तौरेंगा बफर क्षेत्र के बोइरगांव में कार्रवाई, आरोपी को कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा..

गरियाबंद। उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के बफर क्षेत्र में संरक्षित वन भूमि पर अतिक्रमण के मामले में वन विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है। तौरेंगा वन परिक्षेत्र के अंतर्गत बोइरगांव परिसर के संरक्षित वन क्षेत्र में अतिक्रमण के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। न्यायालय के आदेश पर आरोपी को 14 दिनों की न्यायिक रिमांड पर जिला जेल गरियाबंद भेज दिया गया है।

वन विभाग के अनुसार कार्रवाई संरक्षित वन क्षेत्र के कक्ष क्रमांक 1092 में अतिक्रमण के मामले में की गई है। मामले में फरसूराम पिता मशोद राम, उम्र 58 वर्ष, निवासी ग्राम कोदोमाली के खिलाफ वन अपराध प्रकरण दर्ज किया गया है।
वन भूमि पर अतिक्रमण का मामला..
विभागीय जानकारी के मुताबिक आरोपी के विरुद्ध वन अपराध पीओआर क्रमांक 39/01, दिनांक 3 अगस्त 2026 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया था। जांच और आवश्यक कार्रवाई पूरी करने के बाद आरोपी को 5 सितंबर को गरियाबंद स्थित मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी न्यायालय के समक्ष पेश किया गया।
मामले की सुनवाई के बाद न्यायालय ने आरोपी को 18 सितंबर 2026 तक 14 दिनों की न्यायिक रिमांड पर भेजने का आदेश दिया। इसके बाद आरोपी को जिला जेल गरियाबंद में दाखिल कराया गया।
बफर क्षेत्र में अतिक्रमण पर निगरानी बढ़ी..
उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के बफर क्षेत्र में वन भूमि को अतिक्रमण से बचाने के लिए वन विभाग द्वारा लगातार निगरानी और कार्रवाई की जा रही है। संरक्षित वन क्षेत्र में अतिक्रमण को वन विभाग गंभीर अपराध के रूप में देखता है, क्योंकि इससे वन क्षेत्र के संरक्षण और वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास पर असर पड़ने की आशंका रहती है।
वन विभाग की इस कार्रवाई को बफर क्षेत्र में वन भूमि की सुरक्षा को लेकर सख्ती के तौर पर देखा जा रहा है। विभाग का कहना है कि संरक्षित क्षेत्र में अतिक्रमण की किसी भी कोशिश पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
अब आगे की कार्रवाई पर नजर..
आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेजे जाने के बाद अब मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। वन विभाग की जांच में अतिक्रमण की स्थिति, उससे जुड़े अन्य तथ्यों और मामले में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है या नहीं, इस पर भी नजर रहेगी।







