
बिना रॉयल्टी पर्ची के चल रहा था अवैध परिवहन का खेल..

कलेक्टर के निर्देश पर खनिज, राजस्व और पुलिस विभाग का संयुक्त ऑपरेशन..
बिलासपुर। जिले में खनिज माफियाओं और अवैध परिवहनकर्ताओं के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया गया है। कलेक्टर के सख्त निर्देश और खनिज विभाग के उप संचालक के मार्गदर्शन में 12 अक्टूबर से 15 अक्टूबर 2026 के बीच जिले के 13 अलग-अलग इलाकों में एकाएक छापेमारी की गई। इस 4 दिवसीय सघन जांच अभियान में बिना वैध दस्तावेजों और रॉयल्टी पर्ची के रेत, गिट्टी और चूना पत्थर डस्ट (लाइमस्टोन डस्ट) का अवैध परिवहन करते हुए कुल 10 भारी वाहनों को मौके से पकड़ा गया है। इनमें 7 हाइवा और 3 ट्रैक्टर-ट्रॉली शामिल हैं, जिन्हें खनिज अधिनियम के तहत जब्त कर पुलिस को सौंप दिया है।
सकरी से मस्तूरी तक बिछा था मुखबिरों का जाल..
अवैध उत्खनन और परिवहन की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद अमले ने एक गुप्त रणनीति के तहत फील्ड में टीम उतारी। रतनपुर, कोटा, खोलीपारा, तुरकाडीह, सेंदरी, कोनी, कच्छार, लमेर, निरतु, सकरी, लालखदान, मस्तूरी और लावर जैसे चिह्नित संवेदनशील इलाकों में एक साथ दबिश दी गई। इस दौरान ग्राम खोलीपारा में खनिज रेत का अवैध उत्खनन और परिवहन कर ले जाते 2 ट्रैक्टर पकड़े गए, जबकि ग्राम लमेर से भी रेत ढोता 1 ट्रैक्टर जब्त किया गया। जांच टीम ने जब लालखदान क्षेत्र में घेराबंदी की, तो वहां से खनिज गिट्टी का अवैध परिवहन करते 2 हाइवा वाहन टीम के हत्थे चढ़ गए।
लावर और सैदा रूट पर पकड़े गए सबसे ज्यादा हाइवा..
गिट्टी और डस्ट का अवैध काम करने वालों की सबसे ज्यादा आवाजाही लावर और सैदा रूट पर मिली। ग्राम सैदा के पास खनिज अमले ने चूना पत्थर डस्ट का अवैध परिवहन कर रहे 1 हाइवा को रोका। दस्तावेजों की जांच में चालक कोई वैध पर्ची पेश नहीं कर सका। वहीं लावर क्षेत्र में चेकिंग के दौरान खनिज गिट्टी का परिवहन करते 3 हाइवा और रेत का परिवहन करते 1 हाइवा को पकड़ा गया। इन सभी 10 वाहनों के खिलाफ माइनिंग एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया गया है।
थानों और चौकियों को बनाया गया डंपिंग यार्ड..
जब्त किए गए सभी 10 भारी वाहनों को सुपुर्दगी के लिए अलग-अलग सुरक्षित ठिकानों पर भेजा गया है। खनिज नियमों के तहत इन वाहनों को पुलिस थाना कोनी, पुलिस थाना कोटा और खनिज जांच चौकी लावर की अभिरक्षा में खड़ा किया गया है। जब तक वाहन मालिकों द्वारा रॉयल्टी चोरी का जुर्माना और विभाग द्वारा तय की गई भारी पेनाल्टी जमा नहीं की जाती, वाहन यहीं रहेंगे।
पेनाल्टी का गणित और सिंडिकेट की भूमिका..
पकड़े गए 7 हाइवा और 3 ट्रैक्टरों पर अब खनिज विभाग रॉयल्टी और पेनाल्टी की गणना कर रहा है। बताया जा रहा है कि जिन 13 रूटों पर यह गाड़ियां पकड़ी गई हैं, वहां लंबे समय से बिना रॉयल्टी पर्ची के खनिज ढुलाई का खेल चल रहा था। विभाग अब उत्खनन के मूल स्रोतों की भी पहचान कर रहा है, जिसके बाद खदान मालिकों और ठेकेदारों पर भी लाखों का जुर्माना तय किया जाएगा।
अब रात में भी चलेगा जॉइंट ऑपरेशन..
जिले में माफियाओं के नेटवर्क को तोड़ने के लिए अब केवल खनिज विभाग ही नहीं, बल्कि पुलिस विभाग और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम निरंतर कार्रवाई कर रही है। सूत्रों के मुताबिक इस कार्रवाई के बाद रात्रिकालीन गश्त और नाकेबंदी को और सख्त करने का रोडमैप तैयार कर लिया गया है।
खनिज विभाग अब पकड़े गए वाहन चालकों से पूछताछ कर इस बात की तफ्तीश कर रहा है कि यह रेत और गिट्टी किस खदान से निकाली गई थी और इसकी सप्लाई किस कंस्ट्रक्शन साइट या प्लांट पर होनी थी। इस जांच रिपोर्ट के आधार पर जल्द ही कुछ बड़े सप्लायर्स को भी नोटिस जारी होने की संभावना है।







