बिलासपुर। छत्तीसगढ़ की राजनीति में नक्सलवाद के मुद्दे पर एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस विधायक अटल श्रीवास्तव के उस कथित बयान को लेकर कड़ा विरोध दर्ज कराया है, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर कुख्यात नक्सली कमांडर हिड़मा को अपना ‘रोल मॉडल’ बताया है। भाजपा ने इसे न केवल गैर-जिम्मेदाराना बयान बताया है, बल्कि नक्सली हिंसा में शहीद हुए जवानों और प्रभावित परिवारों का अपमान भी करार दिया है।

भाजपा जिला बिलासपुर शहर के अध्यक्ष दीपक सिंह ने सोमवार को जारी बयान में कहा कि यदि विधायक अटल श्रीवास्तव ने वास्तव में ऐसा कोई बयान दिया है, तो उन्हें तत्काल जनता के सामने अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हिड़मा का नाम वर्षों से नक्सली हिंसा, सुरक्षा बलों पर हमलों और निर्दोष लोगों की हत्या जैसी घटनाओं से जुड़ा रहा है। ऐसे व्यक्ति को आदर्श या प्रेरणा स्रोत के रूप में प्रस्तुत करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक है।
दीपक सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ लंबे समय से नक्सलवाद की चुनौती से जूझता रहा है। इस संघर्ष में सैकड़ों जवानों ने अपने प्राणों की आहुति दी है और अनेक परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया है। ऐसे समय में किसी भी जनप्रतिनिधि द्वारा नक्सलवाद से जुड़े व्यक्ति का महिमामंडन करना उन सभी बलिदानों का अपमान माना जाएगा।
उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में हिंसा और आतंक के रास्ते पर चलने वाले लोगों को आदर्श बताना समाज को गलत दिशा में ले जाने वाला संदेश है। इससे नक्सलवाद के खिलाफ चल रही वैचारिक और सुरक्षा संबंधी लड़ाई भी कमजोर पड़ सकती है। भाजपा का मानना है कि सार्वजनिक जीवन में रहने वाले नेताओं को अपने बयानों के प्रति अधिक जिम्मेदार होना चाहिए।
भाजपा जिलाध्यक्ष ने कांग्रेस नेतृत्व से भी इस मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करने की मांग की। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या कांग्रेस पार्टी अटल श्रीवास्तव के कथित बयान से सहमत है। यदि पार्टी की सोच इससे अलग है तो उसे सार्वजनिक रूप से इस बयान से दूरी बनानी चाहिए और आवश्यक कार्रवाई करनी चाहिए।
दीपक सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता नक्सलवाद के खिलाफ एकजुट होकर खड़ी है और राज्य में शांति, विकास तथा सुरक्षा का वातावरण चाहती है। ऐसे में नक्सली हिंसा से जुड़े किसी भी व्यक्ति का महिमामंडन जनता स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि भाजपा हमेशा शहीद जवानों के सम्मान और नक्सल प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी रही है तथा भविष्य में भी नक्सलवाद के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करती रहेगी।
इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है और अब सभी की नजरें कांग्रेस तथा विधायक अटल श्रीवास्तव की ओर हैं कि वे इस विवाद पर क्या स्पष्टीकरण देते हैं।







