ट्रेनों और स्टेशनों के खाने पर अब तीसरी एजेंसी की नजर ; IRCTC ने QCI से किया करार..

हर तिमाही और छह महीने में जांच, 24 घंटे में देनी होगी रिपोर्ट; गड़बड़ी मिलने पर वेंडरों पर होगी कार्रवाई..

बिलासपुर। रेलवे में यात्रियों को परोसे जाने वाले खाने की गुणवत्ता और साफ-सफाई की जांच अब स्वतंत्र एजेंसी करेगी। इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन (IRCTC) ने भारतीय गुणवत्ता परिषद (QCI) के साथ समझौता किया है। इसके तहत ट्रेनों में चलने वाली खानपान सेवाओं और रेलवे स्टेशनों पर मौजूद खाने-पीने की दुकानों की औचक जांच होगी। जांच के लिए हर तीन महीने और छह महीने में अलग-अलग निरीक्षण चक्र चलाए जाएंगे। सबसे अहम बात यह है कि जांच की रिपोर्ट 24 घंटे के भीतर देनी होगी। इससे खाने की गुणवत्ता, रसोई की सफाई और नियमों की अनदेखी करने वाले वेंडरों की पहचान कर उन पर कार्रवाई की जा सकेगी।

मोबाइल एप से होगी जांच, फोटो के साथ दर्ज होंगे सबूत..

इस समझौते के तहत QCI अपने प्रमाणित जांचकर्ताओं को तैनात करेगा। जांच के दौरान मोबाइल एप का इस्तेमाल किया जाएगा। इसमें निरीक्षण की जगह की जियो-टैगिंग, समय का रिकॉर्ड और मौके की तस्वीरें दर्ज करना जरूरी होगा। इससे यह पता लगाया जा सकेगा कि जांच कहां और कब हुई। रिपोर्ट तैयार करने में देरी और जांच के रिकॉर्ड में बदलाव की गुंजाइश कम करने के लिए पूरी प्रक्रिया डिजिटल रखी जाएगी।

जांच में मिली कमियों को दूर करने के लिए सुधारात्मक और बचाव संबंधी कार्रवाई की निगरानी भी की जाएगी। यदि किसी वेंडर के यहां सफाई, भोजन की गुणवत्ता या तय नियमों के पालन में कमी मिलती है, तो उसकी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सकेगी। हालांकि, समझौते में जुर्माने की तय राशि या कार्रवाई की अलग-अलग श्रेणियों का ब्योरा नहीं दिया गया है।

कच्चे सामान से लेकर कर्मचारियों की सफाई तक जांच..

QCI की टीम केवल तैयार खाने की जांच तक सीमित नहीं रहेगी। इसमें कच्चे सामान को रखने, भोजन के तापमान, कीट नियंत्रण और रसोई की सफाई जैसे बिंदु शामिल होंगे। शाकाहारी और मांसाहारी सामग्री को अलग रखने, खाने को सही तापमान पर रखने और कर्मचारियों की साफ-सफाई पर भी ध्यान दिया जाएगा।

खानपान से जुड़े कर्मचारियों की मेडिकल फिटनेस, सुरक्षा के लिए जरूरी कपड़े और यात्रियों से व्यवहार के तय नियमों की भी जांच होगी। इस पूरी व्यवस्था का मकसद रेलवे की चलती ट्रेनों और स्टेशन की दुकानों पर खाने की गुणवत्ता के लिए एक जैसे नियम लागू करना है।

FSSAI के नियमों के पालन पर रहेगा जोर..

जांच में भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) के नियमों के पालन को अहम माना जाएगा। रेलवे में रोजाना बड़ी संख्या में यात्रियों को भोजन उपलब्ध कराया जाता है। ऐसे में किसी एक रसोई या दुकान में मिली गड़बड़ी भी बड़ी संख्या में यात्रियों को प्रभावित कर सकती है। स्वतंत्र जांच से IRCTC को कमियों की पहचान करने और संबंधित वेंडर से जवाब लेने में मदद मिलेगी।

समझौते पर IRCTC के महाप्रबंधक सुधीर वारियर और QCI के प्रधान सलाहकार एवं पीपीआईडी प्रमुख सुब्रतो घोष ने हस्ताक्षर किए। इस मौके पर QCI के सीईओ रामानन्द नागेंद्र शुक्ला, सहायक महासचिव मोहित पाढ़ी, IRCTC के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक राहुल हिमालयन और निदेशक (कैटरिंग सेवाएं) मनोज कुमार शर्मा मौजूद थे।