सहकारी समितियों को मजबूत बनाने पर जोर, 31 अगस्त तक सभी पैक्स के कंप्यूटराइजेशन का लक्ष्य..

बिलासपुर, 19 अगस्त 2026। किसानों को समय पर ऋण, सहकारी समितियों को मजबूत आधारभूत सुविधाएं और गांव-गांव तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर सरकार का फोकस है। इसी दिशा में वन एवं जलवायु परिवर्तन, परिवहन एवं सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने बुधवार को जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के सभाकक्ष में विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक कर बैंक और सहकारी संस्थाओं के कामकाज की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में सबसे महत्वपूर्ण जानकारी यह सामने आई कि वर्ष 2026 में अब तक किसानों को 904 करोड़ 80 लाख रुपये से अधिक का ऋण उपलब्ध कराया जा चुका है।

मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि पात्र किसानों को ऋण के लिए अनावश्यक परेशानी न हो और शासन की किसान हितैषी योजनाओं का लाभ समय पर मिले। उन्होंने सहकारी संस्थाओं को केवल ऋण वितरण तक सीमित न रखते हुए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का माध्यम बनाने पर जोर दिया।
47 नई समितियों को मिलेगा अपना आधार..
मंत्री कश्यप ने बताया कि पांच जिलों में 47 नई सहकारी समितियां खोली गई हैं। इनमें अकेले बिलासपुर जिले में 16 समितियां शामिल हैं। उन्होंने इन नई समितियों में जरूरी बुनियादी सुविधाएं, संसाधन और अन्य व्यवस्थाएं जल्द उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि समिति तभी प्रभावी होगी, जब किसानों को अपने क्षेत्र में ही सहकारिता से जुड़ी जरूरी सेवाएं आसानी से मिल सकें। इसलिए नई समितियों को संसाधनों से मजबूत करने और उन्हें प्रभावी ढंग से संचालित करने पर विशेष ध्यान दिया जाए।
नकद और वस्तु ऋण मिलाकर 904 करोड़ से अधिक..
बैठक में ऋण वितरण की प्रगति की भी विस्तार से समीक्षा हुई। अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2026 में किसानों को 73,207.17 लाख रुपये का नगद ऋण तथा 17,273.35 लाख रुपये का वस्तु ऋण वितरित किया गया है। दोनों को मिलाकर किसानों को 904 करोड़ 80 लाख रुपये से अधिक की ऋण सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
मंत्री ने कहा कि ऋण वितरण में पात्रता और नियमों का पालन करते हुए किसानों को समय पर सुविधा उपलब्ध कराना प्राथमिकता होनी चाहिए। सहकारी बैंक की सेवाओं को और सरल एवं सुविधाजनक बनाने के निर्देश भी दिए गए।
31 अगस्त तक पूरा होगा पैक्स का कंप्यूटराइजेशन..
प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों यानी पैक्स के कंप्यूटराइजेशन को लेकर मंत्री ने कड़ा रुख अपनाया। समीक्षा में सामने आया कि कुछ समितियों में डेटा एंट्री का काम अभी पूरा नहीं हुआ है। इस पर उन्होंने 31 अगस्त तक सभी पैक्स में डेटा एंट्री और कंप्यूटराइजेशन का कार्य शत-प्रतिशत पूरा करने के निर्देश दिए।
कंप्यूटराइजेशन से समितियों के कामकाज में पारदर्शिता बढ़ने के साथ किसानों से जुड़े रिकॉर्ड और सेवाओं को व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी। मंत्री ने साफ कहा कि तय समय सीमा में काम पूरा नहीं होने पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
‘सहकार से समृद्धि’ को गांवों की अर्थव्यवस्था से जोड़ने पर जोर..
बैठक में केंद्र सरकार की ‘सहकार से समृद्धि’ योजना की प्रगति की भी समीक्षा की गई। मंत्री ने सहकारिता के माध्यम से किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि योजनाओं का लाभ केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि इसका सीधा फायदा किसानों और ग्रामीणों तक पहुंचना चाहिए।
कॉमन सर्विस सेंटर की स्थिति की समीक्षा करते हुए सभी केंद्रों में आईडी बनाने के निर्देश दिए गए, ताकि ग्रामीण क्षेत्र में उपलब्ध सेवाओं का बेहतर संचालन हो सके।
गोदाम अधूरे तो जल्द पूरा करें निर्माण..
बैठक में अन्न भंडारण योजना की भी समीक्षा हुई। मंत्री ने योजना का शत-प्रतिशत और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने को कहा। गोदाम निर्माण की स्थिति की जानकारी लेते हुए उन्होंने अधूरे पड़े निर्माण कार्यों को जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने हाउसिंग बोर्ड और संबंधित अधिकारियों से कहा कि अधूरे गोदामों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए, ताकि इनका उपयोग किसानों और सहकारी समितियों के हित में किया जा सके।
किसान क्रेडिट कार्ड के लिए चलेगा अभियान..
मंत्री ने किसान क्रेडिट कार्ड की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने इसके लिए व्यापक प्रचार-प्रसार और अभियान चलाने के निर्देश दिए, ताकि अधिक से अधिक पात्र किसान किसान क्रेडिट कार्ड से जुड़ सकें। उन्होंने कहा कि कृषि कार्यों के लिए किसानों को समय पर ऋण उपलब्ध कराने में किसान क्रेडिट कार्ड महत्वपूर्ण माध्यम है।
बैठक में ऋण वितरण समितियों की स्थिति, वर्तमान और लंबित अल्पकालीन कृषि ऋण, ब्याज अनुदान, माइक्रो एटीएम की उपलब्धता और संचालन तथा सीएम हेल्पलाइन से जुड़े प्रकरणों की भी समीक्षा की गई। मंत्री ने लंबित मामलों का समयबद्ध निराकरण करने और किसानों को सहकारिता विभाग की सेवाएं आसानी से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
किसानों के लिए बड़ी तस्वीर..
904 करोड़ 80 लाख – वर्ष 2026 में वितरित ऋण
73,207.17 लाख – नगद ऋण
17,273.35 लाख – वस्तु ऋण
47 – पांच जिलों में नई सहकारी समितियां
16 – बिलासपुर जिले में नई समितियां
31 अगस्त – पैक्स कंप्यूटराइजेशन पूरा करने की समय सीमा
सहकारिता को गांव की अर्थव्यवस्था का आधार बनाने पर जोर..
बैठक का मुख्य फोकस सहकारी संस्थाओं को मजबूत बनाने के साथ किसानों को स्थानीय स्तर पर बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराना रहा। नई समितियों में सुविधाएं बढ़ाने, पैक्स को डिजिटल बनाने, किसान क्रेडिट कार्ड का दायरा बढ़ाने, भंडारण क्षमता विकसित करने और लंबित मामलों का समयबद्ध निराकरण करने के निर्देशों से सहकारिता व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में सरकार के प्रयास साफ नजर आए।
ये रहे मौजूद..


बैठक में जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के अध्यक्ष रजनीश सिंह, उपाध्यक्ष रजनी साहू, मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रभात मिश्रा, नोडल अधिकारी आशीष दुबे सहित सहकारिता विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।







