सोशल मीडिया पोस्ट पर बवाल : हिंदू देवी-देवताओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी के खिलाफ विहिप-बजरंग दल ने पेंड्रा थाने में दी शिकायत..

फेसबुक पोस्ट और कमेंट के स्क्रीनशॉट पुलिस को सौंपे, धार्मिक भावनाएं आहत करने और समुदायों में वैमनस्य फैलाने का लगाया आरोप; कार्रवाई की मांग..

पेंड्रा। सोशल मीडिया पर हिंदू देवी-देवताओं और धार्मिक मान्यताओं को लेकर कथित तौर पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणियों को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल, जिला गौरेला-पेंड्रा-मरवाही के पदाधिकारियों ने इस मामले में पेंड्रा थाना प्रभारी को लिखित शिकायत सौंपकर जांच और कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। संगठन का आरोप है कि एक फेसबुक प्रोफाइल से भगवान शिव के शिवलिंग सहित हिंदू धर्म की धार्मिक मान्यताओं को लेकर आपत्तिजनक पोस्ट प्रसारित की गई। इसके बाद पोस्ट पर की गई एक अन्य टिप्पणी को भी संगठन ने हिंदू आस्था का उपहास उड़ाने वाला बताया है।

विहिप-बजरंग दल के पदाधिकारियों के अनुसार, ‘हंसराज गोयल’ नामक फेसबुक प्रोफाइल से कथित तौर पर हिंदू देवी-देवताओं और धार्मिक मान्यताओं से संबंधित आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट की गई। शिकायत के मुताबिक, इस पोस्ट पर ‘अरुण पन्नालाल’ नामक व्यक्ति की ओर से भी ऐसी टिप्पणी की गई, जिसे संगठन ने धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला बताया है। संगठन ने अरुण पन्नालाल की पहचान क्रिश्चियन फोरम के अध्यक्ष के रूप में होने का दावा किया है।

धार्मिक सौहार्द प्रभावित होने की जताई आशंका..

संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया पर धर्म और आस्था से जुड़े इस तरह के विवादित पोस्ट और कमेंट से लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत होने के साथ ही क्षेत्र में सामाजिक सौहार्द प्रभावित हो सकता है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए सोशल मीडिया सामग्री की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

विहिप-बजरंग दल ने शिकायत में कहा है कि संबंधित पोस्ट और टिप्पणी को किसने और किस उद्देश्य से प्रसारित किया, इसकी तकनीकी स्तर पर जांच की जानी चाहिए। साथ ही पोस्ट की वास्तविकता, उसे प्रसारित करने वाले अकाउंट और टिप्पणी करने वाले व्यक्ति की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए।

BNS की धाराओं में कार्रवाई की मांग..

शिकायतकर्ताओं ने पुलिस से मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 299 और 196 सहित अन्य लागू प्रावधानों के तहत कार्रवाई की मांग की है। संगठन का कहना है कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार अपराध दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।

शिकायत के साथ कथित फेसबुक पोस्ट और कमेंट के स्क्रीनशॉट भी पुलिस को उपलब्ध कराए गए हैं, ताकि जांच में इन्हें प्रारंभिक साक्ष्य के तौर पर शामिल किया जा सके।

‘आस्था का अपमान स्वीकार नहीं’..

विहिप-बजरंग दल के पदाधिकारियों ने कहा कि धार्मिक स्वतंत्रता और सामाजिक सौहार्द बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। किसी भी धर्म की आस्था और धार्मिक प्रतीकों को लेकर आपत्तिजनक सामग्री का प्रसार सामाजिक तनाव का कारण बन सकता है। संगठन ने पुलिस से मामले की शीघ्र जांच कर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है।

शिकायत सौंपने वालों में सागर पटेल, विभाग संयोजक बजरंग दल बिलासपुर विभाग, निखिल परिहार, जिला सह मंत्री विश्व हिंदू परिषद, विनय पांडे, जिला सह संयोजक बजरंग दल, अनुराग पांडे, जिला मंदिर एवं अर्चक-पुरोहित प्रमुख विश्व हिंदू परिषद, शनि पटेल, जिला सह गौरक्षा प्रमुख बजरंग दल सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।

नोट: पोस्ट और कमेंट की सामग्री तथा संबंधित व्यक्तियों की भूमिका के संबंध में लगाए गए आरोप शिकायतकर्ताओं के दावे हैं। पुलिस जांच के बाद ही आरोपों की पुष्टि हो सकेगी।