बिलासपुर में महज 6 दिन में 8 हजार से ज्यादा ऑटो का क्यूआर कोड रजिस्ट्रेशन, बिना स्कैनिंग सफर न करने की अपील..

बिलासपुर। शहर में सार्वजनिक परिवहन को सुरक्षित, पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने के लिए पुलिस ने व्यापक अभियान शुरू किया है। पुलिस उप महानिरीक्षक और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) रजनेश सिंह के निर्देश पर चलाए जा रहे इस विशेष अभियान के तहत महज 6 दिनों के भीतर शहर और ग्रामीण इलाकों के 8000 से अधिक ऑटो चालकों और उनके मालिकों का क्यूआर कोड के जरिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन पूरा कर लिया गया है।

इस नई व्यवस्था के लागू होने के बाद अब यात्रियों को ऑटो में बैठते ही क्यूआर कोड स्कैन करने पर चालक और वाहन मालिक की पूरी जानकारी मिल जाएगी। रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी कर चुके सभी ऑटो पर यातायात पुलिस ने अपने सूचनात्मक स्टीकर लगाने शुरू कर दिए हैं।

स्मार्टफोन न चलाने वाले चालकों का पुलिस ने खुद किया रजिस्ट्रेशन..

शहर के सभी चौक-चौराहों और थाना क्षेत्रों में यातायात पुलिस और जिला बल की टीमें लगातार कैंप लगाकर यह कार्रवाई कर रही हैं। जांच के दौरान सामने आया कि कई ऑटो चालक एंड्रॉइड फोन के इस्तेमाल के अभ्यस्त नहीं थे और ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी करने में तकनीकी रूप से निपुण नहीं थे। ऐसे चालकों का रजिस्ट्रेशन पुलिस और यातायात बल ने मौके पर ही अपने स्तर पर पूरा किया। इस वृहद अभियान में पुलिस को जिले के गणमान्य नागरिकों, युवा संगठनों, नागरिक व छात्र-छात्रा संगठनों के साथ-साथ एनसीसी, एनएसएस, स्काउट गाइड और सड़क सुरक्षा समिति के सदस्यों का भी जमीनी सहयोग मिला। इसी का परिणाम है कि बहुत ही कम समय यानी मात्र 06 दिन में 8 हजार से अधिक ऑटो का डाटा बेस तैयार हो सका।

23 पीए सिस्टम से 24 घंटे चल रहा जागरूकता अभियान..

जिले में शत-प्रतिशत ऑटो का रजिस्ट्रेशन सुनिश्चित करने के लिए यह कार्रवाई 24*7 यानी लगातार जारी है। शहर के अलग-अलग हिस्सों में स्थापित 23 पब्लिक एड्रेस (पीए) सिस्टम के माध्यम से लगातार अनाउंसमेंट की जा रही है। इसके जरिए नागरिकों और ऑटो चालकों को रजिस्ट्रेशन अनिवार्य होने की सूचना दी जा रही है। पुलिस विभाग के मुताबिक, पिछले कुछ समय से ऑटो चालन के क्षेत्र में मनमानी और दुर्व्यवहार की शिकायतें मिल रही थीं। इन्हीं शिकायतों को ध्यान में रखते हुए पूरी पारदर्शिता के लिए यह सिस्टम अनिवार्य किया गया है।

महिला चालकों की सुरक्षा और विवादों पर लगेगा ब्रेक..

जिले में सरकारी योजनाओं के तहत बड़ी संख्या में महिला ऑटो चालक भी 24 घंटे शहर और दूरस्थ क्षेत्रों में ऑटो का संचालन कर रही हैं। नई क्यूआर कोड प्रणाली से न केवल यात्रियों का सफर सुरक्षित होगा, बल्कि रात के वक्त ऑटो चलाने वाली इन महिलाओं की सुरक्षा भी मजबूत होगी। इसके अलावा, किराया या रूट को लेकर यात्रियों और चालकों के बीच होने वाले विवाद, संशय या किसी भी असुविधा की स्थिति में अब सीधे पुलिस का तत्काल सहयोग लेना आसान हो जाएगा। जल्द ही सभी ऑटो के आगे और पीछे निर्धारित जगह पर एक यूनिक आईडी भी प्रदर्शित की जाएगी।

यात्रियों से सख्त अपील:

पुलिस ने एडवाइजरी जारी की है कि यात्री, विशेषकर महिलाएं और बुजुर्ग, बिना पंजीयन और बिना क्यूआर कोड वाले किसी भी ऑटो में बिल्कुल भी सफर न करें।

जानकारी साझा करने की सुविधा..

यात्री सफर के दौरान क्यूआर कोड स्कैन कर ऑटो चालक की डिटेल सीधे अपने परिजनों या रिश्तेदारों के वॉट्सऐप पर भेज सकेंगे।

रात के सफर में सावधानी..

पुलिस ने निर्देश दिए हैं कि रात्रिकालीन और संवेदनशील समय में यात्रा करने से पहले स्कैनिंग अनिवार्य रूप से की जाए ताकि अनहोनी होने पर पुलिस के पास प्रामाणिक और अधिकृत जानकारी मौजूद रहे।