80 हजार की रिश्वत मांगने वाला BEO 10 हजार लेते रंगे हाथ गिरफ्तार..

एरियर की राशि निकालने के बदले शिक्षिका से मांगी थी मोटी रकम, एसीबी ने कार्यालय में ही बिछाया जाल..

सुकमा। एरियर की राशि निकालने के एवज में शिक्षिका से 80 हजार रुपए रिश्वत मांगना सुकमा के ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (BEO) को भारी पड़ गया। शिक्षिका की शिकायत पर एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने जाल बिछाकर बीईओ चंद्र कुमार यार्दा को 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। बुधवार को हुई इस कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया। बीईओ कार्यालय में काफी देर तक कार्रवाई को लेकर चर्चा होती रही।

एरियर भुगतान के लिए मांगे थे 80 हजार..

मिली जानकारी के अनुसार, सुकमा क्षेत्र में पदस्थ एक शिक्षिका अपने एरियर की राशि निकलवाने के संबंध में ब्लॉक शिक्षा अधिकारी कार्यालय पहुंची थी। आरोप है कि इस दौरान बीईओ चंद्र कुमार यार्दा ने एरियर की राशि जारी कराने के बदले शिक्षिका से 80 हजार रुपए रिश्वत की मांग की।

शिक्षिका रिश्वत देने के पक्ष में नहीं थी। उसने पूरे मामले की शिकायत बस्तर स्थित एंटी करप्शन ब्यूरो से कर दी। शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने प्राथमिक जांच में आरोपों की पुष्टि की और बीईओ को रिश्वत लेते पकड़ने की योजना बनाई।

पहली किस्त 10 हजार में तय हुआ सौदा..

शिकायत के बाद एसीबी की टीम ने ट्रैप की तैयारी की। बताया गया कि रिश्वत की रकम की पहली किस्त के तौर पर 10 हजार रुपए देने पर सहमति बनी। तय योजना के अनुसार शिक्षिका बुधवार को रिश्वत की रकम लेकर बीईओ कार्यालय पहुंची। जैसे ही शिक्षिका ने बीईओ को 10 हजार रुपए दिए, पहले से घात लगाए बैठी एसीबी की टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए चंद्र कुमार यार्दा को पकड़ लिया। टीम ने उनके कब्जे से रिश्वत की रकम बरामद कर ली।

कार्यालय में मचा हड़कंप..

बीईओ को रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े जाने की खबर कुछ ही देर में पूरे कार्यालय में फैल गई। अचानक हुई एसीबी की कार्रवाई से कर्मचारियों में भी हड़कंप मच गया। टीम ने मौके पर आवश्यक कार्रवाई पूरी करने के साथ ही बीईओ से पूछताछ शुरू कर दी।

एसीबी कर रही आगे की कार्रवाई..

फिलहाल एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने बीईओ चंद्र कुमार यार्दा को रिश्वत की रकम के साथ गिरफ्तार कर लिया है। टीम मामले से जुड़े दस्तावेजों और अन्य तथ्यों की जांच कर रही है। रिश्वत की मांग किस परिस्थिति में की गई और एरियर भुगतान की प्रक्रिया में अन्य किसी की भूमिका थी या नहीं, इसे लेकर भी जांच की जा रही है।

शिक्षिका की शिकायत और एसीबी की कार्रवाई ने एक बार फिर सरकारी कार्यालयों में रिश्वतखोरी के खिलाफ चल रही कार्रवाई को चर्चा में ला दिया है।