कैंसर मरीजों के लिए उम्मीद बना बालको मेडिकल सेंटर..रोबोटिक सर्जरी और आधुनिक तकनीक से अब मध्य भारत में आसान, किफायती और विश्वस्तरीय इलाज..

रायपुर। मध्य भारत में कैंसर के इलाज को लेकर वर्षों से चली आ रही सबसे बड़ी समस्या अब धीरे-धीरे खत्म होती नजर आ रही है। अत्याधुनिक इलाज और आधुनिक सर्जिकल सुविधाओं के अभाव में जहां मरीजों को बड़े महानगरों का रुख करना पड़ता था, वहीं अब बालको मेडिकल सेंटर कैंसर मरीजों के लिए नई उम्मीद बनकर सामने आया है। आधुनिक तकनीक, अनुभवी विशेषज्ञों और किफायती इलाज के माध्यम से यह संस्थान हजारों परिवारों को राहत पहुंचा रहा है।

‘वेदांता मेडिकल रिसर्च फाउंडेशन’ के तहत संचालित 170 बिस्तरों वाला यह गैर-लाभकारी अस्पताल कैंसर मरीजों को एक ही छत के नीचे विश्वस्तरीय इलाज उपलब्ध करा रहा है। अस्पताल का उद्देश्य जरूरतमंद लोगों तक आधुनिक कैंसर उपचार और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना है, ताकि मरीजों को इलाज के लिए महानगरों में भटकना न पड़े।

67 हजार से ज्यादा मरीजों का इलाज..

पिछले आठ वर्षों में अस्पताल ने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। अब तक यहां 67 हजार से अधिक मरीजों का इलाज किया जा चुका है। वहीं 4.4 लाख से ज्यादा मरीज ओपीडी में परामर्श के लिए पहुंचे। अस्पताल में 12,500 से अधिक कैंसर सर्जरी सफलतापूर्वक की गई हैं। इसके अलावा मोबाइल कैंसर जांच वैन और जागरूकता अभियानों के माध्यम से दूरदराज क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई गईं, जिससे कैंसर की शुरुआती पहचान में काफी मदद मिली है।

एक ही छत के नीचे कैंसर इलाज की पूरी व्यवस्था..

बालको मेडिकल सेंटर की सबसे बड़ी खासियत इसका ‘इंटीग्रेटेड ऑन्कोलॉजी मॉडल’ है। यहां मेडिकल, सर्जिकल और रेडिएशन ऑन्कोलॉजी विशेषज्ञ मिलकर मरीजों का इलाज करते हैं। इससे गंभीर मामलों में तुरंत निर्णय लेना आसान होता है और मरीजों को अलग-अलग अस्पतालों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते। इस व्यवस्था से मरीजों और उनके परिवारों का मानसिक, शारीरिक और आर्थिक बोझ काफी कम हुआ है।

रोबोटिक सर्जरी से इलाज हुआ और बेहतर..

अस्पताल ने अब ‘डा विंची एक्स आई’ रोबोटिक सर्जिकल सिस्टम की शुरुआत की है। इसके साथ ही यह पूरे क्षेत्र का पहला ऐसा अस्पताल बन गया है जहां रोबोटिक तकनीक से कैंसर सर्जरी की सुविधा उपलब्ध है। हाई-डेफिनिशन 3डी इमेजिंग और आधुनिक कंट्रोल सिस्टम से डॉक्टर बेहद जटिल ऑपरेशन भी अधिक सटीकता से कर पा रहे हैं।

इस तकनीक का सबसे बड़ा फायदा मरीजों को मिल रहा है। ऑपरेशन के दौरान कम रक्तस्राव होता है, दर्द कम होता है, अस्पताल में कम दिन रुकना पड़ता है और मरीज जल्दी स्वस्थ होकर घर लौट पाते हैं।

आधुनिक ऑपरेशन थिएटर से बढ़ी सुविधाएं..

कैंसर सर्जरी की बढ़ती जरूरतों को देखते हुए अस्पताल में 6 अत्याधुनिक ऑपरेशन थिएटर स्थापित किए गए हैं। अंतरराष्ट्रीय मानकों पर तैयार ये मॉड्युलर ओटी हेपा-फिल्टर्ड एयर सिस्टम और नियंत्रित वातावरण से लैस हैं, जिससे संक्रमण का खतरा कम होता है और ऑपरेशन अधिक सुरक्षित बनते हैं।

कैंसर इलाज को नई दिशा देने की तैयारी..

वेदांता मेडिकल रिसर्च फाउंडेशन की मेडिकल डायरेक्टर डॉ. भावना सिरोही ने कहा कि बीएमसी को कैंसर उपचार के उत्कृष्ट केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि रोबोटिक सर्जरी और नई सर्जिकल सुविधाओं से अब जटिल कैंसर मामलों का इलाज भी आसानी से संभव हो सकेगा। साथ ही अस्पताल आधुनिक तकनीकों में डॉक्टरों को प्रशिक्षित करने की दिशा में भी कार्य कर रहा है।

पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी पहल..

अस्पताल ने स्वास्थ्य सेवाओं के साथ पर्यावरण संरक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया है। इसके लिए सौर ऊर्जा प्रणाली को अपनाया गया है, ताकि स्वास्थ्य सेवाएं पर्यावरण के अनुकूल और टिकाऊ बन सकें।

मरीजों के लिए राहत और नई उम्मीद..

बालको मेडिकल सेंटर में आधुनिक सुविधाएं मिलने से अब मरीजों को इलाज के लिए दूर-दराज शहरों में भटकना नहीं पड़ रहा है। घर के पास ही बेहतर इलाज उपलब्ध होने से समय पर बीमारी की पहचान और इलाज संभव हो पा रहा है। इससे मरीजों और उनके परिवारों का मानसिक तनाव, आर्थिक बोझ और लंबी यात्रा की परेशानी भी काफी कम हुई है।

इंटीग्रेटेड कैंसर केयर, रोबोटिक सर्जरी और अत्याधुनिक तकनीकों के माध्यम से बालको मेडिकल सेंटर अब मध्य भारत में कैंसर इलाज की तस्वीर बदलने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।