कोरिया : छात्रा पूजा पैकरा को खुदकुशी के लिए उकसाने वाले 2 आरोपी अब भी पुलिस की पकड़ से दूर, गिरफ्तारी में देरी से भड़का आदिवासी समाज..

बैकुंठपुर (कोरिया)। पुलिस लाइन में रहने वाली छात्रा पूजा पैकरा की मौत के मामले में पुलिस की ढीली कार्रवाई ने लोगों का गुस्सा भड़का दिया है। 8 जुलाई को हुई इस घटना में पुलिस अब तक केवल एक ही आरोपी विनोद बैद को जेल भेज पाई है। बाकी दो नामजद आरोपियों को पकड़ने में पुलिस के हाथ अभी तक खाली हैं।

फरारों की इसी आजादी और पुलिस की लेटलतीफी के विरोध में रविवार को सर्व आदिवासी समाज सड़क पर उतर आया। परिजनों, सामाजिक संगठनों और हजारों ग्रामीणों ने मिलकर शहर में एक विशाल रैली निकाली और पुलिस प्रशासन के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर की।

एसपी कार्यालय घेरने निकले, रास्ते में पुलिस ने रोका..

प्रदर्शनकारियों की भीड़ शहर के अलग-अलग रास्तों से होते हुए एसपी कार्यालय का घेराव करने के मकसद से निकली थी। लोगों का हुजूम देखते हुए प्रशासन ने पहले से ही तैयारी कर रखी थी। पुलिस बल ने बैरिकेडिंग कर रैली को बीच रास्ते में ही रोक दिया। आगे न बढ़ पाने पर प्रदर्शनकारियों ने कुमार चौक पर ही अपना मंच बना लिया। वहीं सभा आयोजित कर प्रशासन के रवैये पर सवाल उठाए और अपनी मांगें रखीं।

मार्ट संचालकों की प्रताड़ना का है आरोप..

जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला मार्ट के संचालकों द्वारा की गई मानसिक प्रताड़ना का है।आरोप है कि इन्हीं लोगों के दबाव और प्रताड़ना से तंग आकर पूजा ने 8 जुलाई की दोपहर अपने घर में अपनी जान दे दी थी। परिजनों का कहना है कि जब तक सभी आरोपी सलाखों के पीछे नहीं जाते, मृतका के परिवार को न्याय नहीं मिलेगा। एक आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस बाकी दोनों आरोपियों को क्यों नहीं खोज पा रही है, यह बात इलाके के लोगों को अखर रही है।

चेतावनी : आगे और उग्र होगा आंदोलन..

आदिवासी नेता नंदकुमार साय ने मंच से बोलते हुए पुलिस से बिना किसी पक्षपात के जांच करने को कहा। उन्होंने कहा कि दोषियों पर ऐसी कार्रवाई हो जो मिसाल बने, किसी को भी बख्शा नहीं जाना चाहिए। वहीं, कोरिया पुलिस अधीक्षक के नाम ज्ञापन सौंपते हुए प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि दोषियों को फांसी की सजा मिलनी चाहिए। अगर पुलिस ने जल्द ही भागे हुए आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया, तो आने वाले समय में यह आंदोलन शहर भर में फैलेगा और प्रशासन को इसका कड़ा विरोध झेलना पड़ेगा।