पंचों ने सरपंच-सचिव पर मनमानी का लगाया आरोप, कलेक्टर और जिला पंचायत सीईओ से शिकायत कर जांच की मांग..

बिलासपुर। ग्राम पंचायत बैमा में स्वतंत्रता दिवस के आयोजन को लेकर पंचायत के भीतर विवाद गहरा गया है। पंचायत के निर्वाचित पंचों ने सरपंच और सचिव पर पंचों को विश्वास में लिए बिना पंचायत का कामकाज संचालित करने और 15 अगस्त जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय पर्व के आयोजन में भी उनकी अनदेखी करने का आरोप लगाया है। पंचों ने मामले की शिकायत कलेक्टर संजय अग्रवाल और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी संदीप अग्रवाल से की है। शिकायत में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने के साथ ही यदि अनियमितता सामने आती है तो जिम्मेदारों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की मांग की गई है।
बिना बैठक के आयोजन कराने का आरोप..
पंचों का कहना है कि स्वतंत्रता दिवस पंचायत स्तर पर आयोजित होने वाला महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्यक्रम है। इसके बावजूद कार्यक्रम की तैयारी और आयोजन को लेकर पंचायत में आवश्यक बैठक अथवा सामान्य सभा नहीं बुलाई गई। पंचों के अनुसार 15 अगस्त को आयोजित मुख्य ध्वजारोहण कार्यक्रम की उन्हें विधिवत जानकारी नहीं दी गई और न ही सम्मानपूर्वक आमंत्रित किया गया। निर्वाचित पंचों ने इसे पंचायत की लोकतांत्रिक व्यवस्था और जनप्रतिनिधियों की गरिमा की अनदेखी बताया है।
पंचों ने शिकायत में कहा है कि पंचायत के कामकाज में निर्वाचित प्रतिनिधियों की सहभागिता जरूरी है। यदि पंचायत के महत्वपूर्ण निर्णयों और आयोजनों में पंचों को ही विश्वास में नहीं लिया जाएगा तो इससे पंचायत की पारदर्शिता और निर्णय प्रक्रिया पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
पंचायत की राशि खर्च करने की प्रक्रिया पर भी सवाल..
विवाद केवल 15 अगस्त के आयोजन तक सीमित नहीं है। पंचों ने स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में पंचायत की राशि खर्च किए जाने की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि कार्यक्रम के लिए राशि खर्च करने से पहले पंचायत में प्रस्ताव पारित हुआ था या नहीं, इसकी जांच की जाए।
इसके साथ ही आयोजन से जुड़े स्वीकृति आदेश, प्रस्ताव, बिल-वाउचर और भुगतान संबंधी दस्तावेजों की जांच कराने की मांग की गई है। पंचों का कहना है कि दस्तावेजों की जांच से यह स्पष्ट हो सकेगा कि कार्यक्रम में सरकारी राशि का उपयोग निर्धारित नियम और प्रक्रिया के तहत किया गया या नहीं।
पुरानी बैठकों और पंचायत के कामकाज की भी जांच की मांग..
पंचों ने प्रशासन से पंचायत की पूर्व बैठकों और कामकाज से जुड़े रिकॉर्ड की भी जांच कराने की मांग की है। उनका आरोप है कि पंचायत के कामकाज में निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया जा रहा है या नहीं, इसकी भी जांच आवश्यक है।
पंचों का कहना है कि पंचायत की बैठकों की कार्यवाही, प्रस्ताव रजिस्टर और अन्य अभिलेखों की जांच होने से वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है। साथ ही यह भी स्पष्ट होगा कि पंचायत के निर्णयों में निर्वाचित पंचों को उनकी निर्धारित भूमिका के अनुसार शामिल किया गया या नहीं।
कलेक्टर और जिला पंचायत सीईओ से कार्रवाई की मांग..

मामले को लेकर पंचों ने जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल को शिकायत सौंपते हुए पंचायत के कामकाज और 15 अगस्त के आयोजन से जुड़े आरोपों की जांच की मांग की है। वहीं कलेक्टर संजय अग्रवाल से भी शिकायत कर प्रशासनिक स्तर पर मामले की निष्पक्ष जांच कराने का आग्रह किया गया है।

पंचों ने मांग की है कि जांच के दौरान आयोजन से संबंधित सभी दस्तावेजों और पंचायत के रिकॉर्ड की जांच की जाए तथा शिकायत में लगाए गए आरोप सही पाए जाने पर जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय की जाए।
अंकित गौरहा बोले – राष्ट्रीय पर्व के आयोजन में लापरवाही गंभीर मामला..
मामले पर कांग्रेस नेता अंकित गौरहा ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि 15 अगस्त जैसे राष्ट्रीय पर्व के आयोजन में यदि निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को सम्मानपूर्वक आमंत्रित नहीं किया गया और कार्यक्रम को लेकर आवश्यक प्रक्रिया का पालन नहीं हुआ, तो यह गंभीर और दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है।
उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि देश की एकता, लोकतंत्र और संवैधानिक मूल्यों से जुड़ा राष्ट्रीय पर्व है। ऐसे अवसर पर पंचायत के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की गरिमापूर्ण सहभागिता सुनिश्चित करना जरूरी है। यदि शिकायत में लगाए गए आरोप जांच में सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार अधिकारियों, कर्मचारियों अथवा पंचायत पदाधिकारियों की जवाबदेही तय कर नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
जांच के बाद ही साफ होगी वास्तविक स्थिति..
फिलहाल बैमा पंचायत का विवाद प्रशासन की जांच के दायरे में पहुंच गया है। पंचों द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि होना अभी बाकी है। अब ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों की नजर जिला प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर है। यदि प्रशासन द्वारा पंचायत के रिकॉर्ड, बैठक कार्यवाही और 15 अगस्त आयोजन से जुड़े वित्तीय दस्तावेजों की जांच कराई जाती है, तो विवाद से जुड़ी वास्तविक स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।







