

बिलासपुर। बिलासपुर में अवैध खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए खनन माफियाओं पर सख्त शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। कलेक्टर के निर्देश और उप संचालक खनिज के मार्गदर्शन में खनिज विभाग की टीम ने जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाकर 9 वाहनों को जब्त किया है। इनमें 2 जेसीबी मशीन, 1 लोडर मशीन, 5 हाईवा और 1 ट्रेलर शामिल हैं। इसके साथ ही एक अवैध कोयला डिपो को सील कर लगभग 1500 मीट्रिक टन कोयला जब्त किया गया है।


खनिज विभाग के अनुसार 26 मई को ग्राम लिम्हा क्षेत्र में संचालित मेसर्स कश्यप कोल डिपो की जांच की गई। जांच के दौरान पता चला कि डिपो की भंडारण अनुज्ञा अवधि समाप्त हो चुकी थी, इसके बावजूद वहां कोयले का भंडारण और संचालन जारी था। विभागीय टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए डिपो को सील कर दिया। मौके पर खड़े ट्रेलर वाहन और भारी मात्रा में रखे गए करीब 1500 मीट्रिक टन कोयले को भी जब्त कर लिया गया। कार्रवाई के दौरान उपयोग में लाई जा रही लोडर मशीन को भी सील किया गया।

इसी अभियान के दौरान खनन क्षेत्र में शासकीय भूमि पर बिना अनुमति खनिज उत्खनन करते हुए दो जेसीबी मशीनें पकड़ी गईं। विभागीय टीम के पहुंचते ही दो हाईवा वाहन चालक वाहन छोड़कर फरार हो गए, जिसके बाद वाहनों को मौके पर ही सील कर दिया गया। जब्त ट्रेलर और दोनों जेसीबी मशीनों को रतनपुर थाना की अभिरक्षा में रखा गया है, जबकि अन्य वाहनों को यथास्थान सील किया गया है।
खनिज विभाग ने 27 मई को भी कार्रवाई जारी रखते हुए पचपेड़ी, लावर और मस्तूरी क्षेत्र में संयुक्त जांच अभियान चलाया। इस दौरान पचपेड़ी क्षेत्र में अवैध रूप से चूना पत्थर परिवहन करते एक हाईवा वाहन को पकड़ा गया। वहीं लावर क्षेत्र में बिना वैध दस्तावेज रेत परिवहन करते दो हाईवा वाहनों को जब्त किया गया। सभी मामलों में खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम 1957 के तहत कार्रवाई की जा रही है।
प्रशासन का कहना है कि जिले में अवैध उत्खनन और परिवहन के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। खनिज, राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम को संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों का मानना है कि लगातार हो रही कार्रवाई से अवैध कारोबार में शामिल लोगों पर प्रभावी अंकुश लगेगा और शासन को होने वाले राजस्व नुकसान को रोका जा सकेगा।



