दुष्कर्म का आरोपी अस्पताल में मोबाइल चलाते और गुटखा खाते दिखा, बगल में आराम करते रहे दो आरक्षक..

मेडिकल कॉलेज अस्पताल के स्पेशल वार्ड का वीडियो सामने आने के बाद आरोपी की निगरानी पर सवाल, CSP बोले- जांच के बाद होगी कार्रवाई..

कोरबा। दुष्कर्म के आरोप में पकड़े गए एक व्यक्ति का मेडिकल कॉलेज अस्पताल से सामने आया वीडियो पुलिस की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है। वीडियो में आरोपी स्पेशल वार्ड के बेड पर लेटकर मोबाइल पर बात करता और गुटखा खाते नजर आ रहा है। उसके बगल के बेड पर दो पुलिस आरक्षक भी आराम करते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद यह सवाल उठने लगा है कि अस्पताल में भर्ती आरोपी की निगरानी किस तरह की जा रही थी और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन कैसे कर रहे थे।

पुलिस का कहना है कि महिला की शिकायत पर आरोपी पवन महतो को पकड़ा गया था। मेडिकल जांच के दौरान उसकी तबीयत खराब होने की बात सामने आने पर उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। उसकी निगरानी के लिए दो आरक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है। वहीं, वीडियो में आरोपी की सामान्य गतिविधियां नजर आने के बाद अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, वीडियो के आधार पर आरोपी की बीमारी या अस्पताल में भर्ती होने के कारणों पर अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। इसकी वास्तविक स्थिति मेडिकल रिकॉर्ड और जांच से ही स्पष्ट होगी।

स्पेशल वार्ड में मोबाइल चलाता दिखा आरोपी, निगरानी पर सवाल..

अस्पताल से सामने आए वीडियो में पवन महतो बेड पर लेटा हुआ दिखाई देता है। इस दौरान वह मोबाइल पर बात करता और गुटखा खाते नजर आ रहा है। उसके पास वाले बेड पर दो पुलिस आरक्षक भी आराम करते दिखाई देते हैं। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस की निगरानी व्यवस्था को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।

गंभीर आरोपों में पकड़े गए व्यक्ति को अस्पताल में भर्ती किए जाने की स्थिति में उसकी सुरक्षा और निगरानी महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों की जिम्मेदारी भी सवालों के घेरे में आ गई है। हालांकि, वीडियो में दिखाई देने वाला दृश्य किस समय का है और उस दौरान आरोपी की निगरानी के लिए क्या व्यवस्था थी, इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

मामले में यह भी स्पष्ट होना बाकी है कि आरोपी को मोबाइल इस्तेमाल करने की अनुमति किस परिस्थिति में मिली और अस्पताल में उसकी निगरानी के लिए निर्धारित नियमों का पालन किया जा रहा था या नहीं। इन बिंदुओं पर जांच के बाद ही स्थिति साफ हो सकेगी।

तबीयत खराब होने पर भर्ती कराने की पुलिस की दलील..

पुलिस के मुताबिक, मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र का है। महिला की शिकायत मिलने के बाद आरोपी को पकड़ा गया था। इसके बाद मेडिकल जांच के दौरान उसकी तबीयत खराब होने की बात सामने आई, जिसके चलते उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल में उसकी निगरानी के लिए दो पुलिस आरक्षकों को तैनात किया गया है।

CSP प्रतीक चतुर्वेदी ने बताया कि आरोपी को मेडिकल जांच के दौरान तबीयत खराब होने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। वीडियो में दिखाई दे रही स्थिति और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों की भूमिका को लेकर उठे सवालों पर जांच के बाद ही स्पष्ट जानकारी सामने आ सकेगी।

32 वर्षीय महिला ने लगाया दुष्कर्म का आरोप..

पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार, करीब 32 वर्षीय महिला कोरबा के खरमोरा इलाके की रहने वाली है। महिला के पति की मौत हो चुकी है। वह अपनी बेटी के साथ माता-पिता के घर रहकर प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करती है।

महिला ने शिकायत में बताया कि 14 अप्रैल 2022 को वह सतरेंगा में पिकनिक मनाने गई थी। इसी दौरान जमीन के सिलसिले में उसकी मुलाकात पवन महतो से हुई। शिकायत के मुताबिक, पवन कोरबा के एक पावर प्लांट में काम करता है और अभिनंदन कॉम्प्लेक्स के पास उसकी चार डिसमिल जमीन थी। इस जमीन को बिकवाने के सिलसिले में दोनों के बीच परिचय हुआ था।

महिला का आरोप है कि जमीन के मामले में हुई जान-पहचान धीरे-धीरे नजदीकी में बदल गई। इसके बाद पवन ने उससे प्रेम और शादी करने की बात कही। महिला ने पुलिस को दिए बयान में संबंधों के दौरान शादी का भरोसा दिए जाने का भी आरोप लगाया है।

शादी का भरोसा देकर शारीरिक संबंध बनाने का आरोप..

शिकायत के अनुसार, 19 अप्रैल 2023 को पवन महतो महिला को रामपुर हाउसिंग बोर्ड स्थित अपने किराए के फ्लैट में ले गया। महिला का आरोप है कि वहां उसकी इच्छा के विरुद्ध शारीरिक संबंध बनाए गए। उसने यह भी आरोप लगाया कि इसके बाद आरोपी शादी का भरोसा देकर कई बार उसके साथ शारीरिक संबंध बनाता रहा।

महिला के मुताबिक, जब भी वह शादी की बात करती थी, आरोपी अपनी पत्नी को तलाक देकर उससे शादी करने का आश्वासन देता था। शिकायत में कहा गया है कि समय बीतने के साथ आरोपी शादी की बात टालता रहा। इससे परेशान होकर महिला ने 8 अक्टूबर 2026 को सिविल लाइन रामपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस ने शिकायत की जांच के बाद आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। मामले में लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के दौरान ही होगी। आरोपी का पक्ष तथा मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की जानकारी सामने आने के बाद प्रकरण की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।

आरोपी के बाद अब पुलिस निगरानी व्यवस्था पर भी नजर..

इस मामले में एक ओर महिला की शिकायत पर दर्ज दुष्कर्म के आरोप हैं, तो दूसरी ओर अस्पताल में आरोपी की निगरानी को लेकर सवाल उठ रहे हैं। वीडियो में दो पुलिस आरक्षकों का आराम करते दिखाई देना इस चर्चा का प्रमुख कारण बना है। हालांकि, केवल इस दृश्य से यह तय नहीं किया जा सकता कि पुलिसकर्मियों ने ड्यूटी में लापरवाही की या निगरानी के नियमों का उल्लंघन हुआ।

अब जांच में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि आरोपी को अस्पताल में भर्ती करने का चिकित्सकीय आधार क्या था, उसकी निगरानी के लिए क्या निर्देश दिए गए थे और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने निर्धारित जिम्मेदारियों का पालन किया या नहीं।

CSP प्रतीक चतुर्वेदी ने जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की बात कही है। फिलहाल आरोपी की चिकित्सकीय स्थिति, अस्पताल में निगरानी की व्यवस्था और पुलिसकर्मियों की भूमिका को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही सामने आएगा।