बलरामपुर। वन संपदा की अवैध तस्करी और फर्जी दस्तावेजों के सहारे लकड़ी परिवहन के प्रयास पर वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में लकड़ी से भरे एक ट्रक को जब्त किया है। नियमित जांच अभियान के दौरान कनहर बैरियर पर पकड़े गए इस मामले में 22.074 घनमीटर लकड़ी के साथ ट्रक को कब्जे में लेकर वन अपराध प्रकरण दर्ज किया गया है। वन विभाग अब इस पूरे नेटवर्क की जांच कर रहा है और मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।

वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार वन मंडलाधिकारी आलोक कुमार बाजपेई के निर्देश पर रामानुजगंज वन परिक्षेत्र में अवैध वन उपज के परिवहन को रोकने के लिए लगातार सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में परिक्षेत्राधिकारी के नेतृत्व में कनहर बैरियर पर वाहनों की जांच की जा रही थी। जांच के दौरान ट्रक क्रमांक CG-15 ED-9966 को रोककर उसके परिवहन दस्तावेजों की पड़ताल की गई।

प्रारंभिक जांच में ही दस्तावेज संदिग्ध नजर आए, जिसके बाद अधिकारियों ने गहन सत्यापन किया। जांच में सामने आया कि ट्रक में खम्हार, जामुन और नीलगिरी प्रजाति की कुल 89 नग लकड़ियां लोड थीं। इनका कुल आयतन 22.074 घनमीटर पाया गया। दस्तावेजों की जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि लकड़ी का परिवहन फर्जी कागजातों के आधार पर किया जा रहा था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए ट्रक और उसमें लदी लकड़ी को जब्त कर लिया। इस संबंध में वन अपराध क्रमांक 21972/09, दिनांक 09 जुलाई 2026 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। जब्त वाहन को आगे की वैधानिक कार्रवाई के लिए चोरपहरी डिपो में सुरक्षित रखा गया है।
वन अधिकारियों का कहना है कि यह केवल अवैध परिवहन का मामला नहीं बल्कि वन संपदा की तस्करी के लिए फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल का गंभीर प्रकरण है।
इसलिए पूरे मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। दस्तावेज तैयार करने वाले, लकड़ी के स्रोत तथा परिवहन से जुड़े अन्य व्यक्तियों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है। जांच में जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके विरुद्ध वन अधिनियम के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस कार्रवाई में वनपाल दयाशंकर, विजय बर्मन, सुसना भगत, राजनाथ, पिंटू मालाकार, मंगल राम और निखिल सहित वन विभाग के कर्मचारियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
वन मंडलाधिकारी आलोक कुमार बाजपेई ने कहा कि वन विभाग अवैध लकड़ी कटाई और परिवहन के खिलाफ लगातार अभियान चला रहा है। कनहर बैरियर पर की गई जांच में फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से लकड़ी परिवहन का मामला सामने आने पर तत्काल कार्रवाई की गई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि वन संपदा की तस्करी और अवैध वन उपज के परिवहन को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
वन विभाग की इस कार्रवाई को क्षेत्र में वन तस्करी पर अंकुश लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।अधिकारियों का मानना है कि लगातार निगरानी और सख्त जांच से अवैध लकड़ी कारोबार में संलिप्त लोगों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा।







