

तिरुवनंतपुरम। केरल की राजनीति में बुधवार का दिन भारी हंगामे और तनाव भरा रहा। मनी लॉन्ड्रिंग के एक चर्चित मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के ठिकानों पर बड़ी कार्रवाई की है। सुबह करीब 7 बजे 12 सदस्यीय ED की टीम तिरुवनंतपुरम के बेकरी जंक्शन स्थित विजयन के किराए के मकान समेत राज्य के 10 ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन के लिए पहुंची। कार्रवाई के वक्त पूर्व CM और उनका परिवार घर के अंदर ही मौजूद था।

ED की टीम पर समर्थकों का हमला..
जैसे ही विजयन के आवास पर छापे की खबर फैली, भारी संख्या में उनके समर्थक और सीपीआई (CPI) कार्यकर्ता घर के बाहर इकट्ठा हो गए। दोपहर करीब 2 बजे जब जांच के बाद ED की टीम बाहर निकलने लगी, तो भीड़ उग्र हो गई। समर्थकों ने अधिकारियों को घेर लिया और उनकी गाड़ियों पर पत्थर तथा पानी की बोतलें फेंकनी शुरू कर दीं। उग्र भीड़ ने लाठियों से हमला कर कारों के शीशे पूरी तरह तोड़ दिए, जिससे मौके पर भारी अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
4 शहरों में 10 ठिकानों पर ताबड़तोड़ एक्शन..
केंद्रीय जांच एजेंसी ने एक साथ 4 शहरों में यह सर्च ऑपरेशन चलाया है :
तिरुवनंतपुरम : बेकरी जंक्शन स्थित विजयन का किराए का घर, जहां उनकी बेटी वीणा विजयन भी रहती हैं।
कन्नूर : पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन का पुश्तैनी घर।
कोझिकोड : विजयन के दामाद और माकपा विधायक पी.ए. मोहम्मद रियास का आवास।
अलुवा : कोचीन मिनरल्स एंड रुटाइल लिमिटेड (CMRL) का कॉर्पोरेट ऑफिस और कंपनी के MD शशिधरन कार्था का घर।
विजयन का तंज : ‘राहुल गांधी को उनके सवाल का जवाब मिल गया’
इस कार्रवाई पर पिनाराई विजयन की तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने कहा, “ED काफी समय से मेरे घर की तलाशी लेने की फिराक में थी। मुझे लगता है कि आज की इस कार्रवाई से राहुल गांधी जैसे व्यक्ति को बहुत संतुष्टि मिली होगी। वे अक्सर चुनाव में यही सवाल पूछते थे कि मेरे घर छापा क्यों नहीं मारा जा रहा और मुझे गिरफ्तार क्यों नहीं किया जाता।” विजयन ने आरोप लगाया कि केंद्र की भाजपा सरकार विपक्षी नेताओं को डराने के लिए जान-बूझकर ऐसे हमले कर रही है।
बेटी की कंपनी से जुड़ा 7 साल पुराना है मामला..
यह पूरा विवाद विजयन की बेटी टी. वीणा की आईटी कंपनी ‘एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस’ से जुड़ा है। आरोप है कि साल 2018-19 में CMRL ने वीणा की कंपनी को बिना कोई सर्विस लिए ₹1.72 करोड़ का मंथली पेमेंट किया था।
सबसे पहले इनकम टैक्स विभाग ने इस संदिग्ध लेन-देन का खुलासा किया था, जिसके बाद ED ने साल 2024 में PMLA के तहत केस दर्ज किया। यह मामला विजयन सरकार के कार्यकाल के सबसे संवेदनशील विवादों में से एक रहा है। बता दें कि एक दिन पहले (मंगलवार) ही केरल हाईकोर्ट ने CMRL की वह याचिका खारिज कर दी थी, जिसमें ED की जांच रद्द करने की मांग की गई थी। फिलहाल, ED के अलावा सीरियस फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन ऑफिस (SFIO) भी इस हाई-प्रोफाइल मामले की गहराई से जांच कर रहा है।



