उदंती-सीतानदी के जंगलों में दिखा प्रकृति का अद्भुत नजारा, दूधराज पक्षी का जोड़ा घोंसला बनाते कैमरे में कैद.. देखें वीडियो..

दुर्लभ दृश्य ने बढ़ाई वन्यजीव प्रेमियों की उत्सुकता, फॉरेस्ट गार्ड ने रिकॉर्ड किया खूबसूरत वीडियो..

गरियाबंद। उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के घने और हरे-भरे जंगलों में प्रकृति का एक बेहद मनमोहक दृश्य देखने को मिला है। यहां दक्षिण उदंती परिक्षेत्र में भारत के सबसे आकर्षक पक्षियों में से एक माने जाने वाले दूधराज (इंडियन पैराडाइज फ्लाईकैचर) का एक जोड़ा घोंसला बनाते हुए कैमरे में कैद हुआ है। यह दुर्लभ और सुंदर दृश्य वन्यजीव प्रेमियों तथा पक्षी विशेषज्ञों के लिए खास महत्व रखता है।

देखें वीडियो..

उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के फॉरेस्ट गार्ड टेकेश्वर देवांगन ने इस अद्भुत पल को अपने कैमरे में रिकॉर्ड किया। वीडियो में नर और मादा दूधराज पक्षी पेड़ों की टहनियों पर बैठकर बड़ी मेहनत से घोंसला तैयार करते दिखाई दे रहे हैं। पक्षियों की यह स्वाभाविक गतिविधि जंगल की समृद्ध जैव विविधता और सुरक्षित पर्यावरण की झलक प्रस्तुत करती है।

प्रकृति की खूबसूरती का प्रतीक है दूधराज..

दूधराज, जिसे अंग्रेजी में Indian Paradise Flycatcher कहा जाता है, अपनी आकर्षक बनावट और लंबी सफेद पूंछ के कारण पक्षी प्रेमियों के बीच बेहद लोकप्रिय है। नर पक्षी का सफेद रंग और लंबी रिबन जैसी पूंछ उसे अन्य पक्षियों से अलग पहचान दिलाती है, जबकि मादा का रंग अपेक्षाकृत भूरा और हल्का होता है।

यह पक्षी मुख्य रूप से जंगलों और हरियाली वाले क्षेत्रों में पाया जाता है तथा कीट-पतंगों को पकड़कर अपना भोजन करता है। घोंसला निर्माण का यह समय इनके प्रजनन काल का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।

जंगलों की बेहतर सेहत का संकेत..

वन अधिकारियों का मानना है कि किसी क्षेत्र में पक्षियों की सक्रियता और प्रजनन गतिविधियां उस जंगल की पारिस्थितिक गुणवत्ता का महत्वपूर्ण संकेत होती हैं। दूधराज जैसे संवेदनशील पक्षियों का सुरक्षित वातावरण में घोंसला बनाना यह दर्शाता है कि उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व का प्राकृतिक तंत्र मजबूत और संतुलित है।

वनमंडलाधिकारी (डीएफओ) वरुण जैन ने भी इस दृश्य को जंगलों की समृद्ध जैव विविधता का सकारात्मक संकेत बताया है। उनका कहना है कि रिजर्व क्षेत्र में वन्यजीव संरक्षण और प्राकृतिक आवासों को सुरक्षित रखने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, जिसके अच्छे परिणाम सामने आ रहे हैं।

प्रकृति प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र..

दूधराज पक्षी का यह वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहा है। पक्षियों और वन्यजीवों में रुचि रखने वाले लोग इस दृश्य को प्रकृति की अनमोल धरोहर बता रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के दुर्लभ दृश्य लोगों को पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता के महत्व के प्रति जागरूक करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व पहले से ही बाघ, तेंदुआ, भालू, जंगली कुत्तों और अनेक दुर्लभ पक्षी प्रजातियों के लिए जाना जाता है।अब दूधराज पक्षी के घोंसला निर्माण का यह दृश्य एक बार फिर साबित करता है कि यह क्षेत्र वन्यजीवों के लिए सुरक्षित और समृद्ध प्राकृतिक आवास बना हुआ है।