चार महीने बाद बिलासपुर-कोलकाता फ्लाइट की वापसी, सीधी उड़ान मिलेगी लेकिन किराये का झटका !

1 नवंबर से शुरू होगी अलायंस एयर की सेवा, सुबह 11:40 बजे बिलासपुर से उड़ान भरकर दोपहर 1:30 बजे पहुंचेगा विमान; क्षेत्रीय संपर्क योजना से बाहर होने के कारण सस्ती यात्रा की उम्मीद पर सवाल..

बिलासपुर। कोलकाता जाने के लिए अब यात्रियों को चार महीने तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा। बिलासपुर से कोलकाता के बीच सीधी विमान सेवा एक बार फिर शुरू होने जा रही है। विमानन कंपनी अलायंस एयर ने 1 नवंबर 2026 से इस रूट पर उड़ान शुरू करने का शेड्यूल जारी किया है। इससे बिलासपुर सहित आसपास के जिलों के यात्रियों को राहत मिलेगी। हालांकि, इस राहत के साथ किराये का सवाल भी जुड़ा हुआ है। पहले क्षेत्रीय संपर्क योजना के तहत अपेक्षाकृत कम किराये पर उपलब्ध रही यह सेवा अब सामान्य किराया व्यवस्था में संचालित होगी। ऐसे में यात्रियों को पहले के मुकाबले अधिक रकम खर्च करनी पड़ सकती है।

सीधी उड़ान शुरू होने से कोलकाता पहुंचने में लगने वाला समय बचेगा और यात्रियों को दूसरे शहरों से होकर जाने की परेशानी से राहत मिलेगी। लेकिन इस बार सबसे बड़ा सवाल यही है कि विमान सेवा की वापसी के साथ यात्रियों को कितनी किफायती दर पर टिकट मिलेंगे। फिलहाल कंपनी ने उड़ान का समय निर्धारित कर दिया है और टिकटों की बुकिंग भी शुरू कर दी है। वास्तविक किराया यात्रा की तारीख, सीटों की उपलब्धता और बुकिंग के समय के अनुसार अलग-अलग हो सकता है।

सुबह 11:40 बजे बिलासपुर से उड़ान, दोपहर 1:30 बजे कोलकाता पहुंचेंगे यात्री..

अलायंस एयर के जारी शेड्यूल के अनुसार, बिलासपुर एयरपोर्ट से कोलकाता के लिए विमान सुबह 11:40 बजे रवाना होगा। विमान दोपहर 1:30 बजे कोलकाता एयरपोर्ट पहुंचेगा। निर्धारित समय के अनुसार, दोनों शहरों के बीच हवाई सफर में करीब एक घंटा 50 मिनट लगेगा।

सीधी उड़ान का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि यात्रियों को रास्ते में विमान बदलने या दूसरे शहर के एयरपोर्ट तक पहुंचने की जरूरत नहीं पड़ेगी। खासकर कारोबार, नौकरी, शिक्षा और निजी काम से कोलकाता जाने वाले लोगों के लिए यह सेवा उपयोगी साबित हो सकती है।

पहले 2 हजार से शुरू हुआ था किराया, अब महंगी हो सकती है यात्रा..

बिलासपुर-कोलकाता सीधी विमान सेवा 12 मार्च 2026 को शुरू हुई थी। शुरुआती दौर में टिकट का किराया करीब 2,000 रुपये बताया गया था। बाद में किराया बढ़कर लगभग 3,500 रुपये तक पहुंच गया। जून 2026 तक सामान्य तौर पर इसी दर के आसपास टिकट उपलब्ध होने की बात सामने आई थी। हालांकि, उस समय भी वास्तविक किराया बुकिंग की तारीख और सीटों की उपलब्धता के अनुसार बदल सकता था।

अब सेवा दोबारा शुरू होने पर किराये में बढ़ोतरी की आशंका जताई जा रही है। पहले की तुलना में दोगुना किराया चुकाने की चर्चा यात्रियों के बीच है, लेकिन वास्तविक बढ़ोतरी का आकलन कंपनी की मौजूदा बुकिंग दरों से ही किया जा सकेगा। इसलिए टिकट के शुरुआती किराये और अलग-अलग तारीखों पर उपलब्ध दरों को देखना महत्वपूर्ण होगा।

क्षेत्रीय संपर्क योजना से बाहर, सस्ती उड़ान की उम्मीद पर सवाल..

इस विमान सेवा की शुरुआत क्षेत्रीय संपर्क योजना (आरसीएस) के तहत हुई थी। इस योजना का उद्देश्य छोटे शहरों को हवाई संपर्क से जोड़ना और आम यात्रियों के लिए हवाई यात्रा को अधिक सुलभ बनाना है। अब दोबारा शुरू होने वाली सेवा सामान्य किराया व्यवस्था के तहत संचालित होने की जानकारी दी गई है।

यही बदलाव किराये को लेकर चर्चा का प्रमुख कारण है। क्षेत्रीय संपर्क योजना के तहत मिलने वाली सुविधा और सामान्य किराया व्यवस्था में अंतर होने से यात्रियों को पहले जैसी दरों पर टिकट मिलना जरूरी नहीं है। हालांकि, वास्तविक किराया कितना होगा, यह बुकिंग के समय उपलब्ध टिकटों और कंपनी की मूल्य निर्धारण व्यवस्था पर निर्भर करेगा।

बिलासपुर जैसे शहर के लिए नियमित हवाई संपर्क केवल यात्रा की सुविधा नहीं, बल्कि व्यापार, पर्यटन, शिक्षा और स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों से भी जुड़ा है। ऐसे में सीधी उड़ान की बहाली के साथ किराये का किफायती रहना भी यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण है।

चार महीने तक बंद रही सेवा, दूसरे विकल्पों पर निर्भर थे यात्री..

बिलासपुर से कोलकाता की सीधी उड़ान बंद रहने के कारण यात्रियों को दूसरे साधनों और वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेना पड़ रहा था। इससे यात्रा में अधिक समय लगने के साथ अतिरिक्त खर्च भी हो सकता था। अब 1 नवंबर से सेवा शुरू होने पर यात्रियों को सीधे कोलकाता पहुंचने का विकल्प फिर मिल जाएगा।

इस सेवा का लाभ बिलासपुर के अलावा आसपास के क्षेत्रों से कोलकाता जाने वाले यात्रियों को भी मिल सकता है। कारोबारियों, विद्यार्थियों और नियमित रूप से यात्रा करने वालों के लिए सीधी उड़ान समय बचाने का माध्यम बनेगी।

उड़ान शुरू होने से राहत, लेकिन किराया तय करेगा यात्रियों का रुझान..

सीधी विमान सेवा की बहाली निश्चित रूप से बिलासपुर के हवाई संपर्क के लिहाज से महत्वपूर्ण है। लेकिन सेवा कितनी लोकप्रिय होगी, यह केवल उड़ान शुरू होने से तय नहीं होगा। टिकटों की कीमत, सीटों की उपलब्धता और उड़ान की नियमितता भी इसमें अहम भूमिका निभाएगी।

यदि किराया अधिक रहता है, तो सीमित बजट वाले यात्रियों के लिए हवाई सफर करना मुश्किल हो सकता है। दूसरी ओर, समय बचाने की जरूरत वाले यात्रियों के लिए सीधी उड़ान उपयोगी विकल्प बनी रहेगी।

फिलहाल 1 नवंबर से बिलासपुर-कोलकाता विमान सेवा की वापसी का इंतजार है। अब यात्रियों की नजरें टिकटों के वास्तविक शुरुआती किराये पर टिकी हैं। सीधी उड़ान से मिली राहत कितनी किफायती साबित होगी, इसका फैसला बुकिंग दरें ही करेंगी।