं की पूर्ति तथा अभीष्ट सिद्धि प्राप्त होती है। इसी प्रकार 1008 नामों से सहस्त्रार्चन करने से वैभव, सुख-समृद्धि और संपत्ति की प्राप्ति होती है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पुरुषोत्तम मास में भगवान को मालपुए का भोग लगाने से जीव को 84 लाख योनियों के चक्र से मुक्ति का पुण्य प्राप्त होता है। यही कारण है कि इस माह में भगवान विष्णु और लक्ष्मी जी की आराधना का विशेष महत्व माना गया है।

मंदिर समिति ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे इस माहभर चलने वाले दिव्य अनुष्ठान में सहभागी बनकर धर्म लाभ प्राप्त करें और भगवान श्री लक्ष्मी नारायण का आशीर्वाद प्राप्त करें। मंदिर परिसर में प्रतिदिन सुबह और शाम विशेष पूजा-अर्चना, मंत्रोच्चार और भक्ति कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहेगा।



