रेल संस्कृति निकेतन में थांग-टा का दमदार प्रदर्शन, प्रदेशभर के खिलाड़ियों ने दिखाया हुनर..दो दिवसीय राज्य स्तरीय चैंपियनशिप का भव्य समापन, विजेताओं को पदक और ट्रॉफी से किया गया सम्मानित..

बिलासपुर। रेल संस्कृति निकेतन, बिलासपुर में आयोजित 6वीं छत्तीसगढ़ राज्य स्तरीय थांग-टा चैंपियनशिप-2026 का रविवार को भव्य समापन हुआ। दो दिनों तक चले इस राज्य स्तरीय आयोजन में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए सब-जूनियर, जूनियर और सीनियर वर्ग के खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन करते हुए रोमांचक मुकाबले खेले। प्रतियोगिता ने न केवल खिलाड़ियों की तकनीकी दक्षता को मंच प्रदान किया, बल्कि खेल भावना, अनुशासन और आत्मरक्षा के महत्व को भी मजबूती से सामने रखा।

छत्तीसगढ़ थांग-टा एसोसिएशन द्वारा थांग-टा फेडरेशन ऑफ इंडिया के तत्वावधान में तथा नॉर्थ ईस्ट इंस्टीट्यूट (एनईआई), बिलासपुर के सहयोग से आयोजित इस प्रतियोगिता में बड़ी संख्या में बालक एवं बालिका खिलाड़ियों ने भाग लिया। फुनाबा अमा और फुनाबा अनिशुबा स्पर्धाओं के विभिन्न भार वर्गों में खिलाड़ियों के बीच कड़े मुकाबले देखने को मिले। प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों ने अपनी गति, संतुलन, साहस और तकनीकी कौशल से दर्शकों और निर्णायकों को प्रभावित किया।

प्रतियोगिता का शुभारंभ 11 जुलाई को दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। उद्घाटन समारोह में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के मंडल कार्मिक अधिकारी यू. शिव शंकर राव, सहायक कार्मिक अधिकारी रंजन कुमार, नॉर्थ ईस्ट इंस्टीट्यूट के सचिव सी. नवीन कुमार तथा हेमन सिंह परिहार विशेष रूप से उपस्थित रहे। अतिथियों ने खिलाड़ियों को खेलों के माध्यम से व्यक्तित्व विकास, आत्मविश्वास और अनुशासन के महत्व पर प्रेरक संदेश दिए।

समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह में सहयोग फाउंडेशन की संस्थापक किरण सिंह, भारतीय जनता युवा मोर्चा छत्तीसगढ़ के प्रदेश मंत्री सनी केशरी तथा तोरवा थाना प्रभारी रजनीश सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। अतिथियों ने विभिन्न वर्गों के विजेता खिलाड़ियों को पदक, प्रमाण-पत्र और ट्रॉफी प्रदान कर सम्मानित किया। साथ ही प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित किया।

प्रतियोगिता में सब-जूनियर और जूनियर वर्ग के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। मोहिक सरकार, मयंक पाल, यथार्थ निर्मलकर, अभिज्ञनाथ सिंह, आदित्य, दिनेश ध्रुव, शुभम, अभिनव पांडेय, उन्मुक्त साहू, चंचल साहू, हरिओम लोहार और यश कुमार साहू जैसे खिलाड़ियों ने अपने-अपने भार वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर विशेष पहचान बनाई। वहीं बालिका वर्ग में शाश्वती देवांगन, तिस्ता शर्मा, शायरा सोनी, भावना दुरी और नैन्सी सानिके ने स्वर्ण पदक हासिल कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया।

आयोजन समिति के अध्यक्ष सतीश कुमार टंडन, महासचिव एवं राज्य प्रतिनिधि घनश्याम सिंह तथा सचिव सी. नवीन कुमार ने प्रतियोगिता की सफलता पर सभी खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों, निर्णायकों, अभिभावकों और सहयोगी संस्थाओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि थांग-टा केवल एक खेल नहीं बल्कि आत्मरक्षा, शारीरिक दक्षता और मानसिक मजबूती का माध्यम है। भविष्य में भी इस खेल के प्रचार-प्रसार और युवा प्रतिभाओं को मंच देने के लिए राज्य स्तर पर नियमित प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा।

आयोजकों के अनुसार प्रतियोगिता में खिलाड़ियों के उत्साह और प्रदर्शन ने यह साबित कर दिया कि छत्तीसगढ़ में थांग-टा खेल तेजी से लोकप्रिय हो रहा है और प्रदेश के खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने की क्षमता रखते हैं। पूरे आयोजन के दौरान खिलाड़ियों, तकनीकी अधिकारियों, निर्णायकों तथा नॉर्थ ईस्ट इंस्टीट्यूट के सहयोग से प्रतियोगिता सफलतापूर्वक संपन्न हुई।