नेहरू चौक पर कांग्रेसियों ने किया प्रदर्शन, कीमतें नियंत्रित करने और कथित कालाबाजारी पर कार्रवाई की मांग..

बिलासपुर, 5 सितंबर 2026। त्योहारी सीजन शुरू होने से पहले शक्कर की बढ़ती कीमतों ने राजनीतिक मुद्दे का रूप ले लिया है। शक्कर के दामों में बढ़ोतरी और कथित कालाबाजारी के विरोध में बिलासपुर जिला कांग्रेस कमेटी ने शनिवार को नेहरू चौक पर ‘चीनी सत्याग्रह’ किया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के निर्देश पर आयोजित इस प्रदर्शन का नेतृत्व शहर कांग्रेस अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा और ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री ने किया। बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता प्रदर्शन में शामिल हुए और केंद्र व राज्य की भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए शक्कर की कीमतों पर नियंत्रण की मांग की।
कांग्रेस नेताओं का कहना था कि शक्कर आम आदमी की रोजमर्रा की जरूरत की वस्तु है। इसके दाम बढ़ने का सीधा असर घरेलू बजट पर पड़ता है। खासतौर पर त्योहारों के दौरान मिठाई और अन्य व्यंजनों में शक्कर की खपत बढ़ जाती है। ऐसे समय में इसकी कीमत बढ़ने से आम परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
42 से 75 रुपये किलो तक पहुंचने का दावा..
शहर कांग्रेस अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा ने कहा कि देश में महंगाई लगातार बढ़ रही है और इसका असर आम लोगों की रसोई पर पड़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि शक्कर की कीमत करीब 42 रुपये से बढ़कर 75 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि त्योहारों के समय जब परिवारों का खर्च पहले ही बढ़ जाता है, तब शक्कर जैसी जरूरी खाद्य सामग्री के दाम बढ़ना चिंता का विषय है।

उन्होंने केंद्र सरकार से महंगाई पर प्रभावी नियंत्रण के साथ ही शक्कर की कीमतों को लेकर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि शक्कर की कीमतों में वृद्धि के पीछे बाजार में कथित कालाबाजारी और जमाखोरी की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए।
कांग्रेस बोली – आंदोलन के बाद कीमतों में आई कमी..
ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री ने आरोप लगाया कि केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार के कार्यकाल में आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने कहा कि कई बार पहले कीमतें बढ़ाई जाती हैं और बाद में कुछ रुपये की कमी कर इसे जनता के लिए राहत के रूप में प्रस्तुत किया जाता है।

गंगोत्री ने दावा किया कि कांग्रेस के आंदोलन के बाद शक्कर की कीमतों में करीब 10 से 12 रुपये तक की कमी हुई है, लेकिन इसके बावजूद कीमतें पहले की तुलना में अधिक हैं। उन्होंने मांग की कि शक्कर के दामों को पुरानी दरों के आसपास लाया जाए, ताकि त्योहारों के दौरान आम परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े।
कालाबाजारी पर कार्रवाई की मांग..
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने शक्कर की कथित कालाबाजारी और जमाखोरी को भी प्रमुख मुद्दा बनाया। पार्टी का कहना है कि बाजार में शक्कर की उपलब्धता और कीमतों की निगरानी के लिए प्रभावी व्यवस्था होनी चाहिए। कांग्रेस ने सरकार से मांग की कि यदि कहीं कालाबाजारी या जमाखोरी पाई जाती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि ‘चीनी सत्याग्रह’ केवल बिलासपुर तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में प्रदर्शन के जरिए महंगाई का मुद्दा उठाया जा रहा है। पार्टी का कहना है कि आंदोलन के माध्यम से आम जनता की रसोई से जुड़े मुद्दों को सरकार के सामने मजबूती से रखा जाएगा।
नेहरू चौक पर जुटे कांग्रेस नेता-कार्यकर्ता..
बिलासपुर में सुबह 11 बजे नेहरू चौक पर आयोजित प्रदर्शन में शहर और ग्रामीण कांग्रेस के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और विभिन्न प्रकोष्ठों के नेता शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शक्कर की बढ़ती कीमतों पर सरकार का ध्यान आकर्षित किया और आम जनता को राहत देने की मांग की।


कार्यक्रम में सिद्धांशु मिश्रा, महेंद्र गंगोत्री, शैलेश पांडे, राजेंद्र शुक्ला, विजय पांडे, रविंद्र सिंह, नरेंद्र बोलर, रामशरण यादव, प्रमोद नायक, राजेंद्र साहू, जितेंद्र पांडे, देवेंद्र सिंह, अभय नारायण राय, राकेश शर्मा, महेश दुबे, शिवा मिश्रा, आशीष गोयल, सीमा घृतेश, समीर अहमद, तजम्मुल हक, लक्ष्मीनाथ साहू, संतोष गर्ग, गायत्री कौशिक, शिल्पी तिवारी, शेख दुलारे, स्वर्णा शुक्ला, गौरव एरी, दीपांशु श्रीवास्तव, रतीश श्रीवास्तव, महेश ठाकुर, फरीद खान, विनोद साहू, गजेंद्र श्रीवास्तव, संतोष ढीमर, वेदराम यादव, राजा व्यास, मो. अयूब, लखन नागदेव, दीपक कौशिक, राहुल सिंह, मो. शाहनवाज, संजीव पाल, शहजादी कुरैशी, शहजादा खान, वेद रात्रे, ब्रह्मदेव सिंह, नरेंद्र टंडन, प्रवेश पटवा, राकेश केसरी, करम गोरख, दीपक रचलवार, बापी डे, ईश्वर वैष्णव, महर दास, मोहम्मद सिद्दीकी, शेखर जायसवाल, चंद्रकांत सोनी, वसीम बक्श, जगन राम सूर्यवंशी, राजकुमार यादव, घनश्याम साहू, मनीष गड़ेवाल, सुरेंद्र तिवारी, पवन साहू, बालचंद साहू, सुशीला साहू, शादाब खान, अजय काले, शनि बेंजामिन, कमलेश लवहात्रे, आशीष सोनकर, रहमान अली, अवधेश कश्यप, शिरीष कश्यप, मजहर खान, श्याम मूरत कौशिक, कौशल पांडे, अविनाश ह्यूमने, अवनीश तिवारी, योगेश कौशिक, चंद्र कुमार नरनेजक, संतोष गुप्ता, विष्णु प्रसाद तिवारी, किशन पॉल, उदल सूर्यवंशी, राजा वर्मा, प्रदीप कुमार, निखिल शर्मा, ऋषभ साहू, कौशिक धर, जयकुमार यादव और अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।







